Five signs of nervous system failure
Five signs of nervous system failure

Nervous System Failure: नर्वस सिस्टम हमारे शरीर के हर कार्य को कंट्रोल करता है। हमारा ब्रेन रीढ़ की हड्डी और नर्व सेल्स को मिलाकर नर्वस सिस्टम बनाता है। अगर नर्वस सिस्टम में कोई प्रॉब्लम आ जाए तो मस्तिष्क से जुड़े कई बीमारियां देखने को मिल सकती हैं। यदि हमारे नर्वस सिस्टम यानी तंत्रिका तंत्र में कोई समस्या उत्पन्न होती है तो कई कार्य में रुकावट पैदा होने लगती है और गंभीर समस्याएं भी होने की संभावना बनी रहती है। नर्वस सिस्टम फेल होने पर हमारे शरीर का बैलेंस नियंत्रित करने वाली न्यूरॉन्स की कमी हो सकती है। नर्वस सिस्टम फेल होने पर कुछ संकेत मिलने लगते हैं, जिन्हें समय से पहचान कर डॉक्टर के पास जाना चाहिए। समय पर इलाज से न केवल जीवन को बचाया जा सकता है। बल्कि लाइफ की क्वालिटी को भी मेंटेन किया जा सकता है। आईए जानते हैं ब्रेन फेल होने के पांच संकेत उनके कारण और इलाज के बारे में।

Nervous System Failure-problem in keeping body balanced
problem in keeping body balanced

अगर नस सही से इन्फॉरमेशन को मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के बीच में नहीं पहुंच पाए तो व्यक्ति को शरीर को बैलेंस करने और चलने में कठिनाई हो सकती है। पार्किंसंस रोग, मल्टीपल स्क्लेरोसिस जैसी बीमारियां भी देखने को मिल सकती हैं। चलते वक्त पैरों का लड़खड़ाना, शरीर को सीधे रखने में कठिनाई होना ,अचानक से गिरने का डर इसके संकेत हैं। फिजिकल थेरेपी और दावों की मदद से इसका इलाज संभव है। अगर स्ट्रोक आए तो सर्जरी करवा सकते हैं।

अगर नर्वस सिस्टम के फंक्शनिंग में कोई समस्या होती है तो हमारे रेस्पिरेशन सिस्टम पर भी असर पड़ता है। नर्वस सिस्टम ही हमारे श्वसन प्रक्रिया को कंट्रोल करता है। यदि ब्रेन या रीढ़ की हड्डी में कोई समस्या होती है तो व्यक्ति सही तरीके से सांस नहीं ले पाता। उसे सांस लेने में कठिनाई हो सकती है। कभी-कभी गहरी सांस लेने में भी समस्या महसूस हो सकती है। ऐसे लोगों में नर्वस सिस्टम के फैलियर के चांसेस हो सकते हैं। न्यूरोमस्कुलर विकार या मस्तिष्क और की हड्डी में चोट आना इसका कारण हो सकता है। अगर श्वसन से जुड़ी समस्या आ रही है तो ऑक्सीजन थेरेपी ली जा सकती है और रीढ़ की हड्डी में चोट या मस्तिष्क की समस्या के लिए सर्जरी मददगार साबित हो सकती है।

नर्वस सिस्टम फेल होने के कारण शरीर के कई हिस्सों में सुन्नता या कमजोरी हो सकती है। यदि हमारे नर्वस सेल्स मेें कोई समस्या होती है तो शरीर के हर ऑर्गन्स तक सही से इन्फॉरमेशन नहीं पहुंच पाती, जिससे पैर या हाथ के साथ-साथ शरीर के कई हिस्सों में सुन्नता या कमजोरी की समस्या उत्पन्न हो सकती है। न्यूरोपैथी या रीढ़ की हड्डी के साथ-साथ ब्रेन में चोट इसका कारण हो सकता है। फिजियोथैरेपी और पेन किलर्स तथा सूजन कम करने वाली दवाई का इस्तेमाल करके इसका इलाज संभव है।

Changes in memory and mental status
Changes in memory and mental status

नर्वस सिस्टम में गड़बड़ी से मानसिक स्थिति और याददाश्त पर भी प्रभाव पड़ता है। मस्तिष्क के ब्रेन सेल्स डैमेज होने लगे तो व्यक्ति को भ्रम, डिप्रेशन, चिंता, याददाश्त से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। अल्जाइमर और डिमेंशिया जैसे स्थिति में यह देखा जा सकता है। अल्जाइमर रोग या मस्तिष्क में नर्व सेल्स का डैमेज इसका मुख्य कारण है। साइकोलॉजिस्ट की सहायता और डिमेंशिया के लिए दवाइयों की मदद से इसे कुछ हद तक बेहतर किया जा सकता है।

नर्वस सेल्स फैलियर का एक मुख्य लक्षण आंखों के दृष्टि में बदलाव भी है। हमारे ब्रेन और आंखों के बीच नर्व सेल्स की वजह से संकेत का आदान-प्रदान होता है। अगर नर्वस सेल्स डैमेज होने लगते हैं तो आंखों की दृष्टि धुंधली, डबल या फिर कमजोर हो सकती है। आंखों में दर्द और चुभन की समस्या भी देखने को मिल सकती है। पार्किंसंस रोग, मल्टीपल स्केलेरोसिस जैसी बीमारियां और ब्रेन के नर्व सेल्स का डैमेज होना इसका मुख्य कारण है। आई स्पेशलिस्ट के परामर्श से इसका उपचार कर सकते हैं।

प्रतिमा 'गृहलक्ष्मी’ टीम में लेखक के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं। डिजिटल मीडिया में 10 सालों से अधिक का अनुभव है, जिसने 2013 में काशी विद्यापीठ, वाराणसी से MJMC (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की। बीते वर्षों...