सही खानपान से रखें डायबिटीज को नियंत्रित: Diet to Control Diabetes
Diet to Control Diabetes

Diet to Control Diabetes: डायबिटीज लाइफ स्टाइल डिसऑर्डर से जुड़ी समस्या है जिसे सही जीवन शैली और खान-पान से काबू किया जा सकता है। अगर हम अपने आसपास नजर दौड़ाएं तो हमें हर उम्र के व्यक्ति डायबिटीज के शिकार मिल जाते हैं। आंकड़ों के मुताबिक पूरी दुनिया में तकरीबन 34 करोड़ 10 लाख लोग इससे पीड़ित हैं जिनमें करीब 5 करोड़ मरीज भारत में हैं और कई लोग इसके मरीज बनने के कगार पर खड़े हैं।

डायबिटिक पेशंट को बढ़े हुए शूगर लेवल को  कंट्रोल करने के लिए जरूरी है-अपने खान-पान में कार्बोहाइड्रेट और वसायुक्त कई चीजों से परहेज और सीमित तथा संतुलित डाइट। चूंकि खाई गई हरेक चीज शरीर में जाकर ग्लूकोज में कंवर्ट हो जाती है, इंसुलिन की कमी के कारण ब्लड शूगर लेवल में उतार-चढ़ाव आने का खतरा रहता है। इसके साथ ही उन्हें हर 3 घंटे में थोड़ी मात्रा में कुछ न कुछ जरूर खाना चाहिए। ब्रेकफास्ट-लंच और लंच-डिनर के बीच हल्का नाश्ता जरूर करना चाहिए। ज्यादा लंबा गैप आने पर इससे शरीर में शूगर का लेवल बढ़ने लगता है और कमजोरी महसूस होने लगती है।

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जल्दी ब्रेकफास्ट करना

सुबह 6-7 बजे उठने पर अपने दिन की शुरूआत रात को भीगे 6-7 बादामों से करना बेस्ट है। रात के लंबे गैप में बढे शूगर लेवल कंट्रोल में रखने में छोटा-सा स्नेक बहुत उपयोगी रहता है। बाॅडी का मेटाबाॅलिज्म ठीक रखने के लिए डायबिटिक पेशंट को सुबह जल्दी ब्रेकफास्ट करना चाहिए। इसमें परांठों के बजाय चपाती, एक कटोरी दलिया, पोहा, मल्टीग्रेन या व्हीट ब्रेड के दो स्लाइस या वेज सेंडविच, इडली-बड़ा, डोसा, उत्तपम ले सकते हैं। कैल्शियम की आपूर्ति के लिए ब्रेकफास्ट में एक कप दूध और प्रोटीन के लिए पनीर, अंडे ले सकते हैं।

भोजन में बैलेंस

भोजन में बैलेंस बनाकर चलना जरूरी है यानी लंच (1-2 बजे) या डिनर (8-9 बजे) में दो चपाती या एक मीडियम बाउल चावल के साथ एक-एक कटोरी दाल-सब्जी, सलाद, दही हो। दालों के बजाय प्रोटीन के लिए वे पनीर, न्यूट्रीला, स्प्राउट्स, ग्रिल्ड चिकन, फिश जैसी चीजे भी ले सकते हैं। भोजन में प्रोटीनयुक्त चीजें शामिल करने से एक तो चपाती और चावल जैसे कार्बो हाइड्रेट वाली चीजें कम खाई जाती हैं, दूसरे  धीरे-धीरे पचती हैं जिससे जल्दी भूख नहीं लगती।

सब्जियों का अधिक सेवन

नियमित रूप् से भोजन में हरी पत्तेदार और रेशेदार सब्जियों का सेवन करना फायदेमंद है। इनमें करेला, मेथी, चैलाई, पालक, बैंगन, बीन्स, मटर,गोभी, गाजर आदि खाना बेहतर है। सब्जियों में आलू, अरबी, मीठा आलू जैसी स्टार्च से भरी कार्बोहाइड्रेट वाली चीजें नहीं खानी चाहिए। सलाद फाइबर का अच्छा स्रोत हैं और भोजन में ज्यादा से ज्यादा शामिल करने से ग्लूकोज लेवल कंट्रोल में रहता है। सलाद खाना पसंद नहीं है, तो उसे काट कर या ग्रेट कर दही में मिलाकर रायता बना सकते हैं।

डिनर में कम लें कैलोरीज

रात के समय एक्टिविटी कम होने के कारण डिनर मे कैलोरीज कम लें। रात को चावल और साबुत दालों का सेवन कम करें। संभव हो तो डिनर में साबुत दालें खाने से बचें।

मल्टी-ग्रेन आटा

मल्टी-ग्रेन आटा शूगर कंट्रोल करने के लिए बेस्ट है। इसमें गेंहू, चने, दलिया, रागी, जौ, ज्वार, सोयाबीन, फ्लैक्स या चिया के बीज, मकई, ज्वार शामिल किया जा सकता है। मैदा और मैदे से बनी चीजें से परहेज करें। यह रिफाइंड अनाज है और ग्लूकोज बढ़ाने में मदद करता है। सप्ताह में एकाध बार लंच टाइम में मांड निकले हुए एक कटोरी चावल खा सकते हैं क्योंकि इससे चावल में मौजूद स्टार्च कम हेा जाता है। रिफाइंड व्हाइट राइस के बजाय ब्राउन राइस अच्छा विकल्प है।।

फलों का सेवन

रोजाना दिन में 2 मौसमी फल का सेवन करें। फाइबर से भरपूर फल आपकी धमनियों में कोलेस्ट्राॅल जमने से बचाते हैं और शूगर लेवल कंट्रोल में रखते हैं। इनमें पपीता, तरबूज, खरबूजा, सेब जैसे फल आप 200-250 ग्राम तक ले सकते हैं। लेकिन केला, आम, चीकू, अंगूर, खजूर, शरीफा, लीची जैसे शर्करा से भरपूर फल सप्ताह में एक बार लेना बेहतर है।

तली चीजों के बजाय ग्रिल्ड या रोस्टेड

Grilled or roasted instead of fried.
Grilled or roasted instead of fried.

ब्लड शूगर के पेशंट को फ्राइड या ऑयली फूड से परहेज करना चाहिए। इससे उन्हें मोटापा, कोलेस्ट्राॅल, किडनी हार्ट जैसी प्राॅब्लम्स होने का डर रहता है। फ्राइड चीजों के बजाय ग्रिल्ड या रोस्टेड चीजें ले सकते हैं। बहुत जरूरी हो तो एकाध पूरी, 3-4 पकौड़े वगैरह ले सकते हैं। वे पूरे दिन में 2 चम्मच या 10 मिलीलीटर ऑयल ले सकते हैं।

आर्टिफिशयल शूगर से बचें

चीनी, गुड़, शहद, गन्ना, फलों का जूस, मिठाई, केक-पेस्ट्री, आइसक्रीम, कैंडी जैसी ग्लूकोज़ से भरपूर वाली चीजें उनके लिए नुकसानदेह हैं। स्पेलेंडा, इक्वल, स्टीविया नेचुरल जैसी आर्टिफिशयल शूगर नहीं खानी चाहिए। कैमिकल्स से बनी ये आर्टिफिशयल शूगर नसों को कमजोर करती हैं और शूगर लेवल को बढ़ाती हैं।

रात को दूध के साथ बादाम-अखरोट

रात में सोते वक्त शूगर लेवल में आने वाले बदलावों से बचने के लिए डायबिटिक पेशंट को सोने से पहले रात को एक कप दूध के साथ 5-6 बादाम या अखरोट लेना जरूरी है। इनमें मौजूद मैग्नीशियम डायबिटीज की रोकथाम में मदद करता है। इसके अलावा शूगर लेवल कंट्रोल में रखने के लिए डायबिटिक पेशंट ब्रंच टाइम या भोजन से आधा घंटा पहले एक-एक चम्मच अलसी के बीज ले सकते हैं। ओमेगा 3 फैटी एसिड से भरपूर अलसी हार्ट प्राॅब्लम्स जैसे खतरे से भी बचाव करते हैं।

मेथी-दालचीनी का सेवन है फायदेमंद

मेथी के बीज भून कर या रात को आधा चम्मच बीज पानी में भिगोकर सुबह पानी पी सकते हैं। पूरे दिन में आधा चम्मच दालचीनी भी शूगर लेवल, इंसुलिन और कोलेस्ट्राॅल को कंट्रोल करने में सहायक हैं। यह वजन घटाने और शुगर को कंट्रोल करने में मददगार होता है।

(डाॅ चेतना बंसल, क्लीनिकल न्यूट्रीशियनिस्ट, दिल्ली)