क्या आप जानते हैं नए ट्रेंड मून बाथ के बारे में: Moon Bath
Moon Bath

Moon Bath: आज का समय वो है जब हम वेलनेस के बारे में बहुत हद तक अवेयर हो चुके हैं। वेलनेस में इन दिनों एक नए ट्रेंड की बात करें तो वह मून बाथ है। हालांकि चांद के साथ अगर हम भारतीय संस्कृति की बात करें तो हम हमेशा चांद के साथ एक रिश्ता जोड़ते आए हैं। यह प्राचीन भारतीय आयुर्वेद पद्धति का भी हिस्सा है और माना जाता है कि यह शरीर में पित्त दोष और ऊर्जा को संतुलित करने में मदद करता है। भारत के साथ ही चीन, मिस्त्र और अरब की संस्कृति में भी चांद एक अहम हिस्सा है।

मून बाथ क्या है

आपके दिमाग में यह सवाल सबसे पहले आ रहा होगा कि आखिर यह मून बाथ क्या है? यह वास्तव में सन बाथ की तरह ही है। आपको बाहर ऐसी जगह जाना होगा जहां चांद आराम से नजर आए। आप अपनी छत, गैलरी या गार्डन में इस मून बाथ का आनंद ले सकते हैं। बस जब आप मून बाथ ले रहे हों तो खुद को रिलेक्स रखें। आप लेटकर या टहलकर इस बाथ को एंजॉय कर सकते हैं। बस आपको अपने शरीर और दिमाग को आराम देना है। इस बाथ को लेने के लिए ऐसी जगह चुनें जो शांत और निजी हो।

क्यों जरुरी है मून बाथ?

माना जाता है कि चांद में मानव मन और शरीर के लिए शांत और उपचार करने की शक्ति होती है। आयुर्वेद के अनुसार, यह अभ्यास हमें अंदर की किसी भी गर्म-स्वभाव वाली भावनाओं को शांत करने में मदद करता है। यह ब्ल्ड प्रेशर, माइग्रेन, चकत्ते और सूजन संबंधी बीमारियों जैसी शारीरिक को कंट्रोल करने में मदद करता है। चांद शीतल होता है और यही इस बाथ के जरिए हम उस शीतलता को अपने अंदर ग्रहण करते हैं।

महिलाओं के लिए है बहुत फायदेमंद

मून बाथ का आनंद तो वैसे महिला और पुरुष दोनों ले सकते हैं लेकिन यह खासतौर से महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा है। चिकित्सा ज्योतिष में, चंद्रमा मस्तिष्क के बाईं ओर से जुड़ा हुआ है, जो फीमेल पिट्यूटरी ग्लैंड और मंथली सर्कल के लिए एक हार्मोनल पॉइंट है। चूंकि चंद्रमा और महिला का मासिक धर्म समान 28-दिवसीय चक्र का पालन करते हैं, इसलिए कुछ संस्कृतियों में माना जाता है कि आपके शरीर के चक्र को चंद्रमा के चरणों के साथ समन्वयित करने से रिप्रोडक्शन कैपेसिटी भी अच्छी होती है।

मोनोपोज में नहीं होगा चिड़चिड़ापन

Moon Bath
Moon Bath Benefits for Monopose

मोनोपोज या पैरिमोनोज एक महिला के लिए मानसिक और शारारिक तौर से एक अजीब सा पड़ाव। वो अपने इस भाव को बयां भी नहीं कर पाती। अगर आप भी इसी दौर से गुजर रही हैं तो मून बाथ को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। ऐसा करने से मोनोपॉज और पेरीमेनोपॉज का प्रोसेस एक महिला के लिए बहुत आसान हो जाता है। ऐसा कहा जाता है कि चांदनी की शीतलता शक्ति इस फेज के दौरान होने वाले किसी भी फिजिकल और इमोशनल डिस्बैलेंस को शांत करने में मदद करती है। फिर चाहे वह चिड़चिड़ापन हो, गुस्सा हो या हैवी ब्लीडिंग की समस्या हो। सबसे बड़ी बात है कि यह माइग्रेन में बहुत कारागर है।

आंखों की थकान के लिए

आंखों को रिलेक्स करने के लिए मून बाथ एक बेहतर विकल्प है। पूर्णिमा के चांद के दिन आप यह कर सकते हैं। चांद पर अपना ध्यान लगाएं। गर्दन को ऊंचा करके उसे बिना पलकें झपकाएं देखें जब तक कि आंखों से पानी न बहने लगे। ऐसा करने से आपको आंखों में एक ठंडक सी महसूस होगी। खुजली और आंखों के सूखेपन की समस्या भी बहुत हद तक नहीं रहेगी। आप इसे करके देखें आपको लगेगा कि आपकी आंखों की थकान उतर गई है।

कैसे लें मून बाथ

मून बाथ का तो ट्रेंड अब आया है लेकिन आप एक बात गौर करें जब भी हम खिड़की में बैठकर चांद को निहारा करते हैं तो ऐसा लगता है जैसे चांद की सारी चांदनी हम पर ही पड़ रही है। आप कभी जब बहुत स्ट्रेस में हो और आसमान में चांद अपनी पूरी चमक-दमक के साथ इठला रहा होतो कुछ देर इसकी रौशनी में एकदम खामोशी के साथ बैठें। आप खुद महसूस करेंगे उस ऊर्जा को। वैसे भी इस मून बाथ को करने में आपका कोई नुकसान तो है नहीं। यह तो किसी भी जगह फ्री में उपलब्ध है। बस आपको थोड़ा सा अपना समय निकालना है। इस बाथ के दौरान बहुत टाइट कपड़े न पहनें तो बेहतर है।