डिहाइड्रेशन को दूर करने के लिए अपनाये आयुर्वेदिक उपाय
अगर आपको डिहाइड्रेशन की शिकायत है तो आप आयुर्वेद में बताएं हुए उपायों को अपनाकर जल्द राहत पा सकते है। यूं तो डिहाइड्रेशन से बचने के लिए कई तरह के घरेलू उपाय है जिन्हें आप अपनाते है। लेकिन आप इन घरेलू उपायों के साथ साथ आयुर्वेदिक उपाय भी अपनाकर जल्द राहत पा सकते है।
Ayurvedic Remedies for Dehydration: गर्मियों के दिनों में चिलचिलाती गर्मी के कारण शरीर में पानी की कमी से डिहाइड्रेशन की समस्या होने लगती है। कई बार हम गर्मी के दिनों में महसूस करते है कि प्यास लगने के बाद बार बार पानी पीने के बाद भी प्यास नहीं बुझती। ऐसा तभी होता है जब शरीर में पानी की कमी हो जाती है जिसे डिहाइड्रेशन कहते है। ये समस्या गर्मी में ज्यादा इसलिए आती है क्योंकि पसीने के जरिये शरीर का पानी निकल जाता है और अगर हम पानी कम पीते है तो हमारे शरीर में होने वाली नसों से खून का सर्कुलेशन कम हो जाता है और ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। वहीं कई बार पेट की समस्या और डायरिया होने के कारण भी आपको डिहाइड्रेशन की शिकायत हो जाती है। अगर आपको डिहाइड्रेशन की शिकायत है तो आप आयुर्वेद में बताएं हुए उपायों को अपनाकर जल्द राहत पा सकते है। यूं तो डिहाइड्रेशन से बचने के लिए कई तरह के घरेलू उपाय है जिन्हें आप अपनाते है। लेकिन आप इन घरेलू उपायों के साथ साथ आयुर्वेदिक उपाय भी अपनाकर जल्द राहत पा सकते है।
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सौंफ के बीज

गर्मी के मौसम में बहुत ज्यादा मात्रा में शरीर से निकलने वाले पानी और कम मात्रा में पानी पीने के कारण डिहाइड्रेशन की शिकायत होने लगती है। ऐसे में आयुर्वेद में सौंफ के बीजों को बहुत फायदेमंद बताया गया है। सौंफ के बीजों की तासीर ठंडी होती है जिससे डिहाइड्रेशन की समस्या कम होती है। डिहाइड्रेशन में आप आधा चम्मच सौंफ को एक लीटर पानी में उबाल लें। इसे ठंडा करने के बाद दिन में तीन से चार बार एक एक कप इस पानी को पियें।
तुलसी
तुलसी बहुत सारे मर्जों में ओषधि का काम करती है इसी तरह से डिहाइड्रेशन के दौराम पेट में होने वाले दर्द में भी तुलसी आराम देती है और इसके साथ साथ शरीर के तापमान को भी ठंडा बनाने में मदद करती है। इसके लिए आप बाजार में मिलने वाली तुलसी के अर्क का इस्तेमाल कर सकते है ये तुलसी की पत्तियों से बना होता है। इसकी 2, 3 बूंदों को एक गिलास पानी में डालकर पीने से आपको डिहाइड्रेशन में राहत मिलती है।
गिलोय का जूस
कई बार शरीर में पाचन से जुड़ी समस्याओं के कारण भी आपको डिहाइड्रेशन की शिकायत होने लगती है। ऐसे में गिलोय का जूस काफी लाभकारी है वहीं इसे पीने से इम्युनिटी भी मजबूत होती है।
गुड़हल का फूल

आयुर्वेद के अनुसार गुड़हल के फूल को काफी महत्वपूर्ण माना गया है। इसकी पत्तियों से बनी चाय पीने से आपको कई बीमारी से लड़ने में सहायता मिलती है तो वहीं इस फूल में विटामिन सी की बहुत अधिक मात्रा पायी जाती है जिसे पानी की कमी में सेवन करने से बहुत फायदे मिलते है।
गन्ने का जूस
गुनने के जूस में कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन, पोटैशियम जैसे पौषक तत्व मौजूद होते है। जब आप डिहाइड्रेशन का शिकार होते है तो आपके शरीर में इन सब मिनरल्स की कमी आ जाती है ऐसे में अगर आप गन्ने के जूस का सेवन करते है तो आपको डिहाइड्रेशन से लड़ने में सहायता मिलती है और शरीर में होने वाली पानी की कमी की भी पूर्ति होती है। डिहाइड्रेशन होने पर दिन में 2 से 3 बार एक एक गिलास गन्ने के जूस का सेवन करें।
