हरसिंगार के फायदे और नुकसान क्या हैं, जानिए
हरसिंगार के पौधों का इस्तेमाल करने से सेहत को कुछ फायदे और नुकसान हो सकते हैं। ऐसे में इसका सेवन करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें। आइए जानते हैं इसके कुछ फायदे और नुकसान के बारे में-
Harsingar Benefits and Side Effects: भारत में आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति का विशेष महत्व है। आयुर्वेद में नैचुरल चीजों का प्रयोग करते बीमारियों का इलाज किया जाता है। इसलिए इसके साइड-इफेक्ट्स होने की संभावना काफी कम होती है। आयुर्वेद में मौजूद हजारों जड़ी-बूटियां मौजूद हैं, जिसमें से हरसिंगार का अपना एक अलग महत्व है। हरसिंगार का पौधा काफी ज्यादा मनमोहक खुशबू देता है। आयुर्वेद में हरसिंगार की फूलों, पत्तियों और बीजों का प्रयोग बीमारियों के इलाज के लिए क्या जाता है। इससे कई बीमारियों का इलाज हो सकता है। आज हम आपको इस लेख में हरसिंगार से सेहत को होने वाले फायदे और कुछ नुकसान बताएंगे। आइए जानते हैं हरसिंगार के फायदे और नुकसान क्या हैं?
अस्थमा का करे इलाज

हरसिंगार का प्रयोग अस्थमा जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए किया जाता है। दरअसल, हरसिंगार में एंटी-अस्थमाटिक और एंटी-एलर्जिक गुण होता है। इसका कारण इसकी पत्तियों में मौजूद β-साइटोस्टेरॉल नामक रसायन है। इसके साथ ही इसकी पत्तियों से तैयार अर्क की मदद से शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड का उत्पादन बढ़ाया जाता है, जो नाक की नली को आराम पहुंचाता है। इससे नाक की नली की सूजन कम होती है। प्राचीन काल में अस्थमा के रोगियों का इलाज इसकी पत्तियों के जरिए ही किया जाता है। इसके साथ ही हरसिंगार का फूल भी काफी उपयोगी साबित हो सकता है।
पाचन करे दुरुस्त

हरसिंगार के पौधों का प्रयोग पाचन संबंधी परेशानियों को भी दूर करने के लिए किया जाता है। इसमें पाचन तंत्र को मजबूत करने का गुण होता है। दरअसल, हरसिंगार के पौधे में स्पस्मोडिक गुण मौजूद होता है, जो पाचन तंत्र की मजबूती को बढ़ावा दे सकता है। इससे आप अपच, एसिडिटी, कब्ज, पेट में दर्द इत्यादि की परेशानियों से राहत पा सकते हैं।
अर्थराइटिस रोगियों के लिए फायदेमंद

हरसिंगार की पत्तियों और फूलों में एंटीइंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। इससे अर्थराइटिस में होने वाली सूजन को कम किया जा सकता है। साथ ही दर्द से भी आराम पा सकते हैं। अगर आपको अर्थराइटिस की परेशानी है तो आप हरसिंगार के अर्क का इस्तेमाल गठिया रोग को रोकने के लिए कर सकते हैं। इसमें एंटी-अर्थराइटिस गुण मौजूद होता है।
स्ट्रेस करे दूर

हरसिंगार के पौधे में एंटीडिप्रेसेंट गुण मौजूद होता है, जो मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत ही जरूरी है। इससे तनाव और डिप्रेशन की समस्याओं से बचाव किया जा सकता है। अगर आप अपना मानसिक तनाव कम करना चाहते हैं, तो नियमित रूप से हरसिंगार के फूलों से तैयार चाय का सेवन करें। इससे आपको काफी रिलैक्स महसूस होगा। साथ ही मूड भी बेहतर होगा।
एंटीबैक्टीरियल गुणों से है भरपूर

हरसिंगार के फूलों का इस्तेमाल आप एंटी-बैक्टीरिया के रूप में कर सकते हैं। यह फूल आपको रोगों से लड़ने में मददगार हो सकता है। इसकी मदद से आप सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार जैसी परेशानियों को दूर रख सकते हैं। मुख्य रूप से हरसिंगार का पौधा साल्मोनेला टाइफी बैक्टीरिया से आपको सुरक्षित रख सकता है, जो टाइफाइड का कारण होता है।
दिल को रखे स्वस्थ

हरसिंगार के पौधों का प्रयोग आप दिल को स्वस्थ रखने के लिए कर सकते हैं। दरअसल, इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर करता है। साख ही इससे आप मोटापा भी कंट्रोल कर सकता हैं, जो हार्ट की बीमारियां का प्रमुख कारण होता है। नियमित रूप से हरसिंगार के फूलों से बनी चाय का सेवन करने से आप हाई ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल जैसी बीमारियों से दूर रह सकते हैं, जो आपके हृदय स्वास्थ्य के लिए काफी अच्छा माना जाता है।
बवासीर रोग करे दूर

आज के समय में लोगों की लाइफस्टाइल काफी ज्यादा बदल गई है। खासतौर पर खानपान को लेकर लोगों द्वारा काफी ज्यादा लापरवाही बरती जा रही है। ऐसे में कई तरह की बीमारियां होने की संभावना बढ़ जाती है। इन बीमारियों में बवासीर भी एक है। इसकी वजह से मलद्वार में सूजन आ सकती है। अगर आप चाहते हैं कि बवासीर जैसी गंभीर बीमारी से दूर रहे तो हरसिंगार के फूलों से बनी चाय का सेवन करें। इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण मलद्वार में होने वाली सूजन को कम कर सकता है।
खून को करे साफ

खून में अगर किसी तरह की गंदगी होने लगे, तो इसका असर आपके लिवर पड़ सकता है। ऐसे में आपको ब्लड को साफ रखना बहुत ही जरूरी है। हरसिंगार के पौधे में हेपाटो प्रोटेक्टिव गुण पाई जाती है, जो ब्लड को साफ कर सकता है। इससे लिवर में मौजूद विषाक्त पदार्थ बाहर किया जा सकता है।
गैस की परेशानी से रखे दूर

अगर आप बार-बार गैस बनने की परेशानी से जूझ रहे हैं तो आपके लिए हरसिंगार का पौधा काफी ज्यादा असरदार हो सकता है। इसमें लैक्सेटिव गुण होता है, जो पाचन क्रिया के लिए बेहतर है। इससे पेट में बनने वाले गैस के गोले कम किए जा सकते हैं।
तेजी से भरे घाव
हरसिंगार की पत्तियों और फूलों के प्रयोग से आप घाव को तेजी से भर सकते हैं। दरअसल, इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण होता है, जो घाव को तेजी से भरने में आपकी मदद कर सकता है। अगर आपको किसी तरह की चोट या फिर घाव की परेशानी हुई है, तो आप हरसिंगार के अर्क का इस्तेमाल मलहम के रूप में कर सकते हैं।

हरसिंगार के नुकसान
हरसिंगार के फूलों, पत्तियों और बीजों से सेहत को कई लाभ होते हैं, लेकिन इसकी अधिक मात्रा में सेवन करने से आपकी सेहत को नुकसान भी हो सकता है। ऐसे में इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करें।

हरसिंगार के पौधों की तासीर गर्म और ठंडी दोनों तरह की हौती है, ऐसे में इसका सेवन आप समय के हिसाब से करें। खासतौर पर गर्भवती महिलाओं को हरसिंगार के फूलों ओर पत्तियों का सेवन नहीं करना चाहिए, इससे नुकसान होने का खतरा रहता है।
वहीं, कुछ लोगों को हरसिंगार के फूलों से एलर्जी की शिकायत होती है, ऐसे में आपको स्किन पर खुजली, रैशेज, पेट में दर्द, अपच, खांसी, जुकाम जैसी परेशानियां भी हो सकती हैं। इसलिए एलर्जी की शिकायत होने पर हरसिंगार के पौधों से दूर रहें।
हरसिंगार का पौधा स्वास्थ्य के लिहाज से सेहत के लिए काफी हेल्दी होता है, लेकिन कुछ स्थितियों में इसका सेवन नहीं करना चाहिए। अगर आप हरसिंगार का सेवन करने जा रहे हैं, तो सबसे पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें। ताकि इससे होने वाले नुकसान को रोका जा सके।
