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इन दोनों थेरेपी के बारे में अच्छे से जान लें

अगर आप हीट और कोल्ड थेरेपी को लेकर कंफ्यूज हो रहे हैं, तो परेशान न हों। आज हम आपको इस लेख में दोनों थेरेपी में कौन अधिक बेहतर है के बारे में विस्तार से बताएंगे। आइए जानते हैं इस बारे में-

Heat and Cold Therapy: शरीर में दर्द या फिर सूजन की परेशानी होने पर तुरंत सिंकाई करने की सलाह दी जाती है। लेकिन कई बार हम इस बात को लेकर कंफ्यूज़ रहते हैं कि हमें कौन सी थेरेपी करने की जरूरत है ठंडी या फिर गर्म? अगर आपको भी इसके लिए कंफ्यूजन रहता है, तो परेशान न हों। आज हम आपको इस लेख में हीट और कोल्ड थेरेपी में से कौन सा अधिक बेहतर है के बारे में विस्तार से बताएंगे। आइए जानते हैं इस बारे में-

क्या है हीट थेरेपी?

हीट थेरेपी में गर्मी सिंकाई की जाती हैं। यह कई तरीकों से की जाती है। जैसे- गर्म कपड़ा, हीटिंग मशीन, हीट पैड या फिर गर्म पानी की मदद से हीट थेरेपी दी जाती है। इसके अलावा आधुनिक समय में मार्केट में कई तरह की मशीने उपलब्ध हैं, जिससे हीट थेरेपी दी जाती है। हीट थेरेपी की मदद से जोड़ों में दर्द और सूजन से आराम मिल सकता है। इसके साथ ही यह शरीर में ब्लड फ्लो को भी बेहतर करने में प्रभावी होता है।

हीट थेरेपी दो प्रकार की होती है। एक मॉइस्ट हीट, इसमें गर्म पानी और स्टीम का इस्तेमाल किया जाता है। वहीं, दूसरा होता है ड्राई हीट, इसमें हॉट पैक, हॉट जैल, हीटिंग पैड, इंफ्रारेड सॉना का प्रयोग किया जाता है।

हीट थेरेपी का कब करें प्रयोग

हीट थेरेपी का प्रयोग स्ट्रेन्स, मोच या फिर पुराने ऑस्टियो आर्थराइटिस (जैसे – घुटनों, कंधों, कोहनी और जोड़ों में ऊत्तकों का घिस जाना), पीठ के निचले हिस्से में दर्द, गर्दन में दर्द और पीठ की चोट के मामले में दर्द प्रयोग किया जा सकता है। इससे आपको दर्द और सूजन से काफी हद तक आराम मिलेगा।

कोल्ड थेरेपी क्या है?

कोल्ड थेरेपी में आपके प्रभावित हिस्से की सिंकाई ठंडी चीजों से किया जाता है। ठंडी सिंकाई के लिए कई तरह की चीजों का प्रयोग जैसे- आइस पैक, कूलेंट स्प्रे, आइस मसाज और आइस बाथ का प्रयोग होता है। इससे दर्द को कम करने में काफी हद तक मदद मिलती है।

कोल्ड थेरेपी का कब करें प्रयोग?

कोल्ड थेरेपी पुराने ऑस्टियोआर्थराइटिस, ताजा चोट, गठिया के दर्द, माइग्रेन, एक्टिविटी के बाद टेंडन्स में जलन इत्यादि स्थितियों में ली जा सकती है। इससे आपको काफी ज्यादा आराम महसूस होता है।

कौन सी थेरेपी है अधिक फायदेमंद?

कोल्ड और हीट थेरेपी की तुलना की जाए, तो दोनों ही थेरेपी आपके लिए बेहतर होती है। इन दोनों थेरेपी की मदद से आप दर्द और सूजन से आराम पा सकते हैं। लेकिन इन दोनों थेरेपी का प्रयोग सही स्थान और सही समय पर करना जरूरी होता है। क्योंकि अगर आप गलत थेरेपी लेते हैं, तो इससे आपको नुकसान भी हो सकता है। इसलिए हीट या फिर कोल्ड थेरेपी लेने से पहले एक बार डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

हीट थेरेपी और कोल्ड थेरेपी दोनों ही आपके स्वास्थ्य के लिए काफी हेल्दी होता है। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि अगर आपको ज्यादा चोट लगी है, तो इस स्थिति में आपको एक बार डॉक्टर की सलाह पर ही थेरेपी लेनी चाहिए। ताकि आपको सही थेरेपी का पता चल सके।

निक्की मिश्रा पिछले 8 सालों से हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लिख रही हैं। उन्होंने ग्वालियर के जीवाजी यूनिवर्सिटी से इकनॉमिक्स में एमए और भारतीय विद्या भवन से जर्नलिज़्म की पढ़ाई की है। लिखना उनके लिए सिर्फ एक प्रोफेशन...