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ऑर्गेनिक उत्पाद

‘‘मैं काफी हर्बल चाय पीती हूं। गर्भावस्था में इसे पीना सुरक्षित रहेगा?”

क्या आपको अपने दोनों के लिए हर्बल चाय पीनी चाहिए? दरअसल अभी इस बारे में पर्याप्त शोध नहीं हुए हैं, अतः इस सवाल का सही-सही जवाब नहीं दिया जा सकता।कुछ हर्बल चाय सुरक्षित मानी जाती हैं और कुछ नहीं, जैसे ‘रसबैरी लीफ चाय’, इसे ज्यादा लेने से कांट्रेक्शन शुरू हो सकता है। यह आपकी अवस्था के हिसाब से अच्छा या बुरा हो सकता है। वैसे कहा यही जाता है कि गर्भावस्था में इस विषय में सावधानी बरतें या फिर सीमित मात्रा में इनका प्रयोग करें। अपने डॉक्टर से पूछ लें कि वे कौन सी हर्बल चाय को आपके लिए सुरक्षित मानते हैं।

कहीं आप मुसीबत की चुस्की न ले रही हों इसलिए चाय पीने से पहले लेबल को ध्यान से पढ़ें। कुछ वे जो फ्रूट बेस होने के साथ-साथ जड़ी-बूटी युक्त भी होते हैं। आप अपनी साधारण काली चाय में संतरा, सेब, अन्नानास,फ्रूट जूस, नींबू के कतले, नींबू का रस,नाशपाती, दालचीनी, लौंग अदरक या इलायची वगैरह मिलाकर ले सकती हैं। हर चाय के बारे में माना जाता है कि इससे फॉलिक एसिड की मात्रा घट सकती है जो कि गर्भावस्था में बहुत महत्त्व रखता है इसलिए यदि हरी चाय पीती हैं,तो सीमित मात्रा में लें। अपने घर के पिछवाड़े उगी किसी भी चाय को पीने से पहले पता कर लें कि वह गर्भावस्था में सुरक्षित है या नहीं!

आर्गेनिक चुनें

हमेशा अपनी जेब खाली करने की न सोचें। ऑर्गेनिक उत्पाद चुनते समय निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें। 

इन्हें ऑर्गेनिक ही लें :- इन पर धोने के बाद भी पेस्टीसाइड का असर रह जाता है,जैसे‒सेब, चैरी, अंगूर, आड़ू, नाशपाती,रसभरी, वैल पेपर, आलू व पालक।

इन्हें ऑर्गेनिक न लें :- आमतौर पर इन उत्पादों पर पेस्टीसाइड नहीं टिकते जैसेकेला, लीची, आम, अन्नानास, अजमोद,अवोकैडो ब्रोकली, फूल गोभी, कॉर्न, प्याज व मटर बीफ व पोल्ट्री उत्पाद यदि आर्गेनिक लेने हों तो जेब ढीली करनी होगी क्योंकि ये थोड़े महंगे आते हैं।

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