Depression
Sign Of Depression Credit: Istock

Overview: पुरुषों को भी होता है डिप्रेशन, न करें इसे इग्नोर करने की भूल

पुरुषों में डिप्रेशन उदासी, रुचि की कमी, थकान, एकाग्रता में कठिनाई, नींद और भूख में बदलाव जैसे लक्षणों के रूप में प्रकट होता है।

Men Depression Symptoms: माना जाता है कि डिप्रेशन अधिकतर महिलाओं को होता है लेकिन ऐसा नहीं है, पुरुष भी बराबरी से प्रभावित होते हैं। डिप्रेशन केवल एक बुरा दिन या क्षणिक उदासी से कहीं अधिक है। यह एक ऐसी मानसिक स्थिति है जो पुरुषों में अक्सर चिड़चिड़ापन, मूड स्विंग्स  या उदासी के रूप में सामने आता है। भागदौड़ भरी जिंदगी और खानपान की वजह से डिप्रेशन एक आम समस्‍या के रूप में लोगों को अपना शिकार बना रहा है। लेकिन कई बार पुरुष और यहां तक कि महिलाएं इसे पुरुष की मानसिक कमजोरी या तनाव समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। यदि इसके लक्षणों को समय रहते पहचान लिया जाए तो पुरषों को डिप्रेशन से बाहर निकाला जा सकता है। तो चलिए जानते हैं पुरुषों में डिप्रेशन के संकेतों के बारे में।  

लगातार उदासी या खालीपन

Men Depression Symptoms-पुरुषों को हो सकती है डिप्रेशन की समस्‍या
Constant sadness or emptiness

लगातार उदासी या खालीपन डिप्रेशन का सबसे स्पष्ट लक्षण है। यह एक बुरे दिन से कहीं अधिक गहरा होता है और हफ्तों या महीनों तक रह सकता है। इस स्थिति में व्यक्ति अपने ही दिमाग में फंसा हुआ महसूस करता है, जिसमें निराशा की भावना से छुटकारा पाना मुश्किल होता है। पुरुषों में उदासी के साथ-साथ बेकारपन, निराशा, अपराधबोध या गुस्सा भी डिप्रेशन का संकेत हो सकता है।

रुचि या आनंद की कमी

डिप्रेशन में व्यक्ति की रुचि उन शौक या गतिविधियों में खत्म हो जाती है जो पहले खुशी देती थीं। पुरुष अक्सर दोस्तों और परिवार से दूरी बनाने लगते हैं, सामाजिक मेलजोल से बचते हैं, लंबे समय तक काम करते हैं, या वीडियो गेम्स, सोशल मीडिया या टीवी में समय बिताते हैं। इससे अपराधबोध और बेकारपन की भावनाएं बढ़ती हैं। 

थकान या ऊर्जा की कमी

डिप्रेशन शारीरिक और मानसिक ऊर्जा को खत्म कर देता है। व्यक्ति कितना भी सोए या आराम करे, वह थका हुआ महसूस करता है। यह थकान रोजमर्रा के कामों को असंभव बना देती है। बिस्तर से उठना या छोटे निर्णय लेना भी मुश्किल हो जाता है। 

एकाग्रता में कठिनाई

डिप्रेशन में एकाग्रता बनाए रखना मुश्किल हो जाता है। व्यक्ति भूलने लगता है, निर्णय लेने में असमर्थ होता है, या कार्यों को पूरा नहीं कर पाता। ब्रेन फॉग के कारण नौकरी, पढ़ाई और रिश्तों पर असर पड़ता है, जिससे चिंता बढ़ सकती है। 

नींद में बदलाव

पुरुषों को हो सकती है डिप्रेशन की समस्‍या
Change in sleep

नींद में बदलाव डिप्रेशन का एक प्रमुख लक्षण है। कुछ लोग बहुत अधिक सोते हैं, फिर भी थके हुए रहते हैं। हाइपरसोमनिया यानी अत्यधिक नींद की स्थिति डिप्रेशन का संकेत हो सकती है। दूसरी ओर, अनिद्रा में व्यक्ति रात में चिंताओं या नकारात्मक विचारों के कारण जागता रहता है। नींद की कमी चिड़चिड़ापन, भूलने की आदत और थकान को बढ़ाती है। 

भूख या वजन में बदलाव

डिप्रेशन भूख को प्रभावित करता है। कुछ लोग खाना छोड़ देते हैं, जिससे वजन कम होता है, जबकि अन्य भावनात्मक दर्द से निपटने के लिए अधिक खाते हैं, जिससे वजन बढ़ता है। डिप्रेशन में जोखिम भरे व्यवहार जैसे शराब का अधिक सेवन या ड्रग्स का उपयोग भी देखा जा सकता है।

शारीरिक लक्षण

डिप्रेशन केवल मानसिक नहीं, बल्कि शारीरिक रूप से भी प्रकट होता है। बिना कारण सिरदर्द, पीठ दर्द या पाचन समस्याएं डिप्रेशन का संकेत हो सकती हैं। ये साइकोसोमैटिक लक्षण मन की चेतावनी होते हैं, जो शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के गहरे जुड़ाव को दर्शाते हैं।

पुरुषों के मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देना

– जागरूकता अभियान: पुरुषों के मानसिक स्वास्थ्य के बारे में जागरूकता बढ़ाने से मदद मांगना आसान होता है। 

– खुला संवाद: पुरुषों से उनके तनाव और चिंता के विषय में बात करें।

– सेवाओं तक पहुंच: सस्ती और सुलभ मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं महत्वपूर्ण हैं। 

– सहायक गतिविधियां: खेल, सामुदायिक सेवा या सामाजिक क्लब मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं। 

– स्व-देखभाल: नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और माइंडफुलनेस डिप्रेशन के जोखिम को कम करते हैं।