Fibermaxxing Supports Gut Health
Fibermaxxing Supports Gut Health

Summary: फाइबरमैक्सिंग क्या सच में पाचन और वजन घटाने का नया सुपरहिट फॉर्मूला है?

फाइबरमैक्सिंग एक नया हेल्थ ट्रेंड है जिसमें डाइट में जानबूझकर फाइबर की मात्रा को बढ़ाया जाता है। यह बेहतर पाचन, वजन घटाने, ब्लड शुगर कंट्रोल और त्वचा में निखार लाने में मदद कर सकता है। हालांकि, यदि बिना तैयारी के इसे अपनाया जाए तो गैस, पेट फूलना और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

Fibermaxing Benefits: आजकल सोशल मीडिया पर एक नया ट्रेंड तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे “फाइबरमैक्सिंग” कहा जाता है। हेल्थ इंफ्लुएंसर और फिटनेस कोच इसे गट हेल्थ का सुपरहिट फॉर्मूला बता रहे हैं। अब सवाल यह उठता है कि क्या यह सच में फायदेमंद है या सिर्फ एक और इंटरनेट हाइप? आइए जानते हैं फाइबरमैक्सिंग क्या है, इसके क्या फायदे और नुकसान हो सकते हैं, और इसे कैसे शुरू किया जा सकता है।

What is Fibermaxxing?
What is Fibermaxxing?

“फाइबरमैक्सिंग” का मतलब है अपने रोजाना की डाइट में फाइबर की मात्रा को जानबूझकर और अधिक मात्रा में शामिल करना। इसमें लोग फलों, सब्जियों, साबुत अनाज, सीड्स जैसी चीजों को बड़े स्तर पर अपनी डाइट का हिस्सा बनाते हैं। यह बेहतर पाचन के लिए बढ़िया है और इससे ब्लड शुगर भी कंट्रोल में रहता है। इसके सेवन के बाद लंबे समय तक पेट भरा रहता है, जिसकी वजह से वजन घटाने में मदद मिलती है। यह ट्रेंड खासतौर पर उन लोगों के बीच पॉपुलर हो रहा है जो गट डिटॉक्स, ब्लोटिंग कंट्रोल और साफ त्वचा की तलाश में हैं।

हेल्थलाइन के अनुसार, “सोशल मीडिया पर छाए कई असुरक्षित और वैज्ञानिक रूप से समर्थित डाइट ट्रेंड्स की तुलना में, फाइबरमैक्सिंग असल में लोगों के खाने के पैटर्न के लिए बढ़िया है”। आइए जानते हैं विस्तार से फाइबरमैक्सिंग के फ़ायदों के बारे में।

फाइबर आंतों को साफ रखने में मदद करता है और कब्ज की समस्या को कम करता है। इससे पेट हल्का और शरीर में एनर्जी बनी रहती है।

फाइबर युक्त भोजन देर तक पेट भरा हुआ महसूस कराता है, जिससे बार-बार खाने की इच्छा कम होती है और कुल कैलोरी इनटेक घटता है।

फाइबर ब्लड शुगर के स्तर को स्थिर रखने में मदद करता है, जिससे डायबिटीज़ के मरीजों को लाभ हो सकता है।

घुलनशील फाइबर (soluble fiber) कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद कर सकता है, जिससे दिल की बीमारियों का खतरा घटता है।

बेहतर पाचन और आंतों की सफाई से त्वचा पर भी सकारात्मक असर दिखाई देता है, जैसे मुंहासे कम होना और त्वचा का चमकदार दिखना।

अचानक अधिक मात्रा में फाइबर लेने से पेट फूलना, गैस या ऐंठन की समस्या हो सकती है। फाइबर शरीर से पानी को सोखता है, इसलिए यदि पानी की मात्रा पर्याप्त न हो तो डिहाइड्रेशन हो सकता है। आईबीएस, क्रोहन डिज़ीज़ जैसी आंत संबंधी समस्याओं वाले लोगों को अधिक फाइबर नुकसान पहुंचा सकता है।

How to Start Fibermaxxing?
How to Start Fibermaxxing?

अपनी डाइट में फाइबर की मात्रा अचानक ना बढ़ाएं। धीरे-धीरे बदलाव लाएं ताकि शरीर को एडजस्ट होने का समय मिले। जितना फाइबर उतना पानी, यह नियम जरूरी है। कम पानी के साथ ज्यादा फाइबर नुकसान कर सकता है। फल, सब्ज़ियां, दालें, बीज, नट्स आदि से फाइबर लें ताकि सभी प्रकार के फाइबर मिलें। अगर फाइबर बढ़ाने के बाद पेट भारी लगे, गैस हो या असहजता महसूस हो, तो कुछ मात्रा घटा दें या डॉक्टर से सलाह लें।

स्पर्धा रानी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के लेडी श्रीराम कॉलेज ने हिन्दी में एमए और वाईएमसीए से जर्नलिज़्म की पढ़ाई की है। बीते 20 वर्षों से वे लाइफस्टाइल और एंटरटेनमेंट लेखन में सक्रिय हैं। अपने करियर में कई प्रमुख सेलिब्रिटीज़ के इंटरव्यू...