34 साल की शिखा को पिछले कुछ दिनों से सिर में हमेशा हल्का सा दर्द महसूस होता है। शुरू- शुरू में तो उसने हेडएक वाली ओवर द काउन्टर मेडिसिन ली लेकिन बिना मेडिसिन के उसे आराम नहीं होता था। आखिरकार, उसे समझ नहीं आ रहा था कि ऐसा उसके साथ क्यों होने लगा है। तब उसने अपने फैमिली डॉक्टर से बात की और उन्होंने शिखा से बात करके समझ लिय अकि शिखा को यह दिक्कत लगातार स्मार्ट फोन देखते रहने की वजह से हो रही है। डॉक्टर ने शिखा को स्मार्ट फोन से दूर रहने की सलाह दी ताकि उसका सिर दर्द ठीक हो सके।  

इस बात में कोई दो राय नहीं है कि स्मार्ट फोन ने हमारी जिंदगी बदल दी है, हमारी जिंदगी को आसान बना दिया है। हम सिर्फ कुछ सेकेंड में एक बटन को टच करके दुनिया के किसी भी कोने में बैठे व्यक्ति से बात कर सकते हैं, उन्हें देख सकते हैं। यह सब इंटरनेट की मदद से किया जा सकता है। लेकिन इसका एक अन्य पहलू भी है, वह यह कि चौबीसों घंटे स्मार्ट फोन के इस्तेमाल से हमें कुछ गंभीर रोग होने का खतरा बना रहता है। लंबे समय तक स्मार्ट फोन पर स्क्रॉल करने से गर्दन में दर्द और ड्राई आइज की समस्या होने की संभावना रहती है। अगर आप समझ रहे हैं कि यह डैमेज सिर्फ आपके फिजिकल हेल्थ को हो रहा है,ट ओ आप गलत हैं। ऑनलाइन जरूरत से ज्यादा जानकारी इकट्ठा करने से स्ट्रेस लेवल बढ़ जाता है और असुरक्षा का एहसास भी! इसलिए यह जरूरी है कि आप समय- समय पर डिजिटल डिटॉक्स करते रहें।

क्या है डिजिटल डिटॉक्स

कुछ- कुछ दिनों के अंतराल पर अपने मोबाइल फोन, लैपटॉप, टैबलेट यानी टेक्नॉलजी से जुड़े हर डिवाइस से ब्रेक लेने को ही डिजिटल डिटॉक्स कहा जाता है। यह आपके फिजिकल और मेंटल वेल बीइंग के लिए जरूरी है।

डिजिटल डिटॉक्स लेने के फायदे

डिजिटल डिटॉक्स लेने के कई फायदे हैं, जिनमें से मुख्य निम्न हैं –

आपकी आंखों को डैमेज करता है

 

हम लोगों की आंखें डेलीकेट होती हैं और अगर आप सीमा में रहकर मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करते हैं, तो इसकी ब्लू स्क्रीन आसानी से आंखों को डैमेज कर सकती हैं। स्मार्ट फोन की स्क्रीन फोटोरिसेप्टर डैमेज, सिर दर्द, धुंधली दृष्टि और ड्राई आंखों का कारण बन सकती है। यदि आपको ऐसा कोई भी लक्षण है, तो इसका मतलब यह है कि आपका स्मार्ट फोन इसके लिए जिम्मेदार है। अपनी आंखों को ब्रेक दें, अपने से 20 मीटर दूर किसी चीज पर फोकस करें और डैमेज को कम करने के लिए नियमित तौर पर अपनी आंखों को चेक कराते रहें।

कार्पल टनल और सेल्फ़ी रिस्ट का खतरा

 

अगर आप अपने स्मार्ट फोन का इस्तेमाल रोजाना 5 से 6 घंटे के लिए करते हैं, तो आपको कार्पल टनल और सेल्फ़ी रिस्ट होने का खतरा बना रहता है। स्टडीज बताते हैं कि कार्पल टनल और सेल्फ़ी रिस्ट की समस्या टीनेजर में बहुत ज्यादा बढ़ रही है। इन लक्षणों से कलाई में दर्द, सुन्न पड़ जाना, झुनझुनी महसूस होना, पिन या सूई जैसा चुभना जैसी समस्याएं हो सकती हैं। अगर आपको इनमें से कोई भी लक्षण होता है, तो अपने डॉक्टर से मिलें और अपना स्क्रीन टाइम कम करें। स्मार्ट फोन के ज्यादा इस्तेमाल सए पीठ में दर्द और गर्दन में दर्द जैसी दिक्कत हो सकती है।

स्किन ब्रेकआउट की दिक्कत

 

ऑनलाइन उपलब्ध कई स्टडीज बताते हैं कि स्मार्ट फोन में कई तरह के जर्म और बैक्टीरिया होते हैं। ये पैथोजेंस आपकी स्किन में ट्रांसफार हो सकते हैं और इससे स्किन एवं स्वास्थ्य से जुड़ी अन्य समस्याएं हो सकती हैं। जब आप फोन को अपने के नजदीक लगाते हैं, तो ये जर्म आपकी स्किन में ट्रांसफर हो जाते हैं। इससे स्किन ब्लेमिशेज और एक्ने ब्रेकआउट की समस्या हो सकती है। स्मार्ट फोन के ज्यादा इस्तेमाल से प्रीमैच्योर एजिंग भी हो सकती है। इस खतरे को कम करने के लिए आपको अपने स्मार्ट फोन को नियमित तौर पर अल्कोहल वाइप्स से पोंछना चाहिए।

गहरी नींद न आना

 

आपकी बॉडी सही और हेल्दी तरह से काम करे, इसके लिए जरूरी है कि आपकी रोजाना नियमित तौर पर 7 से 8 घंटे की नींद पूरी हो। लेकिन अमूमन रात में स्मार्ट फोन के इस्तेमाल से कई लोगों को नींद न आने की समस्या हो जाती है। या तो वे अपने स्मार्ट फोन की ओर देखते हुए सो जाते हैं या जागते हुए अपना समय बिताते हैं। अनियमित नींद के पैट्रन से आपका मूड खराब रहता है और आप जरूरत से ज्यादा भी खा सकते हैं।

तनाव और डिप्रेशन

 

आपका स्मार्ट फोन आपको दो तरीकों से स्ट्रेस आउट कर सकता है। पहली बात, आपको नींद न आने से और दूसरी बात, इंटरनेट से जरूरत से ज्यादा जानकारी इकट्ठा करने से। आप चाहे अपने सोशल मीडिया को स्क्रॉल कर रहे हों, या इंटरनेट को, ये दोनों आपके कॉर्टिसॉल लेवल को बढ़ाते हैं। सेलफोन एडिक्शन से आपको एन्जायटी, डिप्रेशन और आवेग जैसे लक्षण भी हो सकते हैं।

खास बातों का ध्यान

 

यह हम सब जानते हैं कि हम पूरे दिन अपने स्मार्ट फोन से दूर नहीं रह सकते हैं। इसलिए आपको स्क्रीन टाइम को कट करने के लिए कुछ खास बातों का ध्यान रखना चाहिए –

खाते हुए अपना स्मार्ट फोन बिल्कुल न देखें।

सुबह- सुबह उठते ही सबसे पहले अपने फोन की ओर हाथ न बढ़ाएं।

बेड पर जाने से ठीक पहले अपने सोशल मीडिया हैंडल को स्क्रॉल न करें।

बेड पर जाने से कम से कम 3 घंटे पहले अपने स्मार्ट फोन का इस्तेमाल करना बंद कर दें।

 

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