parkinson's disease treatments
parkinson's disease treatments

Overview:

हाल ही में हुए एक शोध में डांस और पार्किंसंस बीमारी के इलाज के बीच गहरा संबंध मिला है। शोधकर्ताओं के अनुसार दिन में ​खुद के लिए निकाले गए कुछ घंटे आपको एक गंभीर बीमारी से बचा सकते हैं।

Parkinson’s Disease Treatments: पार्किंसंस जैसी खतरनाक बीमारी से अगर आपको बिना दवाओं के बचाव करना है तो नियमित रूप से डांस करना आपके लिए मददगार बन सकता है। यह बात हम नहीं सांइस बोल रही है। जी हां, डांस सिर्फ मनोरंजन या एक्सरसाइज ही नहीं है, बल्कि इससे काफी बढ़कर है। दरअसल, हाल ही में हुए एक शोध में डांस और पार्किंसंस बीमारी के इलाज के बीच गहरा संबंध मिला है। शोधकर्ताओं के अनुसार दिन में ​खुद के लिए निकाले गए कुछ घंटे आपको एक गंभीर बीमारी से बचा सकते हैं। क्या है डांस और पार्किंसंस के बीच का कनेक्शन, आइए जानते हैं सच्चाई।

जादुई है डांस का असर

रोज कुछ देर डांस करने से पार्किंसंस जैसी गंभीर बीमारी को कंट्रोल किया जा सकता है।
By dancing for a little while every day, a serious disease like Parkinson’s can be controlled.

पिछले दिनों यॉर्क यूनिवर्सिटी में हुए इस अध्ययन के अनुसार रोज कुछ देर डांस करने से पार्किंसंस जैसी गंभीर बीमारी को कंट्रोल किया जा सकता है। दरअसल, डांस आपके मूूड को अच्छा करता है। इतना ही नहीं यह पार्किंसंस रोग से जुड़े अवसाद को कम करने में भी मदद कर सकता है। डांस एक ऐसी एक्सरसाइज है जो आप दिनभर में कभी भी कर सकते हैं। सेहतमंद रहने के लिए यह एक सस्ता और सेहतमंद तरीका है। यॉर्क यूनिवर्सिटी में स्वास्थ्य संकाय में एसोसिएट प्रोफेसर और अध्ययन के लेखकों में से जोसेफ डिसूजा कहते हैं कि पार्किंसंस से पीड़ित लोगों के लिए डांस किसी जादू से कम नहीं है। यह उनको खुशी देने के साथ ही आपके मूवमेंट्स को ठीक करने में मददगार है।

ऐसे किया गया अध्ययन

अध्ययन में 34 लोगों को शामिल किया गया जिनमें 23 लोग पा​र्किंसंस से पीड़ित थे
The study included 34 people, of whom 23 were suffering from Parkinson’s.

अध्ययन के अनुसार पार्किंसंस के जो मरीज आठ महीने तक लगातार हर सप्ताह करीब 75 मिनट डांस क्लास ज्वाइन करते हैं, उन्हें पार्किंसंस से बड़ी राहत मिलती है। हर डांस क्लास के साथ उनका डिप्रेशन कम होता जाता है। इस अध्ययन में 34 लोगों को शामिल किया गया जिनमें 23 लोग पा​र्किंसंस से पीड़ित थे, वहीं 11 लोग स्वस्थ थे। इन सभी लोगों को आठ महीने तक नियमित रूप से डांस क्लास ज्वाइन करवाई गई। जिसके रिजल्ट काफी अच्छे दिखे। क्लास ज्वाइन करने वाले मरीजों के जेरिएट्रिक डिप्रेशन और तनाव में कमी देखने को मिली। वे भावनात्मक रूप से भी ज्यादा सेहतमंद नजर आए। सभी के डिप्रेशन स्कोर में काफी सुधार नजर आया, जो पार्किंसंस से पीड़ित मरीजों के लिए ​एक अच्छा संकेत है। शोधकर्ताओं का कहना है कि शोध ​के रिजल्ट यह बताते हैं कि डांस तंत्रिका तंत्र को बेहतर काम करने में मदद करता है। यह पार्किंसंस रोगियों के लिए बेहद जरूरी है। मेडिकल इंटरनेट रिसर्च के ओपन-एक्सेस जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन को तीन साल में पूरा किया गया है।

दिखते हैं कई सकारात्मक प्रभाव

शोधकर्ताओं का कहना है कि ज्यादातर लोगों सोचते हैं की पार्किंसंस ट्यूमर के कारण होने वाला रोग है, जिसमें मूवमेंट में परेशानियां आने लगती हैं। लेकिन असल में इसके पीछे बड़ा कारण अवसाद और चिंता भी है। डांस इन दोनों ही कारणों को जड़ से खत्म करने की ताकत रखता है। इससे तंत्रिका प्लास्टिसिटी को बढ़ावा मिलता है, जिससे मस्तिष्क की रक्षा होती है। साथ ही यह पार्किंसंस का इलाज भी है। डांस के कारण आप अवसाद से मजबूती से लड़ पाते हैं। जिससे इस बीमारी को हराया जा सकता है।

मैं अंकिता शर्मा। मुझे मीडिया के तीनों माध्यम प्रिंट, डिजिटल और टीवी का करीब 18 साल का लंबा अनुभव है। मैंने राजस्थान के प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थानों के साथ काम किया है। इसी के साथ मैं कई प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबों की एडिटर भी...