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Healing Touch Therapy: एलोपैथी, आयुर्वेद, होम्योपैथी के अलावा आजकल हीलिंग थेरेपी भी तेजी से लोकप्रिय होती जा रही है। इलाज के लिए हर तरह की पद्धति के बाद अब लोग हीलिंग थेरेपी की तरफ आकर्षित हो रहे हैं। हीलिंग थेरेपी में एनर्जी की हीलिंग कर मन, शरीर, आत्मा के ऊर्जा प्रवाह को ठीक किया जाता है, जिससे व्यक्ति को शांति मिलती है। साथ ही इससे उसे मानसिक, शारीरिक, भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक फायदे होते हैं। यही वजह है कि मानसिक रोगों के इलाज के साथ-साथ अन्य कई बीमारियों के इलाज में लोग हीलिंग थेरेपी का सहारा ले रहे हैं। इस थेरेपी की खास बात यह है कि इसमें किसी दवाई के बिना इलाज संभव है और प्राकृतिक होने के कारण इसका शरीर पर कोई नुकसान भी नहीं होता है। हीलिंग थेरेपी में हीलिंग टच का महत्वपूर्ण स्थान है। आइये जानते हैं इसके बारे में-

क्या होती है हीलिंग टच थेरेपी

इसमें शरीर के प्रभावित हिस्से को छूकर परेशानी का हल किया जाता है। हाथों के जरिए निकलने वाली एनर्जी से हीलिंग दी जाती है, जिससे शरीर के असंतुलन और गड़बड़ी को बैलेंस किया जाता है। एनर्जी ब्लॉकेज को हटाकर मन, शरीर और आत्मा में नैचुरल फ्लो लाया जाता है जिससे शरीर की बीमारियां ठीक होने लगती हैं। इसमें कई क्वालिफाइड प्रोफेशनल्स मौजूद हैं, जिनकी मदद से आप भी हीलिंग का फायदा उठा सकते हैं। कई अस्पतालों, क्लिनिक्स, नॄसग स्कूलों में हीलिंग की सुविधा उपलब्ध होती है।

हीलिंग टच की सबसे पहले शुरुआत जेनेट मेंग्टन ने 1980 के आसपास की थी। उन्होंने एनर्जी के महत्व को जानकर टच के जरिए हीलिंग प्रॉपर्टी को जाना क्योंकि वह खुद एक नर्स थीं। इसके बाद उन्होंने 1989 में हीलिंग टच पर एक मेडिसिन प्रोग्राम बनाया। हीलिंग टच एशियाई परम्परा के अनुसार एक्यूपंचर और किगोंग पर आधारित है, जिसमें एनर्जी के फ्लो के जरिए अच्छा शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य पाया जा सकता है।

कैसे होती है हीलिंग थेरेपी

हीलिंग टच सेशन में व्यक्ति को मसाज टेबल पर लेटाकर या कुर्सी पर आराम से बैठा दिया जाता है। फिर हीलिंग देने वाला प्रैक्टिशनर व्यक्ति के शरीर के जिस हिस्से में हीलिंग दी जानी है, वहां पर अपना ध्यान केन्द्रित करता है, जिसे सेंटेरिंग कहा जाता है। इस प्रक्रिया से हीलिंग देने वाला व्यक्ति मेडिटेशन के स्टेज में पहुंच जाता है और प्रभावित व्यक्ति से बेहतर कनेक्शन स्थापित कर पाता है। इसके बाद शरीर के प्रभावित हिस्सों के एनर्जी प्रवाह को हाथों के टच के जरिए महसूस किया जाता है और शरीर की स्कैनिंग की जाती है। इसमें दो महत्वपूर्ण तकनीक चक्रा कनेक्शन और मैग्नेटिक पास का उपयोग कर एनर्जी सेंटर्स को प्रवाहित किया जाता है।

किन समस्याओं से मिल सकती है निजात

हीलिंग टच थेरेपी से कई शारीरिक और भावनात्मक परेशानियों को ठीक किया जा सकता है। इसका उपयोग सायकोलॉजी, सायकियाट्रिक, कार्डियोवस्कुलर बीमारियों, इंडोक्राइन संबंधी परेशानियों, कैंसर, शरीर के दर्द, एंग्जायटी, स्ट्रेस से सम्बंधित परेशानियों को ठीक करने में किया जा सकता है। 

हीलिंग थेरेपी के प्रकार

  • क्रिस्टल हीलिंग
  • प्रिाणिक हीलिंग
  • क्विांटम हीलिंग
  • शिीगॉन्‍ग थेरेपी
  • रिेकी हीलिंग 

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