इंसान रहस्यों की खान है इसलिए उसे जानने के लिए भी कई तरीके व ढंग हैं। उन्हीं में से एक है ‘नेल रीडिंग’ यानी इंसान के नाखूनों से उसके व्यक्तित्व स्वभाव एवं भविष्य में झांकना। हमारे नाखून मात्र हमारे हाथों को खूबसूरत ही नहीं बनाते, बल्कि हमारे स्वास्थ्य एवं स्वभाव को भी दर्शाते हैं। फिर इनका आकार हो या इनका रंग, इनकी चमक हो या रुखापन। नाखूनों पर मौजूद लकीरें, निशान, दाग-धब्बे आदि इंसान के बारे में बहुत कुछ कहते हैं।

सुंदर नाखून न केवल हाथों-उंगलियों को आकर्षक बनाते हैं बल्कि हमारी मानसिकता एवं व्यक्तित्व को भी दर्शाते हैं। चमकीले, गुलाबी, आभा युक्त नाखून यदि अच्छे भाग्य एवं स्वस्थ का प्रतीक हैं तो रुखे, खुरदरे, लकीरों एवं धब्बों वाले नाखून दुर्भाग्य एवं खराब स्वास्थ्य का सूचक हैं। यहां तक कि नाखूनों में नीलापन या पीलापन भी इसी बात की पुष्टि करता है।

नाखून हमारे स्वास्थ्य को नहीं दर्शाते बल्कि हमारी शारीरिक स्थिति हमारे नाखूनों द्वारा परिलक्षित होती है यानी हमारे शरीर में हार्मोनों की मात्रा, रक्त का स्तर, मानसिक स्थिति व इनसे होने वाले परिवर्तनों के कारण स्वास्थ्य में तब्दीली हमारे नाखूनों में उनके रंग रूप, आकार, चमक आदि के रूप में उभरकर आती है। यदि हार्मोन आदि सभी आवश्यक तत्त्व व्यक्ति में ठीक मात्रा में हो तो 5-6 महीने में पुराने नाखून में स्थान पर नया नाखून आ जाता है।

नाखून का विकास जड़ से सिरे की ओर होता है। इससे हमें ज्ञात हो सकता है कि नाखून का दोष कब से आरंभ हुआ होगा। अर्थात् यदि सफेद धब्बा या आड़ी धारी जड़ के निकट हो तो दोष का आरंभ महीने भर के आसपास हुआ है। यदि उंगली के सिरे के निकट हो तो दोष का समय चार मास के आसपास का है। किसी भी नाखून का परीक्षण करने से पहले उनकी सहजता देख लें यानी उनको तराश कर बनावटी तौर पर सुआकार न दिया हो न ही उन पर कोई कृत्रिम रंग चढ़ा हो वरना किसी भी तरह का कोई भी नाखून सुदंर लग सकता है और उन पर पाए जाने वाले निशान धब्बे व लकीरें आदि छिप सकती हैं।

किस प्रकार का नाखून क्या दर्शाता है? 

उससे जुड़े रंग व निशान किस बात के प्रतीक है? आइये जानते हैं भिन्न-भिन्न नाखूनों का उनकी विशेषता अनुसार उनका विवरण।

छोटे नाखून-ऐसे नाखून वाले व्यक्तियों में सहनशीलता कम होती है। ये लोग निर्णय पर शीघ्र पहुंच जाते हैं और फिर अपने निर्णय को अंतिम और सर्वोच्च मानते हैं। ऐसे व्यक्ति के साथ बहस करना बेकार होता है। ऐसे नाखून व्यक्ति की असभ्यता को प्रदर्शित करते हैं। संकीर्ण विचारों वाला, कमजोर तथा दुष्ट स्वभाव वाला ही होगा। ये लोग स्नायु रोग एवं हृदय रोग के भी जल्दी शिकार हो जाते हैं तथा इन जातकों का गला अक्सर खराब रहता है।

लंबे नाखून-इस नाखून के स्वामी चुप रहते हैं और मन ही मन घुलते रहते हैं या तिकड़में गढ़ते रहते हैं। मन से ये कलाकार होते हैं, किंतु कला को अभिव्यक्ति नहीं कर पाते, इसलिए कुंठित रहते हैं। इनका स्नायुमंडल शक्तिशाली होता है किन्तु शारीरिक शक्ति कम होती है। ऐसे लोगों को बुखार, कमर में दर्द रहता है।

गोल नाखून-सिरे और जड़ दोनों ओर से गोलाई का आभास देने वाले नाखून इस वर्ग में आते हैं। ये लोग मित्रता के कर्तव्य निभाते हैं तथा सशक्त विचारों वाले एवं तुरंत निर्णय लेने वाले होते हैं, और उन पर अमल भी करते हैं।

पतले और लंबे नाखून-जिन व्यक्तियों के हाथों में पतले और लंबे नाखून होते हैं, वे शारीरिक दृष्टि से कमजोर, अस्थिर विचार वाले होते हैं। ये खुद निर्णय नहीं ले पाते हैं, अपितु दूसरे व्यक्ति जो राय देते हैं उस पर अमल करते हैं।

इन्हें सिर में दर्द रहता है। शरीर में आलस्य, याददाश्त कमजोर और शरीर के अन्य भागों में भी दर्द की शिकायत बनी रहती है।

चौरस नाखून-सिरे और जड़, दोनों ओर से ये नाखून चौरस होने का आभास देते हैं। ऐसे जातक निष्कपट, दिल के साफ होते हैं। इनके जो दिल में होता है वहीं जुबान पर होता है।

साथ ही इस प्रकार के नाखून मनुष्य के भीरूपन, उसकी कायरता एवं दब्बूपन को भी प्रदर्शित करते हैं।

चौड़े नाखून-यह आलोचनात्मक प्रवृत्ति के विश्लेषणात्मक प्रवृत्ति वाले अध्ययनशील   व्यक्ति होते हैं। बहस करना इनकी आदत होती है। ऐसे व्यक्ति जल्दी क्रोधित हो जाते हैं। परंतु ये अपने काम के पक्के होते हैं और जिस काम को यह हाथ में ले लेते हैं, उसे पूरा करके ही छोड़ते हैं। अपने कार्यों में किसी का भी हस्तक्षेप इन्हें पसंद नहीं होता है। ये व्यक्ति एकांतप्रिय होते हैं। इन्हें छाती और पीठ में दर्द की शिकायत रहती है।

छोटे नाखून-यह नाखून लंबाई और चौड़ाई दोनों और से छोटे होते हैं इस नाखून के व्यक्ति दूसरों का उपहास उड़ाते हैं और धन के मामले में मितव्ययी होते है।

यह लड़ाई-झगड़ों में विश्वास रखते हैं और दूसरों की आलोचना, या दूसरों के कार्यों में हस्तक्षेप करना इनका प्रिय काम होता है। ऐसे व्यक्ति अड़ियल किस्म के होते हैं।

तिकोने नाखून-ऐसे नाखून ऊपर से चौड़े तथा नीचे से संकरे होते हैं। जिन व्यक्तियों के हाथों में से नाखून होते हैं, वे सुस्त होते हैं और काम करने से जी चुराते हैं। ऐसे व्यक्ति अपने आपको समाज से कटे हुए, अकेले अनुभव करते हैं। स्वास्थ्य की दृष्टि से इनका गला संवेदनशील रहता है।

कटे-कटे नाखून-ऐसा होने पर शारीरिक कमजोरी, हृदय रोग, खून की कमी तथा गुर्दे के रोग की संभावना रहती है। इनका स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता है। छिटपुट रोग बने ही रहते हैं।

पूर्ण नाखून-इस प्रकार के नाखून पर्याप्त लंबे-चौड़े गुलाबी ढंग के मध्य से थोड़ा उभरे हुए और प्राकृतिक चमक लिए हुए होते हैं। ऐसे व्यक्ति उत्तम विचारों वाले, मानवीय प्रवृत्तियों वाले तथा निरंतर आगे की ओर बढ़ते रहने की भावना रखने वाले होते हैं। ऐसे व्यक्ति ही समाज में सभी दृष्टियों से सफल कहे जाते हैं। ऐसे नाखून व्यक्ति का शांत चित्त और उसकी व्यवहारकुशलता को दर्शाते हैं। आमतौर पर इनका तन और मन दोनों स्वस्थ होते हैं।

कछुआदार नाखून-यानी कछुए की पीठ की तरह बीच से ऊपर उठे हुए नाखून। ऐसे नाखून वाले व्यक्ति जल्दबाज होते हैं इन्हें शीघ्र घबराहट हो जाती है और दिल की धड़कन तेज रहती है। इन्हें रक्तचाप और दमे की शिकायतें होती रहती है। वरना नाखूनों में हल्का सा उभार शुभ लक्षण का प्रतीक है।

अंगूठे का नाखून कछुए की पीठ की तरह उन्नत या ऊपर उठा हुआ हो तो मनुष्य भाग्यहीन होता है।

सपाट सतह के नाखून- इस तरह के नाखून वाले व्यक्ति दबंग स्वभाव के होते हैं। इन्हें शत्रुता निभाने में रस मिलता है।

नाखूनों के रंग व उन पर निशान

काले धब्बे-यहां यह बात समझ लेनी चाहिए कि नाखूनों पर धब्बे समय-समय पर दिखाई देते हैं और लुप्त भी हो जाते हैं। जब उंगलियों के नाखूनों पर काले धब्बे हों, तो समझ लेना चाहिए कि ऐसे व्यक्ति पर विपत्ति, अर्थात् दुख आने वाला है। स्वास्थ्य की दृष्टि से यह काले धब्बे इस बात का प्रतीक हैं कि जातक के रक्त में दोष आ गया है या आने वाला है तथा शीघ्र ही ऐसा व्यक्ति चेचक, मलेरिया बुखार या ऐसी ही किसी रक्त से संबंधित बीमारी से पीड़ित होने वाला है।

यदि सभी नाखूनों पर काले दाग आ जाना मृत्यु का सूचक होता है। अगर ऐसा नाखूनों के शुरुआत में हो, तो शरीर को मौत जैसा कष्ट होता है।

ऐसे नाखून वाले व्यक्तियों में शारीरिक शक्ति कम होने के कारण चिड़चिड़ापन आ जाता है और व्यक्ति को बीमारी जल्दी पकड़ती है। नाखून का रंग कोई भी हो, यदि उसमें चमक बनी रहे तो हानि कम होती है।

सफेद धब्बे-सफेद नाखून वाले व्यक्तियों की मानसिक प्रवृत्ति में अहंभाव की अधिकता और उतावलापन होता है। ऐसे नाखून वैराग्य प्रकृति को भी दर्शाते हैं। इन्हें नींद कम आती है तथा सिर में भारीपन, रक्तचाप, खून की कमी, हृदय रोग तथा घबराहट की शिकायत अधिक रहती हैं।

नाखूनों पर सफेद धब्बे व्यक्ति में मानसिक तनाव एवं स्नायुमंडल की कमजोरी को दर्शाते हैं। मस्तिष्क का काम घटाकर तथा उत्तेजना से दूर रहकर इन धब्बों से मुक्ति पाई जा सकती है।

लाल नाखून-लाल नाखून जातक में रक्तचाप को दर्शाता है और ऐसे लोग बहुत खुंदकी एवं हिंसक प्रवृत्ति के होते है। गुलाबी नाखून- गुलाबी रंग के नाखून भाग्यशाली होने के सूचक हैं। इनसे उत्तम स्वास्थ्य और उदार प्रवृत्ति की खबर मिलती है।

नीले नाखून-नाखूनों का नीला रंग हृदय रोग एवं शरीर में ऑक्सीजन तथा रक्त प्रवाह की कमी को यदि जड़ के पास नाखून नीले हों तो हृदय रोग की आशंका है, जो ठीक हो सकती है।

नीले नाखून कार्बन की अधिकता को दर्शाता है। स्त्रियों के मासिक धर्म के आरंभ होने की उम्र में तथा मासिक धर्म के समाप्त होने की उम्र में यदि नाखून का रंग नीला हो तो उसे रोग मत मानें। यदि अन्य आयु में हो तो उसका इलाज कराने की सलाह दें।

कठोर और संकरे नाखून-सामान्यत: ऐसे व्यक्ति झगड़ालू प्रकृति के होते हैं। जिस बात को ये एक बार मन में ठान लेते हैं, उसे पूरा करके ही छोड़ते हैं। चाहे वह बात गलत हो या सही, इस बात की परवाह किये बिना, ये अपनी बात पर अड़े रहते हैं। इन पर विकाास करना ठीक नहीं होता है।

पीले नाखून-ऐसे नाखून व्यक्ति की मक्कारी को प्रदर्शित करते हैं। ये नाखून इस बात के भी सूचक हैं कि यह व्यक्ति कदम-कदम पर झूठ बोलने वाला तथा समय पड़ने पर अपने परिवार को भी धोखा देने वाला होगा। ऐसे व्यक्ति कभी भी विश्वासपात्र नहीं हो सकते।

पीले नाखून जिगर की कमजोरी को दर्शाते है जिसका फल पीलिया रोग के रूप में किसी भी समय प्रकट हो सकता है।

नाखूनों में सीधी-सीधी लकीरें- नाखूनों में जब चौड़ी-चौड़ी रेखाएं बन जाती हैं, तो ऐसा होने पर व्यक्ति में गैस की शिकायत रहती है और मधुमेह रोग होने की संभावना रहती है। अगूंठे में चौड़ी रेखाएं होने पर सिर में दर्द की शिकायत रहती है। अगर इन रेखाओं का रंग काला पड़ जाता है, तो दिमाग की नसें फटने का भय रहता है।

खड़ी धारियां-ये स्नायुमंडल की कमजोरी  बताती हैं। इस कमजोरी का कारण मस्तिष्क का पोषण करने वाले खनिज पदार्थों की कमी होती है।

आड़ी धारियां-जातक में शक्ति की कमी एवं मानसिक आघात की सूचना देते हैं। इनका कारण यह होता है कि किसी अनचाही स्थिति का सामना करने से नाखून का विकास कुछ समय के लिए रुक जाता है। ऐसे व्यक्ति को ब्लडप्रेशर और हृदय की जांच कराते रहनी चाहिए।

कम धारियां कम तनाव बताती हैं। अधिक धारियां अधिक तनाव बताती हैं। बड़े नाखून पर यदि धारियां और गड्डे पाए जाएं तो उतने हानिकर नहीं होते। छोटे, अति छोटे तथा लंबे नाखूनों पर दोषों का प्रभाव व्यक्ति पर अधिक पड़ता है।

नाखूनों पर सफेद या काले धब्बे-भावी रोग के सूचक होते हैं। लेकिन काले, या सफेद धब्बे अलग-अलग उंगलियों और अगूंठे के नाखूनों पर होने से अलग-अलग संकेत देते हैं।

अंगूठे-अगर अंगूठे के नाखून पर सफेद धब्बा दिखाई दे, तो वह प्रेम का सूचक होता है, जबकि काला धब्बा निकट भविष्य में अपराध की सूचना देता है।

तर्जनी उंगली-इस उंगली के नाखून पर काला धब्बा आर्थिक हानि का संकेत देता है जबकि सफेद धब्बा व्यापार में लाभ का सूचक है।

मध्यमा उंगली पर धब्बे-इस उंगली के नाखून पर सफेद धब्बा दिखाई दे, तो शीघ्र ही यात्रा का योग बनाता है, जबकि काला धब्बा दिखाई दे, तो किसी वृद्ध व्यक्ति की मृत्यु का सूचक है।

अनामिका उंगली पर धब्बे-इसके नाखून पर काला धब्बा अपयश दिलाता है। यदि सफेद धब्बा दिखाई दे, तो व्यक्ति को शीघ्र ही सम्मान, धन तथा यश मिलते हैं।

कनिष्ठिका उंगली पर धब्बे-इसके नाखून पर सफेद धब्बा अपने लक्ष्य में सफलता का सूचक है, जबकि काला धब्बा असफलता का द्योतक होता है। 

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