Micro Workout

Overview: माइक्रो वर्कआउट की मदद से रखें खुद को फिट

अगर आपके पास जिम जाने का समय नहीं होता है तो ऐसे में आप माइक्रो वर्कआउट की मदद से खुद को फिट रख सकते हैं।

Micro Workout: आज के समय में हर कोई फिट रहना चाहता है, लेकिन हर किसी के पास इतना समय नहीं होता कि वह जिम जाकर घंटों एक्सरसाइज करे। ऐेसे में अधिकतर लोगों को अपनी सेहत के साथ समझौता करना पड़ता है। यह देखने में आता है कि अधिकतर लोग अपना जीवन दवाइयों के सहारे बिताते हैं, जो बिल्कुल भी ठीक नहीं है। हो सकता है कि आपके पास घंटों पसीना बहाने का समय ना हो, लेकिन फिर भी आप खुद को अधिक एक्टिव, लाइट व हेल्दी रख सकते हैं। जी हां, बिजी लाइफ में भी अपनी फिटनेस का ख्याल रखने के लिए आप माइक्रो-वर्कआउट्स का सहारा ले सकते हैं। इन एक्सरसाइज को कहीं पर भी किया जा सकता है।

माइक्रो वर्कआउट्स आमतौर पर छोटे-छोटे एक्सरसाइज के सेशन होते हैं, जिनके लिए आपको महज 5 से 10 मिनट तक ही निकालना होता है। इन माइक्रो-वर्कआउट्स में आप भले ही समय कम देते हैं, लेकिन ये काफी असरदार होते हैं। चूंकि इन वर्कआउट्स के लिए किसी तरह के इक्विपमेंट की जरूरत नहीं होती है, इसलिए आप बेफिक्र होकर इन्हें कभी भी कर सकते हैं। अगर आप बिना जिम जाए फिट रहना चाहते हैं, तो माइक्रो वर्कआउट्स से बेहतर शायद ही आपके लिए कोई दूसरा ऑप्शन हो। तो चलिए जानते हैं इन माइक्रो-वर्कआउट्स के बारे में-

This is how micro workouts keep you fit

अगर आप माइक्रो वर्कआउट्स को अपने डेली रूटीन का हिस्सा बनाती हैं तो यह कई तरीकों से आपकी सेहत का ख्याल रख सकते हैं। मसलन-

  • भले ही आप एक्सरसाइज के छोटे सेशन कर रही हैं, लेकिन फिर भी यह आपके मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करता है। जिससे आपका शरीर कैलोरी को अधिक बेहतर तरीके से बर्न कर पाता है। ऐसे में आपको वजन कम करने में मदद मिलती है और आप अधिक टोन नजर आती हैं।
  • अक्सर माइक्रो वर्कआउट्स में जंपिंग जैक या हाई नी जैसी कार्डियो वाली एक्सरसाइज को शामिल किया जाता है। इस तरह की एक्सरसाइज ना केवल स्टेमिना बूस्ट करती हैं, बल्कि इससे हार्ट हेल्थ पर भी काफी अच्छा असर पड़ता है।
  • भले ही आप माइक्रो-वर्कआउट कर रही हैं, लेकिन इस दौरान भी बॉडीवेट एक्सरसाइज की जाती हैं। साथ ही साथ, कंपाउंड मूवमेंट करने से आपके शरीर की ताकत बढ़ती है। इससे मसल्स को टोन करने में भी मदद मिलती है। 
  • आप चाहे कम देर के लिए एक्सरसाइज करें, लेकिन इससे एंडोर्फिन्स रिलीज़ होते हैं, जो मूड को अच्छा करते हैं और एनर्जी देते हैं। ऐसे में आपको स्ट्रेस कम महसूस होता है और आप अधिक खुश, एक्टिव व फोकस्ड महसूस करती हैं।
  • माइक्रो-वर्कआउट्स के दौरान प्लैंक और ग्लूट ब्रिज जैसी एक्सरसाइज करने से कोर मज़बूत होता है। साथ ही साथ, इस तरह की एक्सरसाइज आपके बॉडी पोश्चर को सुधारने में भी मदद करती हैं।

माइक्रो-वर्कआउट में जंपिंग जैक्स किए जा सकते हैं। अगर आप इसे एक मिनट तक लगातार करती हैं तो लगभग 8-10 कैलोरी बर्न होती है। जंपिंग जैक्स करने के लिए सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएं। अब जंप करते हुए पैरों को बाहर फैलाओ। इस दौरान हाथ ऊपर उठा लो। इसके बाद वापस शुरूआती पोज़िशन में आ जाओ।

Body Weight Squat
Body Weight Squat

बॉडीवेट स्क्वॉट्स करने से आप एक साथ कई मसल्स कोट टारगेट कर पाते हैं। यह आपके थाइज, ग्लूट्स और कोर को मजबूत करने में मददगार है। आप बॉडीवेट स्क्वॉट्स के 15 के 3 सेट्स कर सकती हैं। इस एक्सरसाइज को करने के लिए सबसे पहले पैरों को कंधे की चौड़ाई पर रखो। अब धीरे-धीरे अपनी हिप्स को पीछे और नीचे झुकाओ। इस दौरान आपका पोश्चर कुछ ऐसा बनेगा, जैसे आप कुर्सी पर बैठ रहे हो। ध्यान दें कि घुटनों को पंजों से आगे न जाने दो। फिर वापस खड़े हो जाओ। 

प्लैंक को कोर के लिए काफी अच्छा माना जाता है। लेकिन इससे बॉडी की स्ट्रेंथ और स्टेबिलिटी दोनों बढ़ती है। साथ ही साथ, इससे पोश्चर भी सही रहता है। आप अपनी क्षमतानुसार इसे 30 सेकंड से 1 मिनट तक कर सकती हैं। प्लैंक करने के लिए सबसे पहले अपने फोरआर्म ज़मीन पर टिकाओ। ध्यान दें कि आपका शरीर सिर से लेकर एड़ी तक सीधा हो। इस दौरान कोर को टाइट करो। बॉडी को स्टेबल बनाए रखने की कोशिश करें। 

Push-ups
Push-ups

पुश अप्स भी आप 15 के तीन सेट कर सकती हैं। इसे करने के लिए सबसे पहले प्लैंक पोज़िशन में आ जाओ। आपके हाथ कंधे की चौड़ाई पर होने चाहिए। अब कोहनियों को मोड़ते हुए छाती को ज़मीन की तरफ ले जाओ, फिर फिर से ऊपर धकेलो। इस एक्सरसाइज से आपकी अपर बॉडी को फायदा मिलता है। यह एक्सरसाइज छाती, कंधे, बाजू और कोर को मजबूती देती है।

अगर आप माइक्रो-वर्कआउट में लंजेस शामिल करती हैं तो इससे आपकी टांगें और ग्लूट्स मजबूत होते हैं। साथ ही साथ, इससे बॉडी बैलेंस भी बेहतर होता है। आप दोनों पैरों से 10-10 बार इसे कर सकते हैं। लंजेस करने के लिए सबसे पहले एक पैर आगे बढ़ाओ। साथ ही, हिप्स को नीचे झुकाओ, जब तक दोनों घुटनों से 90 डिग्री कोण ना बन जाएं। फिर वापस शुरूआती जगह पर आ जाओ। अब दूसरे पैर से भी यही दोहराओ।

Focus on Micro Workout
Focus on Micro Workout
  • माइक्रो-वर्कआउट्स करते हुए बीच में लंबे ब्रेक लेने से बचें। राउंड के बीच जल्दी-जल्दी मूव करने से दिल की धड़कन बनी रहती है।
  • अगर आपके पास अधिक समय हो तो एक ही जगह हर एक्सरसाइज के दो-तीन सेट कर सकते हैं। 
  • माइक्रो-वर्कआउट्स के साथ-साथ  थोड़ी स्ट्रेचिंग करना भी बेहद जरूरी है। इसके अलावा, अपने खाने व वाटर इनटेक का भी पूरा ख्याल रखें।

मैं मिताली जैन, स्वतंत्र लेखिका हूं और मुझे 16 वर्षों से लेखन में सक्रिय हूं। मुझे डिजिटल मीडिया में 9 साल से अधिक का एक्सपीरियंस है। मैं हेल्थ,फिटनेस, ब्यूटी स्किन केयर, किचन, लाइफस्टाइल आदि विषयों पर लिखती हूं। मेरे लेख कई प्रतिष्ठित...