‘‘मेरी गर्भावस्था सहज व सामान्य रूप से चल रही है लेकिन फिर भी मेरे डॉक्टर चाहते हैं कि मुझे इस बार अल्ट्रासाउंड कराना चाहिए। क्या सचमुच इसकी जरूरत है?”

आजकल सभी गर्भवती महिलाओं का दूसरी तिमाही में अल्ट्रासाउंड किया जाता है,चाहे उनकी प्रेगनेंसी कितनी भी सहज व सामान्य क्यों न हो। डॉक्टर देखना चाहते हैं कि शिशु का पूरी तरह से विकास हो रहा है या नहीं, जितना विकास अब तक होना चाहिए। दूसरे आपको भी तो अपने शिशु का अल्ट्रासाउंड की मदद से देखने का मौका मिल जाता है। इसी समय शिशु के लिंग का भी पता चलता है।

चाहे आप गर्भावस्था की तारीख जानने के लिए पहली तिमाही में अल्ट्रसाउंड करवा चुकी हों या फिर विस्तृत जानकारी पाने के लिए स्कैन करवा चुकी हों फिर भी इससे आपके डॉक्टर को काफी अतिरिक्त जानकारी मिलती है; जैसे-बेबी का आकार व सभी अंग,एम्नियोटिक द्रव्य की सही मात्रा व प्लेसेंटा का सही स्थान आदि। इससे डॉक्टर को आपकी व शिशु की साफ सेहतमंद तस्वीर मिल जाती है। यदि आप उस अल्ट्रासाउंड को अच्छी तरह समझ न पाएँ तो डॉक्टर से पूछने में संकोच न करें।

एक खूबसूरत तस्वीर

दूसरी तिमाही के अल्ट्रासाउंउ में आपको शिशु की प्यारी सी तस्वीर मिल गई है। इसे अपने कंप्यूटर में स्कैन करके सेव करें। इसे फोटो वेबसाइट पर स्कैन करके रियल फोटों इंक से एसिड फ्री पेपर पर प्रिंट कर लें। इस तरह आपकी यादें कभी धुंधली नहीं पड़ेंगी। 

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