इंटरमिटेंट फास्टिंग के दौरान इन बातों को ना करें नजरअंदाज
इंटरमिटेंट फास्टिंग करते हुए आपको कुछ बातों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
Intermittent Fasting Fast Results: आज के समय में लोग तरह-तरह की डाइट को फॉलो करते हैं। ऐसी कई डाइट हैं, जो पूरी दुनिया में ट्रेन्ड में है। इन्हीं में से एक है इंटरमिटेंट फास्टिंग। यह एक ऐसी डाइट है, जिसे आम लोगों से लेकर बड़े-बड़े सेलिब्रिटीज तक फॉलो करना पसंद करते हैं। इससे न केवल वजन कम करने में मदद मिलती है, बल्कि शरीर भी अधिक एनर्जेटिक बनता है और स्किन का ग्लो भी काफी बढ़ जाता है। आज के समय में हर कोई इंटरमिटेंट फास्टिंग करना चाहता है, लेकिन उन्हें इसे करने का सही तरीका नहीं पता होता। अमूमन यह देखने में आता है कि लोग इंटरमिटेंट फास्टिंग करते हुए सिर्फ खाना छोड़ देते हैं या फिर सिर्फ टाइम स्लॉट को ही फॉलो करना शुरू कर देते हैं। हालांकि, ऐसा करने से कुछ नहीं होने वाला।
आपको यह भी समझना चाहिए कि अगर इंटरमिटेंट फास्टिंग को सही तरह से फॉलो ना किया जाए तो इससे आपको थकान, चिड़चिड़ापन, पेट फूलना, या फिर वजन भी बढ़ सकता है। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको ऐसे ही कुछ छोटे-छोटे टिप्स के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें आपको इंटरमिटेंट फास्टिंग को फॉलो करते हुए ध्यान में रखना चाहिए-
लाइफस्टाइल के अनुसार चुनें फास्टिंग विंडो
इंटरमिटेंट फास्टिंग में खाने व फास्टिंग का एक पैटर्न होता है। मसलन, 16:8, 14:10, 18:6 ऐसे पैटर्न है, जिसे अक्सर फॉलो किया जाता है। लेकिन कई बार लोग दूसरों की देखा-देखी फास्टिंग विंडो फॉलो करना शुरू कर देते हैं। हालांकि, आपको अपने लाइफस्टाइल के अनुसार ही फास्टिंग विंडो चुनना चाहिए। इससे उसे फॉलो करना ज़्यादा आसान होता है। जैसे अगर आप जल्दी उठते हैं, तो आप सुबह 8 बजे से 6 बजे तक खाने वाला प्लान चुने सकते हैं। वहीं, अगर आप देर से उठते हैं या फिर लेट नाइट तक काम करते हैं तो ऐसे में आप सुबह 12 से 8 बजे तक का प्लान फॉलो कर सकते हैं।
फास्टिंग खोलते समय बैलेंस लें मील

इंटरमिटेंट फास्टिंग का मतलब ईटिंग विंडो में कुछ भी खा लेना नहीं है। जब आप लंबे समय के बाद खाना खाती हैं तो आप क्या खा रही हैं, इसका भी गहरा असर आपकी सेहत पर पड़ता है। कोशिश करें कि आप जब दिन में अपना पहला मील लें तो वह बैलेंस्ड होना जरूरी है। आप फल-सब्ज़ी जैसे फाइबर वाले कार्ब्स, अंडा-पनीर जैसे प्रोटीन और ड्रायफ्रूट्स जैसे हेल्दी फैट्स ले सकते हैं। इस तरह के खाने से ब्लड शुगर नहीं बढ़ता और पेट देर तक भरा रहता है। इससे भूख कंट्रोल में रहती है।
ईटिंग विंडो में ना करें ओवरईटिंग
अक्सर लोग सोचते हैं कि अगर वे इंटरमिटेंट फास्टिंग कर रहे हैं तो इससे उनका वजन कम हो जाएगा। लेकिन अगर आप ईटिंग विंडो में ओवरईटिंग करते हैं तो इससे आपको कोई फायदा नहीं मिलने वाला। इतना ही नहीं, ईटिंग विंडो में बहुत सारा खाना एक साथ खाने से गैस व थकान की शिकायत हो सकती है। इंटरमिटेंट फास्टिंग का मतलब यह नहीं कि खाने का बदला निकालना है, बल्कि डाइजेशन को आराम देना है।
फास्टिंग में सही तरह से करें वर्कआउट
जब आप इंटरमिटेंट फास्टिंग कर रहे हैं तो उसके साथ-साथ आपको अपने वर्कआउट पर भी ध्यान देना चाहिए। कई बार लोग लंबे समय तक फास्टिंग करते हैं और फास्टिंग पीरियड में हैवी वर्कआउट करते हैं। जबकि आपको ऐसा करने से बचना चाहिए। फास्टिंग पीरियड में आपको लाइट वर्कआउट जैसे टहलना या योग आदि करना चाहिए। हैवी वर्कआउट आप अपने ईटिंग विंडो में ही करें, जिससे आपको कमजोरी का अहसास ना हो और ना ही मसल लॉस हो।
स्वीट ड्रिंक्स को करें अवॉयड

हेल्दी रहने और वेट लॉस करने के लिए आपको अपने खाने का खास ख्याल रखना चाहिए। ईटिंग विंडो के दौरान अगर आप स्वीट ड्रिंक्स का सेवन बहुत अधिक करते हैं, तो इससे आपका कैलोरी इनटेक काफी बढ़ जाता है। ऐसे में वजन कम करना काफी मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा आपको बार-बार खाने से भी बचना चाहिए। इससे भी आपका कैलेरी इनटेक बढ़ सकता है। वहीं, फास्टिंग पीरियड में आप ब्लैक कॉफी या ग्रीन टी ले सकती हैं, लेकिन कुछ भी मीठा खाने या पीने से फास्ट टूट जाता है और इंसुलिन बढ़ता है जिससे फैट बर्न नहीं होता।
नींद और स्ट्रेस को भी करें कंट्रोल
भले ही आप इंटरमिटेंट फास्टिंग कर रहे हैं, लेकिन फिर भी आपके लाइफस्टाइल की बाकी चीजें भी आपकी हेल्थ पर असर डालती हैं। मसलन, आप डाइट सही से फॉलो कर रही हैं, लेकिन अगर स्ट्रेस ज़्यादा है या नींद पूरी नहीं होती, तो कॉर्टिसोल हार्मोन बढ़ता है जो पेट की चर्बी और भूख बढ़ा सकता है। इसलिए, हेल्दी लाइफ जीने के लिए आप मेडिटेशन, डीप ब्रीदिंग और 7-8 घंटे की नींद लें। इससे हार्मोन बैलेंस बेहतर होता है।
सिर्फ वज़न को ही ना करें ट्रैक

इंटरमिटेंट फास्टिंग को वेट लॉस के लिए काफी अच्छा माना जाता है। लेकिन कुछ लोग इस डाइट को फॉलो करते समय सिर्फ और सिर्फ स्केल पर भी बदलाव देखना चाहते हैं। हालांकि, आपको यह समझना चाहिए कि वज़न घटाना ही सब कुछ नहीं होता। जब आप इस डाइट को सही तरह से फॉलो करते हैं तो इससे आपकी एनर्जी, मूड, डाइजेशन, इंच लॉस, पीरियड्स, नींद और स्किन में सुधार भी दिखेगा। कोशिश करें कि आप इन्हें भी ट्रैक करें। इन्हें ट्रैक करने से आप अधिक मोटिवेटिड फील करेंगे।
