Yoga After 30: 20 से 30 की उम्र में इंसान सबसे ज्यादा एक्टिव और एनर्जेटिक होता है। इस उम्र में व्यक्ति सबसे ज्यादा अपने शरीर से कार्य ले सकता है। लेकिन 30 की उम्र क्रॉस करते ही आपको धीरे-धीरे बढ़ती उम्र के साइड इफेक्ट्स देखने को मिलते हैं। बढ़ती उम्र के साथ कई बीमारियां हमें घेरने लग जाती हैं। मांसपेशियों में ऐंठन, हड्डियों में दर्द, दांतो से जुड़ी परेशानियां, थकान इत्यादि जैसी सामान्य बीमारियां भी गंभीर रूप लेने लग जाती है।
ऐसे में शरीर को हेल्दी, फिट और एक्टिव रखने के लिए आपको व्यायाम का सहारा लेना चाहिए। आज हम आपको बताएंगे ऐसे चार योगासन, जो आपको हेल्दी और एक्टिव रखने में मददगार साबित होंगे।
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अधो मुख श्वानासन

इस आसन को आप प्रतिदिन कर सकती हैं। यह आपको मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाएगा, आपके घुटनों और रीड की हड्डी को मजबूती प्रदान करेगा। इस योगासन को करने के लिए सबसे पहले आपको बिल्कुल सीधी अवस्था में खड़े हो जाना है। फिर धीरे-धीरे दोनों हाथों के सहारे आपको नीचे की तरफ झुक कर जमीन पर हाथ रखना है। अब दोनों हाथों के सहारे आप शरीर के ऊपरी हिस्से को आगे की तरफ ले जाएं। ऐसा करने से आपका शरीर V का आकार ले लेगा। 15 से 20 सेकंड आपको इस पोजीशन में ही रहना है> इस आसन को आप 10 बार जरूर करें।
त्रिकोणासन
इस आसन को करने से आपके पेट की चर्बी खत्म होती है। यह मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करता है। इसके अभ्यास से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन अच्छे से हो पाता है, जिससे शरीर और दिमाग का संतुलन बना रहता है। इस आसन को करने के लिए सबसे पहले मुंह ऊपर करके सीधी अवस्था में लेट जाएं। धीरे-धीरे अपने दोनों पैरों को मोड़कर पेट के नजदीक लाएं। साथ ही अपने सर को भी घुटनों के पास ले जाएं। इस योगासन में आपका प्रयास यह होना चाहिए कि ज्यादा से ज्यादा देर तक आप अपने सिर को घुटनों से लगा कर रखें। सहारा लेने के लिए आप अपने हाथों से पैरों को पकड़ सकते हैं।
प्राणायाम

अगर आप सुबह की शुरुआत प्राणायाम से करते हैं तो पूरे दिन आप तरोताजा रहेंगे। प्राणायाम करने से आपके शरीर में भरपूर मात्रा में ऑक्सीजन उपलब्ध हो पाता है, जिससे आपका दिमाग और शरीर तरो ताजा महसूस करता है। प्राणायाम करने से त्वचा का ग्लो बढ़ने लगता है और यह आपको स्वस्थ रखने के लिए बेहद आवश्यक है। प्राणायाम करने के लिए आपको गहरी सांस लेनी है। कुछ देर तक होल्ड करके तेजी से सांस को छोड़ना है। इसी प्रक्रिया को आप कम से कम 10 बार दोहराएं। ऐसा करने से आपके फेफड़ों से जुड़ी समस्याएं भी दूर होंगी।
वृक्षासन
इस आसन को करने से आपके पिंडलियों, जांघों और हिप्स सुडौल बनते हैं। इस आसन को करने से आप घुटनों के दर्द से छुटकारा पा सकते हैं। यह आप में जमीनी ऊर्जा का संचार करता है। शरीर का संतुलन बनाए रखता है। यह आसन बेहद ही आसान है। इसे करने के लिए आपको सीधे खड़े होकर दाएं पैर की एड़ी को बाएं पैर की जांघों पर रखना है। धीरे-धीरे आपको अपने दोनों हाथों को नमस्कार के पोजीशन में ले जाना है। इसी अवस्था में आपको 10 से 12 सेकंड रुककर अच्छे से सांस लेना है। इस प्रक्रिया को आप बाएं पैर से भी दोहराएं।
