Brain Health: हमारा दिमाग हमारे शरीर का सबसे जटिल और महत्वपूर्ण अंग है। लेकिन अनजाने में हम रोज़मर्रा की कुछ आदतों से इसे नुकसान पहुँचा रहे होते हैं। ये आदतें इतनी सामान्य होती हैं कि हम इन पर ध्यान भी नहीं देते। अगर समय रहते इन पर ध्यान न दिया जाए, तो ये हमारी याददाश्त, एकाग्रता और मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकती हैं। आइए जानते हैं ऐसी 8 आदतों के बारे में जो धीरे-धीरे आपके दिमाग को कमजोर बना रही हैं।
नींद की कमी
अपर्याप्त नींद केवल थकावट ही नहीं लाती, बल्कि यह दिमाग की कार्यक्षमता को भी प्रभावित करती है। नींद के दौरान मस्तिष्क खुद को रीसेट करता है और दिनभर की सूचनाओं को व्यवस्थित करता है। लगातार कम नींद लेने से याददाश्त कमजोर होती है और डिप्रेशन की संभावना बढ़ जाती है।
जरूरत से ज्यादा स्क्रीन टाइम
मोबाइल, टीवी और लैपटॉप पर ज़्यादा समय बिताना मस्तिष्क को थका देता है। डिजिटल ओवरलोड से ध्यान केंद्रित करने की क्षमता कम होती है और नींद भी प्रभावित होती है। लंबे समय तक स्क्रीन के संपर्क में रहने से आंखों और दिमाग दोनों पर तनाव पड़ता है।
नाश्ता छोड़ना
कई लोग समय की कमी या वज़न घटाने के चक्कर में नाश्ता नहीं करते। लेकिन सुबह का भोजन दिमाग के लिए बेहद जरूरी होता है। नाश्ता न करने से दिमाग को पर्याप्त ग्लूकोज़ नहीं मिल पाता, जिससे थकावट और चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है।
अत्यधिक शुगर का सेवन
मीठा खाना सभी को पसंद होता है, लेकिन ज़्यादा चीनी दिमाग की कोशिकाओं को नुकसान पहुँचा सकती है। इससे दिमागी सूजन हो सकती है, जो मानसिक बीमारियों का कारण बनती है और सोचने-समझने की क्षमता को धीमा कर देती है।
बहुत कम पानी पीना
हाइड्रेशन की कमी से केवल शरीर ही नहीं, दिमाग भी प्रभावित होता है। जब शरीर में पानी की मात्रा कम होती है, तो दिमाग की कार्यक्षमता घटने लगती है। इससे सिरदर्द, थकान और ध्यान केंद्रित करने में दिक्कत होने लगती है।
मानसिक तनाव को नजरअंदाज करना
लगातार तनाव में रहना दिमाग के लिए ज़हर जैसा हो सकता है। तनाव से दिमाग में कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ता है, जो न्यूरॉन्स को नुकसान पहुँचाता है। अगर तनाव को समय रहते नहीं संभाला जाए, तो यह डिप्रेशन और एंग्जायटी का रूप ले सकता है।
अकेलेपन की आदत
लंबे समय तक अकेले रहना और सामाजिक संपर्क से दूर रहना मस्तिष्क की सेहत के लिए नुकसानदायक होता है। इससे मानसिक थकावट, उदासी और सोचने की शक्ति पर असर पड़ सकता है। इंसानी दिमाग सामाजिक संपर्क से ऊर्जा पाता है।
शारीरिक गतिविधि की कमी
बैठे-बैठे काम करने की आदत दिमाग को सुस्त बना सकती है। नियमित व्यायाम न करने से दिमाग में ब्लड फ्लो कम होता है, जिससे नई कोशिकाओं का निर्माण बाधित होता है। एक्सरसाइज मस्तिष्क को सक्रिय और फुर्तीला बनाए रखने में मदद करता है।
