Yoga for Hormonal Imbalance: अगर शरीर में हार्मोनल इंबैलेंस की स्थिति उत्पन्न होती है तो शरीर में हारमोंस का स्टार असंतुलित हो जाता है। इसलिए सबसे पहले जानते हैं कि हार्मोंस क्या होते हैं? हार्मोन हमारे शरीर के अलग-अलग कार्यों को नियंत्रित करने के लिए जरूरी रसायन होते हैं जैसे की प्रजनन चयापचय विकास। हार्मोनल असंतुलन के कारण हमारे शरीर में विभिन्न प्रकार की समस्याएं पैदा हो सकती हैं जैसे कि थायराइड समस्याएं। शरीर में थायराइड हार्मोन की कमी या अधिकता के वजह से थकान बदलाव और अन्य समस्याएं पैदा हो सकती है और इसके चलते प्रजनन समस्याएं भी होती हैं। हार्मोनल इंबैलेंस के कारण प्रजनन संबंधी समस्याएं जैसे कि अनियमित माहवारी पीसीओडी पीसी उस या बांझपन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
हार्मोनल इंबैलेंस से स्ट्रेस डिप्रेशन और अन्य भी कई मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। हार्मोनल इंबैलेंस से त्वचा संबंधित कई समस्याएं जैसे की कील मुंहासे जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। हमारे शरीर में हार्मोनल असंतुलन के कई कारण हो सकते हैं जैसे कि तनाव, वंशानुगत कारण,आहार और जीवन शैली चिकित्सीय समस्याएं।
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हार्मोनल इंबैलेंस के लिए योग

हार्मोनल असंतुलन की समस्या को हम योग के माध्यम से नियंत्रित कर सकते हैं। हम आपको बताने जा रहे हैं ऐसे पांच योगासन जो हारमोनल असंतुलन को नियंत्रित करने में आपकी मदद करेंगे।
भुजंगासन
इस आसन को कोबरा पोज भी कहा जाता है। यह आसन थायराइड ग्रंथि को उत्तेजित करता है, जिससे हार्मोन का संतुलन बनाने में मदद मिलती है। भुजंगासन करने के लिए आप पेट के बल लेट जाएं। हाथों को कंधों के नीचे रखें फिर सांस लेते हुए सीने और सिर को ऊपर उठाएं। थोड़ी देर रुक कर सांस छोड़ते हुए पैरों को नीचे लाएं।
मत्स्यासन
इसे फिश पोज भी कहते हैं। यह आसान भी हमारे हार्मोंस को संतुलित करने में मदद करता है। इस आसन को करने के लिए पेट के बल लेट जाएं। पैरों को मोड़कर अपने हाथों से पकड़े। लंबी सांस लेकर सिर और सीने को उठाएं और सांस छोड़ते वक्त वापस नीचे आ जाएं।
सर्वांगासन
इसे शोल्डर स्टैंड भी कहते हैं। अपने हार्मोनल इंबैलेंस की समस्या से छुटकारा पाने के लिए आप सर्वांगासन का अभ्यास कर सकते हैं। सर्वांगासन करने के लिए आप पीठ के बल लेट जाएं हाथों को अपने कंधों के नीचे रखें सांस लेते हुए अपने पैरों को ऊपर उठाएं कुछ सेकंड इसी पोजीशन में रुके और सांस छोड़ते हुए पैरों को नीचे ले आएं।
पवनमुक्तासन

इस आसन को विंड रिलीजिंग पोज भी कहते हैं। इस आसन को करने के लिए पीठ के बल लेट जाएं। घुटनों को मोड़कर हाथों से पकड़े। अब थोड़ी देर इसी पोजीशन में रुकें। आपके अंदर अगर गैस्ट्रिक संबंधित समस्याएं हैं तो वह दूर होंगे। थोड़ी देर बाद सांस छोड़ते हुए अपने पैरों को नीचे रखें। यह आसान भी आपको हार्मोनल इंबैलेंस से राहत दिलाएगा।
शवासन
शवासन यानी कि कॉर्प्स पोज करने से आपको हार्मोन संबंधित समस्याएं दूर होगी। इस आसन को करने के लिए पेट के बल लेट कर अपने हाथों को शरीर के बगल में रिलैक्स होकर रखें। अपनी आंखें बंद करें और गहरी सांस लेने फिर सांस छोड़ें। कुछ सेकंड रुक कर फिर से यह दोहराएं और फिर आराम करें। इन आसनों को करने से पहले आप योगा मैट लें। इस पर लेट कर योगा करने से आपके शरीर को आराम मिलेगा।
