Summary: परिवार की उपेक्षा से बढ़ता मानसिक तनाव
परिवार का भावनात्मक असहयोग गर्भवती महिला को मानसिक रूप से तोड़ सकता है, जिससे मां और शिशु दोनों प्रभावित होते हैं।
Family neglect impacts Pregnancy Mental Health: गर्भावस्था में महिला जब शारीरिक और मानसिक बदलावों से गुजर रही होती है, उस समय परिवार से काम में मदद तथा भावनात्मक समर्थन पाने की महिला की उम्मीद बढ़ जाती है और अगर ऐसे में महिला को परिवार से सपोर्ट ना मिले तो महिला शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार से तनाव में आ जाती है। WHO के एक रिसर्च के अनुसार विकासशील देशों में हर चार में से एक गर्भवती महिला किसी न किसी प्रकार के मानसिक स्वास्थ्य की समस्या का सामना कर रही है। आइए इस लेख में जानते हैं अगर गर्भावस्था के दौरान आपका परिवार सहयोग न करें तो आप क्या करें।
क्या करें जब परिवार सहयोग न करे

अपनी भावनाओं को हां कहें: आप क्या सोच रही हैं उसे महसूस करें, स्वीकार करें, अगर आप अपने परिवार से मदद की उम्मीद करती हैं तो इस बात को स्वीकार करें। परिवार का सहयोग न मिलने पर खुद को दोष न दे।
खुद को दोष ना दें: आप गर्भावस्था के दौरान खुद को पहले की तरह शारीरिक और मानसिक रूप से संभाल नहीं पा रही इसके लिए खुद को दोष देने की बजाय समझे यह एक प्रक्रिया है जिसमें शारीरिक और मानसिक रूप से कमजोर महसूस करना सामान्य है।
परिवार से बाहर सहायता लें: आप अपने दोस्तों से या रिश्तेदारों से अपने मन की बात करके अपना तनाव दूर करें, अगर संभव हो सके तो प्रेगनेंसी सपोर्ट ग्रुप से जुड़े जहां अपनी तरह गर्भवती महिलाओं से मिले, बात करें, अपने डॉक्टर से अपने परेशानी साझा करें।
अपने आप को प्राथमिकता दें: हम कई बार लोगों के बारे में सोचने में इतने व्यस्त हो जाते हैं कि खुद पर ध्यान देना भूल जाते हैं। इसलिए जरूरी है कि पहले अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें। इसके लिए आप योग करें, ध्यान लगाए, अपने डाइट और नींद का पूरा ख्याल रखें, अपने पसंद के काम को करने में समय दें।
परिवार के साथ चुपी ना बरतें: अगर आपका परिवार आपकी सहायता नहीं कर रहा तो भी उनसे बात करना ना छोड़े, शांतिपूर्वक अपनी बातों को उनके सामने रखें, आप उनसे क्या चाहते हैं और उनकी मदद आपके लिए कितनी जरूरी है यह बात उन्हें बताएं।
प्रोफेशनल से मदद लें: अगर आप सारी कोशिशें के बाद भी अपने भावनाओं को नहीं संभाल पा रहे तो अपने गायनोलॉजिस्ट या काउंसलर से बात करें ताकि वह आपकी स्थिति को समझ कर आपको मेडिकल सपोर्ट दे सके।
परिवार के अनदेखी का मां और बच्चे पर असर
जब परिवार गर्भवती महिला के भावनाओं, परेशानियां या स्थितियों को अनदेखा करता है तो महिला के मानसिक स्वास्थ्य पर इसका बुरा असर पड़ता है।
इससे न सिर्फ महिला का मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है, बल्कि शिशु के विकास पर भी इसका बुरा असर पड़ता है।
महिला के मानसिक तनाव के कारण समय से पहले प्रसव होने का खतरा बढ़ जाता है। जन्म के बाद न सिर्फ शिशु का वजन कम हो सकता है, बल्कि बड़े होकर बच्चे में व्यावहारिक समस्याएं भी आ सकती है।
गर्भावस्था के दौरान होने वाले तनाव के कारण महिला में पोस्टपार्टम डिप्रेशन का खतरा बढ़ जाता है।
परिवार के लिए जरूरी सुझाव
गर्भवती महिला को समय पर दवाइयां और खाने के अलावा प्यार, अपनापन, समझ और भावनात्मक सपोर्ट भी चाहिए होता है। ऐसे में परिवार की जिम्मेदारी बनती है कि वह गर्भवती महिला के साथ समय बिताए उसकी बातों को बिना किसी धारणा के सुने। उसके मानसिक स्थिति को गंभीरता से ले।
