आज के समय में फिट रहना बेहद आवश्यक है। अमूमन लोग समझते हैं कि फिटनेस का अर्थ है टाइट एब्स बनाना, हैवी वेट उठाना या फिर तेजी से दौड़ना आदि। लेकिन फिटनेस इससे कहीं अधिक है। फिटनेस सिर्फ आपके बाहरी स्वरूप तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह आपको आंतरिक रूप से भी अधिक सेहतमंद बनाता है। वैसे जब भी सेहत की बात होती है, तो उसे जांचने के लिए हम कई तरह के चेकअप्स करवाते हैं, जो यकीनन काफी महंगे होते हैं। वहीं, दूसरी ओर, फिटनेस के लेवल को चेक करने के लिए भी आप कुछ परीक्षण कर सकते हैं।

हालांकि, इस टेस्ट को आपको बाहर जाकर करवाने की जरूरत नहीं है और ना ही इसके लिए आपको पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं है। आप इन्हें खुद घर पर ही कर सकती हैं। इतना ही नहीं, इन टेस्ट के जरिए आप अपने साथ-साथ अपने पूरे परिवार के फिटनेस लेवल को चेक कर सकती हैं। तो चलिए जानते हैं इन फिटनेस टेस्ट्स के बारे में-

रेस्टिंग हार्ट रेट टेस्ट

रेस्टिंग हार्ट रेट की संख्या की गणना करना आपकी फिटनेस प्रगति को जानने का एक उपयोगी तरीका है। आपकी एरोबिक फिटनेस में सुधार होने पर इसे कम करना चाहिए। आपकी आरएचआर दर्शाती है कि जब आप आराम कर रहे होते हैं तो आपका दिल हर मिनट कितनी बार धड़कता है।

इस टेस्ट को करने का तरीका

अपने आरएचआर को मापने के लिए, दो अंगुलियों को अपनी गर्दन पर, अपनी जॉलाइन (कैरोटीड धमनी) के ठीक नीचे, या अपनी कलाई (रेडियल धमनी) पर रखें, और फिर 60 सेकंड में आपके द्वारा महसूस की जाने वाली धड़कनों की संख्या गिनें। आपको पहली बीट को ‘शून्य’ के रूप में गिनना चाहिए। अक्सर यह सोचा जाता है कि हमारे आरएचआर लेने का सबसे अच्छा समय सुबह सबसे पहले होता है।

टेस्ट का रिजल्ट

60 या उससे कम = अच्छा

61 से 80 = औसत

80 से 100 = उच्च, लेकिन फिर भी स्वीकार्य माना जाता है

101 या अधिक = असामान्य रूप से उच्च (अच्छा नहीं!)

 

हेड टर्निंग टेस्ट

यह आपकी गर्दन के लचीलेपन का परीक्षण करने का एक बेहतरीन तरीका है। इस टेस्ट को करने के लिए, लंबा बैठें और सीधे आगे देखें। अपने सिर को दाईं ओर घुमाते हुए किसी को सीधे अपने पीछे खड़ा करें। उन्हें यह नोट करने के लिए कहें कि वे आपकी कितनी प्रोफ़ाइल देख सकते हैं। बायीं आंख की पलकें या फिर आपकी नाक? अब धीरे-धीरे सेंटर में लौट आएं और अपने सिर को बाईं ओर घुमाएं। दोबारा, पीछे खड़े व्यक्ति से यह आकलन करने के लिए कहें कि वे आपकी कितनी प्रोफ़ाइल देख सकते हैं।

इस हेड टर्निंग टेस्ट के परिणाम

यदि आप पाते हैं कि आपके पास एक दिशा में दूसरी दिशा की तुलना में अधिक मोशन है, तो आपको अपने लचीलेपन को बढ़ाने के लिए अपनी फिटनेस दिनचर्या में स्ट्रेच और मोबिलाइजिंग व्यायाम शामिल करना चाहिए।

 

कोर स्टेबिलिटी टेस्ट

आपने यकीनन कोर स्ट्रेंथ और उसकी महत्ता के बारे में अवश्य सुना होगा। कोर के मजबूत होने से कई फायदे मिलते हैं, लेकिन कोर स्ट्रेंथ को कैसे चेक किया जाए। इसका जवाब है प्लैंक। महज, प्लैंक एक्सरसाइज के जरिए आप अपनी कोर की स्ट्रेंथ का पता लगा सकते हैं।

कैसे करें यह टेस्ट

सबसे पहले, अपने पेट के बल फर्श पर लेट जाएं, कोहनी आपके शोल्डर के नीचे हो। अपनी कोर की मांसपेशियों को टाइटन कर लें, अपने पैर की उंगलियों को नीचे की ओर मोड़ें, फिर अपने फोर आर्म्स से नीचे दबाएं और अपने शरीर को ऊपर उठाएं। ध्यान रखें कि आपके सिर, गर्दन, पीठ और पैरों को एक सीधी रेखा बननी चाहिए। इस स्थिति को यथासंभव लंबे समय तक यूं ही रहें।

 

टेस्ट के रिजल्ट

अगर आप दो मिनट के लिए खुद को होल्ड रख पाते हैं, तो इसे बहुत अच्छी कोर स्ट्रेंथ के लिए बेंचमार्क माना जाता है। यदि आप एक मिनट से अधिक समय तक इस स्थिति को रह सकते हैं, तो आपका कोर अपेक्षाकृत मजबूत है। 30 से 60 सेकंड का समय औसत है, जबकि 30 सेकंड से कम का मतलब है कि आपको इस पर अधिक काम करने की आवश्यकता है।

शोल्डर मोबिलिटी टेस्ट

कंप्यूटर पर घंटों काम करना, नेट पर सर्फिंग करना, टीवी देखना, गाड़ी चलाना या बैड पॉश्चर में बैठना आदि शोल्डर के टाइटन होने और ज्वाइंट्स की मोबिलिटी कम होने का कारण बन सकता है। लूप-द-लूप एक्सरसाइज टेस्ट के जरिए आप शोल्डर्स की मोबिलिटी का आकलन कर सकती हैं।

टेस्ट करने का तरीका

सीधे बैठें और फिर अपने फोरआर्म को कोहनी से मोड़ें और अपने हाथ को अपने शोल्डर ब्लेड्स के बीच तक पहुंचाएं। फिर बाएं हाथ को अपने पीछे ले जाएं, हथेली को बाहर की ओर ले जाएं और हाथों को आपस में मिलाने का प्रयास करें।

टेस्ट का रिजल्ट

यदि आप उंगलियों को जोड़ सकते हैं, तो आप असाधारण रूप से अच्छा कर रहे हैं। अगर वे छूते हैं, तो आपको कोई समस्या नहीं है। यदि उंगलियां दो इंच से कम दूर हैं, तो आपको थोड़ी अतिरिक्त मेहनत करने की जरूरत है। यदि अंतर दो इंच से अधिक है, तो आपको निश्चित रूप से अपने कंधे की मोबिलिटी को बेहतर बनाने के लिए काम करने की आवश्यकता है।

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