Intermittent Fasting
Intermittent Fasting

Intermittent Fasting: खाना सिर्फ पेट भरने का माध्यम ही नहीं है, बल्कि यह स्वस्थ रहने का एक जरिया है। जब आप अपने आहार पर ध्यान देते हैं तो आपकी कई तरह की बीमारियां खुद ब खुद ठीक हो जाती है। हालांकि, आहार का मतलब सिर्फ अपनी खाने की थाली पर ध्यान देना ही नहीं है, बल्कि आप किस समय और किस तरीके से खाते हैं, यह भी उतना ही अहम है। आज के समय में कई तरह की डाइट ट्रेंड्स में हैं और इन्हीं में एक है इंटरमिटेंट फास्टिंग। यह एक ऐसी डाइट है, जिसमें खाने से ज्यादा उसके समय पर ध्यान दिया जाता है।

आमतौर पर लोग मानते हैं कि इंटरमिटेंट फास्टिंग वजन कम करने का एक अच्छा तरीका है। लेकिन अगर आप इसे सही तरह से फॉलो करते हैं तो इससे केवल आपका वजन ही कम नहीं होता है, बल्कि आपको अपने हार्मोन रेग्युलेट करने से लेकर मेटाबॉलिज्म को बूस्ट अप करने में मदद मिलती है। इस तरह अगर देखा जाए तो इंटरमिटेंट फास्टिंग आपकी ओवर ऑल हेल्थ पर पॉजिटिव असर डालती है। लेकिन ऐसे कई लोग हैं जो इंटरमिटेंट फास्टिंग के दौरान कुछ छोटी-छोटी गलतियां कर बैठते हैं, जिससे उन्हें वह रिजल्ट नहीं मिल पाता है, जिसकी उन्हें उम्मीद होती है। तो चलिए जानते हैं ऐसी ही कुछ गलतियों के बारे में-

फास्टिंग पीरियड बहुत अधिक रखना

ऐसे बहुत से लोग होते हैं, जो जल्द से जल्द रिजल्ट पाने की चाहत रखते हैं। इसलिए उन्हें लगता है कि अगर वे इंटरमिटेंट फास्टिंग के दौरान फास्टिंग पीरियड अधिक रखेंगे, तो उनकी पहले से ही स्टोर फैट का इस्तेमाल करेगी और इस तरह उनकी बॉडी जल्द शेप में आएगी। जबकि ऐसा नहीं है। अगर आप पहली बार इंटरमिटेंट फास्टिंग को अपना रहे हैं तो शुरुआत में फास्टिंग पीरियड कम ही रखना चाहिए। आप 16:8 का फंडा अपना सकते हैं। मसलन, आपका ईटिंग पीरियड 16 घंटे और फास्टिंग पीरियड आठ घंटे का हो। इस तरह आप पहले कुछ दिनों तक यह देखें कि आपकी बॉडी कैसा रिस्पॉन्स कर रही है। उसी के आधार पर आप धीरे-धीरे फास्टिंग पीरियड बढ़ाते जाए। लेकिन एकदम से ऐसा करने की भूल ना करें।

फास्टिंग पीरियड में कुछ भी ना पीना

Intermittent Fasting
Intermittent Fasting

यह सच है कि इंटरमिटेंट फास्टिंग के दौरान आपको अपने ईटिंग विंडो में ही खाना होता है। लेकिन फास्टिंग पीरियड में आप नो कैलोरी ड्रिंक का सेवन कर सकते हैं। कुछ लोग यह सोचते हैं कि उनका फास्टिंग पीरियड चल रहा है, इसलिए वे कुछ पी भी नहीं सकते हैं, जबकि ऐसा नहीं है। अगर आप इंटरमिटेंट फास्टिंग के दौरान अपने हाइड्रेशन लेवल पर ध्यान नहीं देंगे तो इससे आपको वह रिजल्ट नहीं मिलेगा, जो आपने सोचा था। इतना ही नहीं, डिहाइड्रेशन से आपको अन्य भी कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं जैसे थकान, चक्कर आना आदि परेशानी हो सकती है। इसलिए आप बीच-बीच में पानी अवश्य पीते रहें। हालांकि इस बात का ध्यान रखें कि आप फास्टिंग विंडो के दौरान सूप या जूस का सेवन नहीं कर सकते हैं। 

विंडो पीरियड में ओवरईटिंग करना

यूं तो इंटरमिटेंट फास्टिंग के दौरान सिर्फ खाने के समय पर ही ध्यान दिया जाता है। लेकिन इसका अर्थ यह कतई नहीं है कि आप अपने विंडो पीरियड में कुछ भी खा सकते हैं। कुछ लोगों को ऐसा लगता है कि उन्हें फास्टिंग पीरियड में कुछ खाने को नहीं मिलेगा, इसलिए वे अपने विंडो पीरियड में जमकर खाते हैं। कभी-कभी तो शरीर की अनसुनी करके ओवरईटिंग भी कर लेते हैं। हालांकि, ऐसा करने से उनका पूरा कैलोरी काउंट गड़बड़ा जाता है। इससे बाद में फास्टिंग करने से भी कुछ लाभ नहीं होता है। इसलिए, अगर आप इंटरमिटेंट फास्टिंग कर रहे हैं और उससे बेहतर रिजल्ट पाना चाहते हैं तो ऐसे में अपने विंडो पीरियड पर भी उतना ही ध्यान दें। घर का बना हेल्दी फूड खाएं। साथ ही साथ, उसके पोर्शन पर भी ध्यान दें।

अनरियलिस्टिक गोल्स सेट करना

Intermittent Fasting
Intermittent Fasting

लोग मानते हैं कि इंटरमिटेंट फास्टिंग वेट लॉस करने का अच्छा तरीका है और इसलिए जब वे इंटरमिटेंट फास्टिंग शुरू करते हैं तो प्रारंभ में ही अनरियलिस्टिक गोल्स सेट कर लेते हैं। यह उनकी एक बहुत बड़ी भूल है। दरअसल, इंटरमिटेंट फास्टिंग वजन कम के साथ-साथ आपके समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाती है। लेकिन इससे आपको एक दिन या एक महीने में मैजिकल रिजल्ट नहीं मिलेंगे। जब आप अनरियलिस्टिक गोल्स सेट करते हैं और वह पूरे नहीं होते हैं तो इससे आपको निराशा होती है। ऐसे में व्यक्ति इंटरमिटेंट फास्टिंग को बीच में ही छोड़ देता है। जिससे आप कभी भी अपनी हेल्थ को  बेहतर नहीं बना पाते हैं। किसी भी डाइट या पैटर्न में एडजस्ट होने के लिए शरीर को थोड़ा वक्त दें और हमेशा छोटे और रियलिस्टिक गोल रखें।

मेडिकल कंडीशन को अनदेखा करना

इस बात में कोई दोराय नहीं है कि इंटरमिटेंट फास्टिंग से बेमिसाल लाभ मिलते हैं। लेकिन एक सच यह भी है कि हर डाइट हर किसी के लिए नहीं होती है। दरअसल, हर व्यक्ति अलग होता है, उसकी मेडिकल कंडीशन भी अलग होती है। इसलिए, जब आप किसी डाइट को एक्सपर्ट की सलाह के बिना शुरू करते हैं तो इससे आपको कई बार नेगेटिव रिजल्ट भी मिल सकते हैं या फिर कोई हेल्थ इश्यूज भी हो सकते हैं। ऐसा ही कुछ इंटरमिटेंट फास्टिंग के साथ भी है। कभी भी इसे दूसरों की देखा-देखी खुद से शुरू करने की गलती ना करें।  बेहतर होगा कि आप एक बार हेल्थ एक्सपर्ट से मिलें और उनकी राय अवश्य लें।

मैं मिताली जैन, स्वतंत्र लेखिका हूं और मुझे 16 वर्षों से लेखन में सक्रिय हूं। मुझे डिजिटल मीडिया में 9 साल से अधिक का एक्सपीरियंस है। मैं हेल्थ,फिटनेस, ब्यूटी स्किन केयर, किचन, लाइफस्टाइल आदि विषयों पर लिखती हूं। मेरे लेख कई प्रतिष्ठित...