कोविड-19 महामारी से पूरा विश्व संघर्ष कर रहा है। इस दौरान शरीर की इम्यूनिटी का बढ़ना बहुत आवश्यक है ताकि आपकी सेहत अच्छी रह सके। हम सब यह तो जानते हैं कि बचाव इलाज से बेहतर है। अभी तक कोविड को ठीक करने की कोई दवा तो नहीं आई है लेकिन आप कुछ तरीकों का प्रयोग करके अपनी इम्यूनिटी को बढ़ा सकते हैं। आयुर्वेद हो या होम्योपैथ या नेचुरोपैथी या फिर यूनानी पद्धति सभी हमारे स्वास्थ्य को प्राकृतिक रूप से बेहतर बनाने में मदद करती हैं। इस लेख के माध्यम से आइए जानते हैं इन चारों पद्धतियों के बारे में।

आयुर्वेद पद्धति

आयुर्वेद दिनचर्या और ऋतुचर्या के आधार पर बचाव के माध्यमों का प्रयोग करने पर बढ़ावा देता है। आयुर्वेद के अनुसार अगर आप अपने स्वास्थ्य का और अपनी इम्यूनिटी का बीमारियों से बचाव करने में सफल हो जाते हैं तो आप खुश और स्वस्थ रह सकते हैं और दूसरों को भी इसके बारे में जागरूक कर सकते हैं।

आयुष मंत्रालय ने निम्न आयुर्वेदिक तरीकों को इस महामारी के बीच खुद की इम्यूनिटी बढ़ाने और बेहतर स्वास्थ्य रखने के लिए प्रयोग करने की गाइडलाइंस बनाई हैं-

आयुर्वेद के अनुसार कुछ सुरक्षा प्रबंध-

  • पूरे दिन में गर्म पानी पीते रहें।
  • योगासन, प्रणायाम और मेडिटेशन की रोजाना आधे घंटे तक प्रैक्टिस करें।
  • हल्दी, जीरा, धनिया और लहसुन जैसे मसालों का खाना बनाते समय प्रयोग करना सुझाया गया है।
  • रोजाना सुबह 10 ग्राम चवनप्राश खाएं और डायबिटिक लोगों को शुगर फ्री चवनप्राश खाना चाहिए।
  • तुलसी, दालचीनी, काली मिर्च, अदरक से बनी हर्बल चाय पिएं।
  • गर्म और हल्दी वाला दूध दिन में एक बार या दो बार जरूर पिएं।
  • नाक में सरसों/नारियल का तेल या घी जरूर लगाएं। ऐसा सुबह शाम जरूर करें।
  • एक चम्मच सरसों या नारियल का तेल अपने मुंह में डाल लें और इसे निगले न बल्कि केवल 2 से 3 बार इसका कुल्ला करें और बाहर थूक दें। इसके बाद गर्म पानी से भी गरारे करें।
  • खांसी या गले में दर्द के दौरान ताजा पुदीने की पत्तियां और अजवाइन को उबाल कर इनकी भाप लें।
  • खांसी आने पर लौंग पाउडर को शहद के साथ मिला कर दो या तीन बार ले सकते हैं। खांसी और गले में दर्द को ठीक करने के यह तरीके प्रयोग करने से पहले एक बार अपने डॉक्टर से राय जरूर लें लें।

नेचुरोपैथी पद्धति

कोविड-19 की रोकथाम हेतु नेचुरोपैथी पद्धति भी है कारगर।

  • रोजाना गर्म पानी में नमक डाल कर या नीम का तेल डाल कर उसके एक या दो बार गरारे जरूर करें।
  • नाक में घी लगाएं या हल्का गर्म और नमकीन पानी डाले ताकि आपके नाक सूखें न और उनमें एयरवे रिएक्टिविटी न हो।
  • एयरवे रिएक्टिविटी को कम करने के लिए हफ्ते में दो बार कपाल भाती करने के बाद नेति क्रिया जरूर करें।
  • अरोमा थेरेपी का प्रयोग करने के लिए पिपरमेंट ऑयल या तुलसी की सुगंध को कई देर तक सूंघें।
  • म्यूकोसल इम्यूनिटी को बढ़ाने के लिए योग और मन को शांत करने वाली एक्सरसाइज करें।
  • ढेर सारी सब्जियों और फलों को अपनी डाइट में शामिल करें ताकि आपका आहार पौष्टिक और संतुलित बन सके और आप स्वस्थ रहें।
  • इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने के लिए इंटर मेटेंट फास्टिंग या लेमन जूस फास्टिंग को हफ्ते में एक बार जरूर ट्राई करके देखें।
  • नियमित रूप से एक्सरसाइज करने से आपका ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है और यह एलर्जी रिएक्शन आदि को दूर रखने में भी लाभदायक है।
  • स्ट्रेस को कम करके भी आप इंफेक्शन से खुद को बचा सकते हैं।
  • अगर आप एक अच्छी सेहत चाहते हैं तो आपको 8 घंटे की नींद लेना बहुत जरूरी होता है और इससे आपको इंफेक्शन आदि का डर भी कम होता है। कोल्ड कंप्रेस से आप रात में नींद न आने वाली चीज से बच सकते हैं।
  • अगर आप हर रोज आधे घंटे तक इंटेंस वर्कआउट करते हैं तो इससे आपका रेस्पिरेटरी इंफेक्शन का डर कम होता है और आपकी सेहत भी बढ़िया रहती है। स्टैमिना और फिटनेस को बढ़ाने के लिए एंड्यूर एक्सरसाइज करें।
  • रोजाना 20 मिनट तक योग करें, 5 मिनट तक ब्रीदिंग एक्सरसाइज करें, 6 बार सूर्य नमस्कार करें, कुछ योगासन करें, जैसे- कपालभाती, प्राणायाम आदि।

कोविड-19 के लक्षणों का नियंत्रण करने के लिए 

  • अरोमा थेरेपी लें, गले में खराश या दर्द होने पर नमक के पानी से गरारे करें, खांसी को ठीक करने के लिए अदरक को चबाएं।
  • सूखी खांसी के लिए दूध में शहद, लौंग, हल्दी, दालचीनी डाल कर पिए।
  • सिर दर्द के लिए तुलसी के पत्तों की अरोमा लें।
  • छाती में खिंचाव होने पर चेयर ब्रीथिंग और भाप ले सकते हैं।
  • थकान को कम करने के लिए प्राकृतिक विटामिन सी का सेवन करें।
  • स्ट्रेस और डिप्रेशन को कम करने के लिए योग थेरेपी का प्रयोग करें, जिसमें  सूर्य नमस्कार, पदहस्तासन, भुजंगासन, मत्स्यासन, प्राणायाम आदि करें।
  • ढेर सारा पानी पिएं।
  • खट्टे फल खाएं और अगर जूस बना रहे हैं तो उसमें गुड या ब्राउन शुगर का प्रयोग करें।

होम्योपैथी पद्धति

अगर आप किसी भी प्रकार की होम्योपैथिक दवाई लेते हैं तो उससे पहले इसके बारे में एक बार अपने डॉक्टर से जरूर कन्फर्म कर लें। इस पद्धति में सबसे पहले व्यक्ति को बचाव के तरीके बताए जाते हैं। अगर किसी व्यक्ति को कोविड हो जाता है तो उसके बाद इलाज के उपचार भी बताए गए हैं।

होम्योपैथी की दवाइयां इन्फ्लूएंजा, डेंगू, एक्यूट सिंड्रोम आदि इंफेक्शन से आपको ठीक करने में भी लाभदायक मानी जाती है।

इस केस में दवाइयां मरीज के लक्षणों और उसके स्वास्थ्य की स्थिति को देख कर दी जाती है। कोविड के मरीजों को ऐडजुवंत होम्योपैथिक दवाइयां दी जाती हैं जोकि सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त होती हैं। होम्योपैथी दवा आर्सेनिकम एल्बम 30 को संभावित कोरोना वायरस संक्रमण के खिलाफ रोगनिरोधी दवा के रूप में लिया जा सकता है। जिसे आईएलआई की रोकथाम के लिए भी सलाह दी गई है। तीन दिनों तक रोजाना खाली पेट आर्सेनिकम एल्बम 30 की एक खुराक ले सकते हैं। थोड़े बहुत लक्षण देखे जाने पर होम्योपैथी में निम्न दवाइयां दी जाती हैं-

  • एकोनाइट नापेलस
  • आर्सेनिकम एल्बम
  • ब्रायोनिया अल्बा
  • जेलसेमियम 
  • रूस टॉक्स
  • कैंफोरा।

यह सब दवाई मरीज के लक्षण और वह कितना गंभीर है यह सब देख कर ही दी जानी चाहिए।

अगर गंभीर है लेकिन क्रिटिकल नहीं है तो निम्न दवाइयां दी जानी चाहिए-

  • फास्फोरस
  • चेलीडोनियम
  • वेराट्रम विराइड
  • कैंफोरा
  • कार्बो वेज
  • आयोडम आदि, यह सब दवाइयां मरीज के लक्षण, ऑक्सीजन लेवल देख कर ही देनी चाहिए।

यूनानी पद्धति

यूनानी पद्धति के अनुसार फ्लू और मानव का साथ चोली-दामन जैसा है। बदलते मौसम के साथ फ्लू के वायरस मानव शरीर को संक्रमित करते हैं और शरीर की प्रतिरोधक प्रणाली कुछ बाहरी उपायों के साथ उससे निजात पा लेती है। इसलिए पारम्परिक चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद, यूनानी, सिद्धा शरीर की प्रतिरोधक शक्ति को मजबूत बनाने के सिद्धांत पर काम करती हैं।

मरीज को निम्न दवाइयां दी जा सकती हैं-

  • बेही दाना, एंटी ऑक्सिडेंट
  • इम्यूनो मोडुलेटर, एंटी एलर्जिक, एंटी इन्फ्लूएंजा
  • सीपिस्टन
  • करंजवा : एंटी पायरेटिक, एंटी माइक्रोबियल और एंटी इन्फ्लेमेटरी तिर्यक, अर्बा (इसको हल्के गर्म पानी के साथ ले सकते हैं।)
  • रेस्पिरेटरी डीस कंफर्ट के केस में छाती पर रोगन, बाबूना सादा का छाती पर प्रयोग कर सकते हैं।

कुछ हर्ब्स जिनका प्रयोग इस पद्धति में कर सकते हैं-

  • कलोंजी
  • सीर
  • जांजाबील
  • अफसानतीन
  • गीलो
  • खमीरा मार्वरीड (हालांकि इसका प्रयोग डायबिटिक लोगों को नहीं करना चाहिए।)
  • अश्वगंध

यूनानी के स्कॉलर्स ने लक्षणों को नियंत्रण में लाने के लिए सिंगल ड्रग्स का प्रयोग करना सुझाया है। उन्होंने कुछ ऐसे ड्रग्स को भी सुझाया है, जो इस महामारी के बीच आपकी इम्यूनिटी को बढ़ाने में लाभदायक हो सकती हैं, जैसे- तिर्याक। यह ड्रग हृदय के लिए भी अच्छी मानी जाती है।

सिंगल और कंपाउंड यूनानी ड्रग आपके लिए बेहद लाभदायक और प्रभावी साबित हो सकते हैं लेकिन उन्हें प्रयोग करने से पहले किसी फिजिशियन से राय जरूर ले लें क्योंकि हो सकता है कुछ ड्रग आपको सूट न करें और अच्छा असर दिखाने की बजाए और अधिक हालत बिगाड़ दे।

लक्षणों को ठीक करने के लिए

  • हब ए मुबारक (इसका प्रयोग तेज बुखार को ठीक करने के लिए किया जा सकता है।)
  • गले में दर्द से बचने के लिए  शरबत-ए-टूट सियाह का प्रयोग किया जा सकता है लेकिन डायबिटीज के मरीज इस का प्रयोग बिल्कुल न करें।
  • अगर सांस लेने में तकलीफ है तो लाओक-ए-कतन का प्रयोग कर सकते हैं, लेकिन डायबिटिक लोग इस का प्रयोग न करें।
  • मरीज की उम्र और स्थिति को देखते हुए दवाई की डोज को बदला भी जा सकता है इसलिए डॉक्टर से सुझाव लेना बहुत जरूरी है। इसके अलावा आप कुछ अन्य तरीकों का प्रयोग भी कर सकते हैं जैसे- ठंडे पानी का प्रयोग न करें।
  • भोजन की मात्रा कम कर दें लेकिन बार-बार खा सकते हैं।
  • ऐसा भोजन करें जिसमें आपको अधिक पोषण मिलता है।

इन सभी के अलावा आपको कोविड से जुड़ी सभी सुरक्षा नियमों का पालन भी करना अनिवार्य है।

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