Benefits of Nigella Seeds: अचार का स्वाद बढ़ाना हो या फिर लगाना हो दाल में छोंका, छोटी सी कलौंजी आपके व्यंजनों की रंगत और जायका बढ़ाने में काफी मदद कर सकती है। भारतीय रसोई में कई तरह के मसालों का उपयोग किया जाता है जैसे जीरा, अजवाइन, सौंफ, दालचीनी और कलौंजी। ये मसाले न केवल व्यंजनों का स्वाद दोगुना करते हैं बल्कि इनसे मिलने वाले हेल्थ बेनिफिट्स इन्हें दुनियाभर में लोकप्रिय भी बनाते हैं। खासकर कलौंजी जिसे निगेला सेटिवा के नाम से भी जाना जाता है। कलौंजी के गुणों के बारे में कम ही लोग जानते हैं लेकिन इसके हेल्थ बेनिफिट्स जानकर शायद आप हैरान रह जाएंगे। कलौंजी में भरपूर मात्रा में विटामिन बी, नियासिन, आयरन, कैल्शियम, फाइबर और अमीनो एसिड होता है, जो कब्ज, वेट लॉस और किडनी संबंधित कई बीमारियों का इलाज करने में मदद कर सकते हैं। लेकिन इसके सेवन का सही समय और तरीका आना चाहिए। तो चलिए जानते हैं कलौंजी के चमत्कारी गुणों के बारे में।
क्या है कलौंजी के हेल्थ बेनिफिट्स (Health Benefits Of Nigella Seeds)

कलौंजी हर घर में पाया जाने वाला एक मसाला है जो औषधीय गुणों से भरपूर है। व्यंजनों के अलावा कलौंजी का उपयोग कई बीमारियों के इलाज के तौर पर भी किया जाता है। इसमें कई पोषक तत्व हैं जो आपकी इम्यूनिटी से लेकर किडनी के रोग में लाभ पहुंचा सकते हैं। तो चलिए जानते हैं इसके हेल्थ बेनिफिट्स के बारे में।
एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर
एंटीऑक्सीडेंट ऐसा कंपाउंड है जो हानिकारक फ्री रेडिकल्स और सेल्स को डैमेज होने से बचाता है। कलौंजी में थाइमोक्विनोन, कार्वाक्रोल और टी-एनेथोल नामक एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो कैंसर, डायबिटीज, हार्ट डिजीज और मोटापे से बचाते हैं।
वजन घटाने में मदद
कलौंजी के तेल में फाइटोकेमिकल्स होते हैं जो शरीर की जींस को प्रभावित कर सकते हैं। जिससे तेजी से फैट लॉस होता है और भूख भी नियंत्रित रहती है। कई अध्ययनों में पाया गया है कि प्रतिदिन 3 ग्राम कलौंजी के तेल के साथ यदि कम कलौरी वाली डाइट फॉलो की जाए तो 8 हफ्ते में लगभग 4-5 किलो वजन कम किया जा सकता है।
याददाश्त और एकाग्रता बढ़ाए
आयुर्वेद के अनुसार यदि कलौंजी के बीज को पुदीने की पत्तियों के साथ मिलाकर खाया जाए तो याददाश्त में सुधार हो सकता है। जिन लोगों को अल्जाइमर की समस्या है खासकर बुजुर्गों को इसका सेवन मुख्य रूप से करना चाहिए। साथ ही इसके सेवन से एकाग्रता को भी बढ़ाया जा सकता है।
कोलेस्ट्रॉल कम करे
कलौंजी के सेवन से कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद मिल सकती है। इससे लो-डेंसिटी लिपोप्रोटीन कोलेस्ट्रॉल और ब्लड ट्राइग्लिसराइड्स में कमी आती है जिससे हार्ट डिजीज का खतरा कम हो जाता है। इसके अलावा ये बीपी को भी कंट्रोल रखने में मदद करता है।
ब्लड शुगर को करे कंट्रोल
डायबिटीज या हाई ब्लड शुगर से शरीर में कई समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं जैसे- नर्व डैमेज, विजन चेंज, किडनी प्रॉब्लम और घाव का धीमी गति से भरना आदि। कलौंजी एक नेचुरल ट्रीटमेंट है जो टाइप 2 डायबिटीज के पेशेंट्स के ब्लड शुगर लेवल को सुधार सकता है। 3 महीने तक प्रतिदिन कलौंजी का सेवन करने से एवरेज शुगर लेवल में कमी आ सकती है।
कब्ज में लाभदायक
कलौंजी में थाइमोक्विनोन होता है जो विभिन्न गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याओं को ठीक करने में मदद करता है। अपनी डाइट में कलौंजी के बीज शामिल करने से कब्ज की समस्या से भी छुटकारा मिल सकता है। साथ ही ये पेट में होने वाले अल्सर को भी बढ़ने से रोक सकता है।
स्किन प्रॉब्लम में फायदेमंद
कलौंजी कई स्किन प्रॉब्लम से राहत दिलाने में मदद कर सकती है। कलौंजी मुहांसे, दाग-धब्बे, ड्राइनेस, व्हाइट पैच, पिगमेंटेशन और रिंकल्स जैसी समस्याओं को कम करके स्किन को चमकदार और साफ बना सकती है।
कैंसर से बचाव
कलौंजी में एंटीकैंसर प्रॉपर्टीज होती हैं जो कैंसर सेल्स को बढ़ने और फैलने से रोक सकती हैं। इसमें मौजूद कंपोनेंट्स कैंसर, लंग्स, पैनक्रियाज, प्रोस्टेट, स्किन और पेट के कैंसर के खिलाफ प्रभावी असर दिखाते हैं।
सूजन को कम करे
सूजन एक सामान्य समस्या है जो शरीर में चोट लगने या संक्रमण की वजह से हो सकती है। हालांकि कुछ सूजन कैंसर, डायबिटीज और हार्ट डिजीज जैसे कई बीमारियों की वजह से भी हो सकती है। ऐसे में कलौंजी का सेवन लाभदायक हो सकता है। ये सूजन के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकता है।
किडनी को बनाए मजबूत
डायबिटीज की वजह से किडनी को होने वाले नुकसान को ठीक करने में कलौंजी मदद कर सकती है। किडनी में ब्लड शुगर और ब्लड यूरिया लेवल को कम करने के गुण होते हैं जो किडनी को सुरक्षित रखते हैं। कलौंजी का नियमित रूप से खाली पेट सेवन करने से लाभ मिल सकता है।
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खाली पेट कलौंजी खाने के फायदे ( Empty Stomach Benefits Of Nigella Seeds)

-खाली पेट कलौंजी का सेवन करने से वजन कम करने में मदद मिलती है। ये मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करता है।
-सुबह खाली पेट कलौंजी खाने से ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।
-नियमित रूप से खाली पेट कलौंजी खाने से बीपी या ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है।
-हार्ट को हेल्दी बनाने के लिए भी कलौंजी का खाली पेट सेवन किया जा सकता है।
-किसी भी तरह की सूजन को कम करने में कलौंजी मदद कर सकती है लेकिन इसे खाली पेट खाना चाहिए।
-कैंसर रोगी को भी सुबह के समय कलौंजी के बीज देने से फायदा हो सकता है।
क्या है कलौंजी खाने के नुकसान (Side Effects Of Nigella Seeds)

कलौंजी को केवल व्यंजनों का स्वाद बढ़ाने के लिए ही नहीं बल्कि कई हेल्थ प्रॉब्लम्स को सुधारने के लिए भी इस्तेमाल में लाया जाता है। हालांकि कलौंजी का सीमित मात्रा और अवधि में ही सेवन करना चाहिए अन्यथा शरीर को नुकसान भी पहुंच सकता है।
लो बीपी का कारण
कलौंजी का अधिक मात्रा में सेवन करना लो बीपी को बढ़ावा दे सकता है। जिससे चक्कर, अधिक पसीना और बेचैनी जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं।
प्रेग्नेंसी में खतरनाक
हालांकि कुछ लोग प्रेग्नेंसी में कलौंजी का सेवन करते हैं लेकिन सीमित मात्रा में इसका सेवन फायदेमंद होता है। कलौंजी की तासीर गर्म होती है इसलिए प्रेग्नेंसी में इसे अधिक खाने से मना किया जाता है।
हैवी पीरियड्स
जिन महिलाओं को हैवी पीरियड फ्लो की समस्या है उन्हें इसके सेवन से बचना चाहिए। कलौंजी के अधिक सेवन से ब्लीडिंग अधिक हो सकती है जो कमजोरी और चक्कर का कारण बन सकती है।
हो सकती है एलर्जी
कलौंजी का सेवन अधिक मात्रा में करना स्किन के लिए भी नुकसानदायक हो सकता है। इसके सेवन से स्किन एलर्जी और पिंपल्स की समस्या हो सकती है। इसलिए जहां तक हो सके इसका सेवन निश्चित अंतराल के लिए ही करना चाहिए।
पेट में ऐंठन
कई लोगों को अधिक गर्म तासीर वाली चीजें खाने से पेट संबंधित समस्याएं हो सकती हैं। कलौंजी पेट के तापमान को बढ़ा सकती है इसलिए इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। यदि पेट दर्द, ऐंठन और मरोड़ जैसी समस्याएं आएं तो डॉक्टर से संपर्क करें।
मेथी दाना और कलौंजी के फायदे

मेथी दाना और कलौंजी का सेवन एक साथ करने से बाल, डाइजेशन, लिवर, डायबिटीज, कोलोन कैंसर और अस्थमा जैसी समस्याओं में रिलीफ मिल सकता है। कलौंजी की ही तरह मेथी दाना पोटेशियम में रिच होता है जिससे ग्रे और प्रिमैच्योर हेयर को सुधारा जा सकता है। इसके अलावा ये दोनों ही चीजें डाइजेशन, गैस और ब्लोटिंग में लाभदायक हो सकती हैं।
दालचीनी और कलौंजी के फायदे
दालचीनी और कलौंजी दोनों ही औषधीय गुणों से भरपूर है। ये न सिर्फ वजन कम करने में सहायक होती है बल्कि डायबिटीज और हाई बीपी को भी कंट्रोल कर सकती है। दालचीनी का सेवन फ्लू और कोल्ड में भी किया जा सकता है। दालचीनी में कई ऐसे कंपाउंड होते हैं जो इम्यूनिटी को बढ़ाने में मदद करते हैं। सुबह के समय दालचीनी और कलौंजी का पानी पीने से कई समस्याओं से निजात मिल सकता है।
कैसे करें कलौंजी का उपयोग (How To Use Nigella Seeds)

-कलौंजी का उपयोग कई तरह से किया जा सकता है। वजन कम करने और पाचन संबंधित विकार को ठीक करने के लिए कलौंजी को शहद और नींबू के साथ लिया जा सकता है। एक गिलास गर्म पानी में एक चम्मच कलौंजी पाउडर, एक चम्मच शहद और आधा चम्मच नींबू का रस मिलाकर पीने से लाभ मिलता है।
-कलौंजी, इलायची, सौंफ को ड्रायरोस्ट करके इसका पाउडर बना लें। फिर एक एयरटाइट डिब्बे में इसे स्टोर कर लें। इस मिक्चर को आधा कप दूध में मिलाएं और इसका सेवन करें।
-कलौंजी का उपयोग सलाद, अचार, तड़का और रोटी को स्वादिष्ट बनाने के लिए भी किया जा सकता है।
FAQ | क्या आप जानते हैं
क्या है कलौंजी खाने का सही तरीका ?
कलौंजी का सेवन कब तक कर सकते हैं ?
कलौंजी का पानी पीने से क्या होता है ?
कलौंजी किस तासीर की होती है ?
क्या हैं सर्दियों में कलौंजी खाने के फायदे ?
