‘‘पिछले सप्ताह मुझे हर रोज पेट में हल्की हलचल महसूस होती रही लेकिन आज कुछ पता नहीं चल रहा। सब ठीक है, न ?”

शिशु का पेट में किक मारना,पलटना,उछलना व मुक्के लगाना तो काफी रोमांचक लगता है। यह इस बात का पक्का सबूत होता है कि एक ऊर्जा से भरपूर जीती-जागती जिंदगी आपके अंदर पल रही है। हालांकि यही हलचलें कई बार भावी मां के लिए कई सवाल व शंकाएं भी खड़ी कर देती हैं। एक पल में आपको लगता है कि शिशु लातें चला रहा है। दूसरे ही पल लगता है कि कहीं ऐसा गैस की वजह से तो नहीं था।

एक दिन तो उसकी हलचलें रुकती ही नहीं और दूसरे दिन वह बिल्कुल नहीं हिलता मानो गहरी नींद सोया हो। घबराएँ नहीं, गर्भावस्था में इस समय शिशु की हलचलों के बारे में सोचने या चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। हलचल कब व कितनी बार होगी, इसका ढांचा काफी हद तक अलग हो सकता है।

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कई बार शिशु अपनी स्थिति बदल लेता है। उस वजह से भी उसकी हलचल महसूस नहीं होती या फिर आप स्वयं चल रही होती हैं या गहरी नींद में होती हैं। कई बार ऐसा होता है कि व्यस्तता की वजह से भी उसकी हलचल महसूस नहीं होती। कई बच्चे आधी रात को अपनी हलचल शुरू करते हैं और उनकी माँ उस समय गहरी नींद में होती है।

यदि आप कई घंटों से शिशु की हलचल न सुन पाई हों तो एक गिलास दूध संतरे का रस या कोई स्नैक्स लेकर एकाध घंटे के लिए लेट जाएँ। आपकी निष्क्रियता व भोजन से मिली ऊर्जा से शिशु हलचल में आ सकता है। यदि तब भी बात न बने तो चिंतित न हों क्योंकि कई शिशुओं की हलचल प्रायः दो-तीन दिन तक भी महसूस नहीं होती। यदि चिंता न मिटे तो डॉक्टर से मिलें। 28वें सप्ताह के बाद उसकी हलचल पहले से कहीं तेज हो जाएगी इसलिए आपको हर क्षण उसकी हलचल पर नजर रखने की आदत डालनी चाहिए।

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