Asthama
Diwali Pollution Credit: Istock

Precaution for Asthma: भारत में दिवाली एक महत्‍वपूर्ण फेस्टिवल है, बच्‍चे, बूढ़े और जवान सभी मिलकर इसे बड़े हर्ष और उल्‍लास के साथ मनाते हैं। लेकिन अस्‍थमा से पीडि़त लोगों के लिए यह त्‍योहार खतरनाक साबित हो सकता है। फेफड़ों में सूजन के कारण अस्‍थमा की बीमारी होती है। अस्‍थमा अटैक के दौरान एयरवे पैसेज की लाइनिंग में सूजन आ जाती है, जो  फेफड़ों में ऑक्‍सीजन को अंदर-बाहर आने को रोकती है। अस्‍थमा के लक्षणों में सांस फूलना, घड़घड़ाहट और सीने में जकड़न शामिल हैं। अस्‍थमा के पेशेंट्स को दिवाली में होने वाले प्रदूषण से सावधान रहने की आवश्‍यकता है जिसके लिए उन्‍हें पहले से प्रिकॉशंस लेने चाहिए। इस दौरान पेशेंट्स को किन बातों को अपनाना चाहिए चलिए जानते हैं इसके बारे में।

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कैसे बढ़ सकती है समस्‍या

प्रदूषण से अस्‍थमा पेशेंट्स परेशान
How can the problem increase

दिवाली के त्‍योहार पर हवा में पार्टिकुलेट मैटर का स्‍तर बहुत ज्‍यादा बढ़ जाता है। यह वर्ल्‍ड हेल्‍थ ऑर्गेनाइजेशन के स्‍टैंडर्ड से 6 से 12 गुना अधिक हो जाता है। दिवाली पर पटाखों के कारण महीन कणों के स्‍तर में लगभग चार गुना बढ़ोतरी होती है। इसके अलावा त्‍योहार के दौरान हवा में सल्‍फर डाईऑक्‍साइड और नाइट्रोजन डाईऑक्‍साइड की मात्रा भी बढ़ जाती है। आतिशबाजी के कारण होने वाले धुएं और वायु प्रदूषण के कारण अस्‍थमा का अटैक पड़ने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। दिवाली पर अस्‍थमा मरीजों को अटैक से बचाने के लिए कुछ सावधानियां बरती जा सकती है।

दिवाली के दौरान बरतें ये सावधानियां

घर में रहें

दिवाली के दौरान, पटाखों के प्रभाव से खुद को बचाने के लिए जितना संभव हो घर के अंदर ही रहने की कोशिश करें। पटाखों के धुएं और हवा में प्रदूषित कणों के कारण अस्‍थमा अटैक पड़ने की संभावना बढ़ जाती है। अगर घर से बाहर निकलना बहुत जरूरी है, तो अपने नाक और मूंह को रूमाल या मास्‍क से कवर करें। शाम के समय बाहर कम से कम निकलने की कोशिश करें क्‍योंकि उस समय प्रदूषण का स्‍तर आमतौर पर अधिक होता है।

हर समय अपना इनहेलर साथ रखें

कंट्रोलर इनहेलर अस्‍थमा के अटैक की संभावना को कम करने में मदद करते हैं। डॉक्‍टर के मुताबिक दवाओं का डेली बेसिस पर सेवन करें। दिवाली के दौरान प्रदूषण बहुत ज्‍यादा बढ़ जाता है इसलिए अपने रिलीवर इनहेलर को हमेशा अपने पास ही रखें। ये इनहेलर सीधे एयरवेज में टार्गेटेड ट्रीटमेंट देगा, जिससे अस्‍थमा के अटैक को जल्‍द से जल्‍द कंट्रोल करने में मदद मिलेगी।

एल्‍कोहल से बनाएं दूरी

प्रदूषण से अस्‍थमा पेशेंट्स परेशान
Stay away from alcohol

वाइन और बियर जैसी अल्‍कोहोलिक ड्रिंक्‍स से अस्‍थमा अटैक को बढ़ावा मिल सकता है। दिवाली के दौरान आपके लंग्‍स पहले से ही कई परेशान करने वाली चीजों के संपर्क में होता है, इसलिए दिवाली पर अल्‍कोहोलिक ड्रिंक्‍स के सेवन से दूर रहकर अस्‍थमा के अटैक की संभावना को कम किया जा सकता है।

धूल से रहें दूर

दिवाली से पहले घरों की सफाई करना जरूरी होता है। दुर्भाग्‍य की बात है कि यह साफ-सफाई अस्‍थमा मरीजों के लिए नुकसानदायक होती है। सफाई के दौरान हवा में धूल के कणों की संख्‍या बढ़ जाती है, जिससे अस्‍थमा के मरीजों के लिए सांस लेने में दिक्‍कत हो सकती है। ऐसे में जब घरों में साफ-सफाई चल रही हो तब अस्‍थमा मरीज उस स्‍थान से दूर रहें ताकि अटैक पड़ने से बचा जा सके।