सर्द हवाओं के चलते ही हमारी दिनचर्या पूरी तरह से बदल जाती है। खाने से लेकर पहनने तक हर चीज़ को सोच समझकर इस्तेमाल करना पड़ता है। मगर इसका सबसे ज्यादा असर बुजुर्गाों के जीवन पर पड़ता है। हांलाकि सर्दी के मौसम में लगभग सभी उम्र के लोग प्रभावित रहते हैं लेकिन इस मौसम में खासतौर पर बुजुर्गों को काफी परेशानी होती है। सर्दियों के कारण कई बार वृद्ध लोग बीमार भी पड़ जाते हैं। इसलिए इस मौसम में उनका ध्यान रखना बेहद ज़रूरी हो जाता है। 50 की उम्र से पार के लोगों की बात की जाए तो सर्दी का मौसम उनके लिए किसी आफत से कम नहीं होता। दिल की बीमारियांए गठियाए शुगरए ब्लड प्रेशरए दमा आदि बीमारियां बढ़ती उम्र के साथ और गंभीर होती जाती हैं। ऐसे में मौसम के उतार चढ़ाव से अपने आपको सचेत रखना उनके लिए बेहद जरूरी हो जाता है।  इस मौसम में उनकी अनदेखी करनी काफी भारी पड़ सकती है। तो ऐसे में उनकी सेहत को लेकर कुछ ज़रूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए ताकि सर्दी के मौसम में वो पूरी तरह से फिट रहें। 
सुबह और देर शाम बाहर निकलने से बचें
बच्चे हो यां बुजुर्ग सर्द हवाएं आसानी से इन्हें अपनी चपेट में ले लेती हैं। खासतौर से 50 से ज्यादा उम्र वाले लोगों को सुबह और देर शाम घर से बाहर निकलने में एहतयात बरतनी चाहिए। दरअसल बुजुर्गों को ठंडी हवा से बचाना बेहद ज़रूरी है। अन्यथा वो कई गंभीर बीमारियों का शिकार हो सकते हैं और खुद को बीमार कर सकते हैं।
प्रदूषण से बचें
लगातार प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा हैए जिससे हवा जहरीली हो रही है। प्रदूषण के कण नीचे आ रहे हैं। इससे सांस लेने में दिक्कत हो रही है। इसलिए जब भी आप बाहर निकलेंए तो मास्क पहन कर निकलें। सेहत के साथ कोई लापरवाही न करें।
पैरों की अनदेखी क्यों
सर्दियों में एड़ियां ज्यादा ड्राई हो जाती हैं। अगर प्रॉपर साफण्सफाई न की जाएए तो इस उम्र में पैरों की खूबसूरती खुश्क हो जाती है। पैरों की सफाई डिटॉल मिले गुनगुने पानी से करें। मॉइस्चराइजर के प्रयोग के बाद भी यदि आपके हाथण्पैर की त्वचा खुश्क रहती हैए तो आप तेल से पैरों की मालिश कर सकते हैं।
आलस से बचें 
सर्दी के मौसम में हमें अधिक आलस भी हैं जिसके कारण हम अपने दिन का अधिकतर समय सोने में ही निकाल देते हैं। इससे आपके अंदर दिन दृ प्रतिदिन सुस्ती बढती ही जाती हैंण् सर्दी के मौसम में जहाँ आप अपने शरीर को अधिक आरामदायक स्थिति में रखते हैंण् वहीँ इससे आपका डेली रूटीन बिगड़ जाता हैं और जब सर्दी का मौसम समाप्ति की ओर होता हैं तो आपका शरीर अगले मौसम के अनुसार अपने आपको ढाल पाने में अधिक समय लेता हैंण्
विटामिन डी की पूर्ति
सर्दियों में दिन छोटे हो जाते हैंए जिससे हार्मान्स असंतुलन पैदा होता है और शरीर में विटामिन डी की कमी आती है। इससे दिल और दिमाग कमजोर पड़ने की प्रबल आशंका होती है। इस मौसम में खूब धूप सेकें। 80 से 90 प्रतिशत लोग विटामिन डी की कमी से पीडि़त हैंए जो सर्दी के मौसम में अवसादए जोड़ों के दर्द और रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी का कारण बनता है। ऐसे में सर्दियों में काफी धूप के अलावा विटामिन डी वाले भोजन लें।
ज्यादा कैलरी वाले खाद्य पदार्थ का सेवन न करें 
सेचुरेटेड फैट और ट्रांस फैट के सेवन से बचें। लाल मांस को अपने डाइट चार्ट में से निकाल दें और उसकी जगह फल व सब्जियों को शामिल कर लें। सभी तरह की वसा शरीर के लिए हानिकारक नहीं होतीं व दिल को सेहतमंद रखती हैं। बादामए अखरोटए मछली अच्छी वसा के ऐसे ही प्रमुख स्रोत हैं।
हल्का व्यायाम
 सर्दी का मौसम सेहत बनाने की दृष्टि से बेहद फायदेमंद होता है। लेकिन यदि आप खाद्य पदार्थाें का सेवन भरपूर करेंगे और शरीरिक परिश्रम बिल्कुल भी नहीं करेंगे तो आप स्वस्थ नहीं रह पाएंगे। ऐसी दिनचर्या से आपके शरीर में फैट जमता जाएगा और जो आगे चलकर आपके लिए परेषानी का सबब साबित हो सकता है। ऐसे में जरूरी है कि समय निकाल कर सुबह और शाम सैर करें। इससे आप पूरे दिन ऊर्जा से भरपूर  महसूस करेंगे। 
जोड़ों का दर्द
बुजुर्गों में कैल्शयम की कमी की वजह से जोड़ों में दर्द होने लगता है। इससे बचने के लिए ऐसे खाद्य पदार्थ खाएंए जिनसे शरीर में कैल्शियम की कमी पूरी की जा सके। साथ ही अगर इस मौसम में हड्डी संबंधी रोग अधिक बढ़ रहे हैंए तो हड्डी रोग विशेषज्ञ को तुरंत दिखाएं। क्योंकि बुजुर्गों को इन रोगों में कोताही नहीं बरतनी चाहिए।
खान पान पर रखें ध्यान
सर्दियों में ठंडा खाना बुजुर्ग वक्तियों को बहुत परेशान कर सकता है। इसके लिए आप जब भी उनके लिए खाना सर्व करें तो हमेशा खाना को हल्का गरम करके ही सर्व कीजिए। सर्दियों में ठंडा खाना देने से कई बार बुजुर्ग बीमार भी पड़ जाते हैं। इसी तरह गरम खाना के साथ आप हल्का गरम पानी भी उनकों दीजिए। गरम खाना और गरम पानीए ये दोनों ही सर्दियों में बुजुर्ग वक्तियों को हेल्दी रखता है।
त्वचा को हाइड्रेटेड रखें
ठंडा और शुष्क मौसम पसीने की ग्रंथियों को संकुचित करता है जो आपकी त्वचा को शुष्क बना सकते हैं। नियमित रूप से त्वचा को मॉइस्चराइज करेंण् पानी और अन्य तरल पदार्थों का सेवन भी त्वचा को हाइड्रेटेड रखने में मदद करेगा। आमतौर पर सर्दियों में पानी का सेवन कम होता है और हवा में नमी की कमी होती हैए तो यह असंतुलन शरीर को निर्जलित कर सकता है। हमेशा निर्जलीकरण से बचने के लिए पूरे दिन में बहुत सारे तरल पदार्थ पीने की सलाह दी जाती है।
गर्म कपड़े पहनें
ऐसे मौसम में ठंड लगने की आशंका बनी रहती हैए इसलिए सुबह और शाम के वक्त मोटे और गर्म कपड़े पहनना अति आवश्यक हैए क्योंकि सुबह और दोपहर के तापमान में काफी अंतर होता है। शाम होतेण्होते तापमान में काफी गिरावट आ जाती है। ऐसे में सर्दी लगने की आशंका रहती है। इसका सेहत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है इसलिए आप गर्म कपड़े पहनें ताकि मौसम का असर ना हो। खास कर ऐसे मौसम में हृदय और सांस के मरीजों के लिए काफी परेशानी होती है। इसलिए ऐसे मरीजों को दवा समय पर लेनी चाहिए और अपनी सेहत पर हमेशा नजर रखनी चाहिए।
मालिश करवाएं
अकसर देखा जाता है कि सर्दी के मौसम में पुराने से पुराना दर्द भी बाहर आ जाता है और हमें परेशान करता रहता है। जिन्हें जोड़ा का दर्द बना रहता है। वे जैतून या किसी गर्म तेल से अपने शरीर की मालिश करवाएं। मालिश से शरीर को आराम मिलेगा और आप काफी रिलैक्स महसूस करने लगेंगे।
फलों का सेवन करें
सर्दियों में ऐसे फलों का सेवन ज्यादा करें जिससे आपके शरीर में पानी की कमी पूरी हो जाए। इसके लिए आप हरी सब्जियाए चावलए दहीए सेबए संतरा और मौसंबी का सेवन कर सकते है। 
मसालेदार खाने से बचें
सर्दियों में आप गर्मागर्म हलवाए पराठेए मीठी या मसालेदार जैसी चीजें खाना पसंद करते हैंए लेकिन बुजुर्गोंं के लिए रोज.रोज ऐसी चीजों का सेवन करना वजन बढ़ने का एक कारण साबित हो सकता है। साथ ही शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ा सकता हैए जो आपके लिए घातक होगा।
बंद कमरे में अंगीठी जलाने से बचें
सर्दियों में अक्सर ठंड से बचने के लिए लोग कोयलाए अंगीठीए ब्लोअर व हीटर कमरों के अंदर ही जला लेते हैं। साथ ही सारे खिड़की दरवाजे भी बंद कर देते हैं कि कमरा गर्म रहे लेकिन इससे निकलने वाले कार्बन मोनो आक्साइड सेहत के लिए बहुत नुकसानदायक होती है।
अधिक कपडे न पहनें  
सर्दी के दिनों में हम सभी अक्सर सर्दी से बचने के लिए ज्यादा और गर्म कपड़ों को पहन लेते हैं। जो की हमारे सेहत के लिए बिल्कुल भी ठीक नही हैं। क्योंकि जब हम एक साथ अधिक गर्म कपडे़ पहन लेते हैं तो इससे हमारे शरीर को अधिक गर्माहट मिलती हैं और इसके बाद पसीना आने लगता हैंए जिसकी वजह से ही कुछ देर बाद हम कुछ कपडे़ उतार देते हैं। कपड़े उतार देने से पसीना तो सूख जाता हैं लेकिन जैसे ही हम कपड़े उतार देते हैं तो हमारा शरीर ठंडी हवा के प्रभाव में आ जाता हैं जिससे हमें कुछ देर बाद ठण्ड लगने लगती हैं। ऐसा करने से हम जल्द ही बीमार पड़ जाते हैंए इसीलिए सर्दी के दिनों में ज्यादा कपडे़ न पहन कर इतने कपडे़ पहनेंए जिनसे आपकी मसल्स को गर्माहट मिलती रहें और आपके शरीर में नमी बनी रहें।
कपड़ों को धूप में सुखाएं 
अक्सर हम सभी कपड़ों को सर्दी के दिनों में घर में ही सुखाने के लिए डाल देते हैं लेकिन ऐसा करना आपकी सेहत के लिए बहुत ही खराब होता हैं। दरअसलए घर के अंदर कपडे सुखाने से घर में से कई प्रकार के ऑर्गेनिक कंपाउंड निकलते हैंए जिससे घर के बच्चों को तथा बुजुर्गों को साँस की बीमारी होने का खतरा रहता हैं। इसलिए सर्दी के दिनों में अपने घर में कपडे सुखाने की भूल कभी न करें।
एक रुटीन बनाएं
अपने दिन की शुरुआत ओमेगा 3 फैटी एसिड से करें और इसे एक गिलास गर्म दूध के साथ समाप्त करने से स्वस्थ नींद चक्र और अच्छे पाचन का निर्माण करने में मदद मिलेगी। संपूर्ण आहार को कम वसा वाले रखने से हमेशा स्वास्थ्य समस्याओं को हरा देने की सिफारिश की जाती है। कम गति वाले व्यायाम और हल्के योग को दैनिक दिनचर्या में शामिल करने से शरीर और दिमाग तरोताजा रहेगा।
गर्म मसालों का इस्तेमाल करें
दालचीनी, लौंग, मोटी इलायची और सौंठ समेत सभी गर्म मसालों का चाय और दाल सब्जियों में इस्तेमाल करें। ताकि शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया जा सके और शरीर में गर्माहट पैदा की जा सके। मगर बुजुर्गों के लिए डाक्टरी सलाह के बाद ही गर्म मसालों का इस्तेमाल करें। 
इन बातों का भी रखें ध्यान
सर्दियों में हमेशा बुजुर्गों को गर्म कपड़ा पहना कर ही रखें।
समय पर फैमिली डॉक्टर से उनके बारे में हेल्थ संबंधी जानकारी लेते रहे। नियमित तैर पर उनका चेकअप कराते रहे।  
 ज्यादा फैट वाली चीजें ना खाएं और सिगरेटए शराब आदि का सेवन बिल्कुल बंद कर दें।
अपने कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर पर नियंत्रण रखें।
सुबह ण्शाम  सैर जरूर करें।
नमक का सेवन कम करें।
मक्खन व घी का प्रयोग भी सीमित मात्रा में करें।
तनाव से बचें।
हल्की धूप का आनंद लें लेकिन सिर को अधिक तपने ना दें।
ताजा सब्जियां और दलिए का सेवन करें।
मीठा अधिक खाने से बचें। थोड़ाण्थोड़ा व्यायाम जरूर करें। 
अधिक गर्म चीजें जैसे मेवे और खुजूर इत्यादि अधिक मात्रा में खाने से बचें
हरी सब्जिया, चावल, दही, सेब संतरा और मौसंबी का सेवन कर सकते है। ये फल आपके शरीर को पर्याप्च मात्रा में पानी देते है।
बार बार चाय और काॅफी के स्थान पर दिन में रोजाना 8 से 10 गिलास गुनगुना पानी पीने से डीहाईड्रेशन की समस्या से बच सकते है।
सर्दियों में डिहाइड्रेशन की समस्या से बचना है तो दिन में 1 बार नारियल पानी पीने से आपके शरीर में पानी की कमी पूरी हो जाती है।
 
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