आज की महिलाएं बहुत महत्वाकांक्षी हैं। वे शादी के बाद तुरंत फैमिली नहीं चाहती। इसलिए सेक्स के दौरान अनचाहे गर्भ को रोकने के लिए गर्भनिरोधक का इस्तेमाल करती हैं। कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स को ओरल टैबलेट भी कहा जाता है। इस बारे में गायनोकोलॉजिस्ट डॉ. निम्मी रस्तोगी का कहना है कि कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स का काम गर्भधारण को रोकना है। बाजार में आपको दो तरह के कॉन्ट्रासेप्टिव मिलेंगे। एक तो रेग्यूलर कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स और दूसरी इमरजेंसी पिल्स। इन दोनों का काम एक ही है, पर इस्तेमाल का तरीका अलग-अलग है। अधिकतर महिलाओं को इन दोनों में फर्क भी पता नहीं होता है और इसका गलत इस्तेमाल उनको नुकसान पहुंचा सकता है।

रेग्यूलर कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स

रेग्यूलर कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स गर्भधारण रोकने के लिए अच्छा उपाय है, बशर्ते इसका सही ढंग से इस्तेमाल किया जाए। रेग्यूलर कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स गर्भधारण रोकने वाली ओरल टैबलेट हैं। अधिकतर कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स कॉम्बिनेशन पिल्स होती हैं, जिसमें एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्ट्रॉन – दो फीमेल हार्मोन होते हैं। हर पिल का हार्मोन लेवल अलग-अलग होता है।

इस्तेमाल

किसी भी प्रकार की कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स का इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह पर ही करना चाहिए। हर माह में इनका 21 दिन का कोर्स होता है जिसे मासिक धर्म शुरू होने के तीसरे दिन से शुरू किया जाता है। यह उस दिन से शुरू होकर २१ दिन तक चलता है। इसे नियमित रूप से लेना चाहिए। अगर किसी दिन आप इसे लेना भूल जाती हैं तो अगले दिन आप दो टैबलेट लें।

सावधानी

कुछ स्थितियों में इमरजेंसी पिल्स के सेवन से बचना चाहिए, जैसे कि गर्भधारण की स्थिति में। कई महिलाओं को लगता है कि इसे खाने से गर्भपात हो जाएगा। पर यह गर्भपात का काम नहीं करती है।अगर आपको गर्भाशय या पेट से संबंधिक कोई समस्या है तो उस समय आप किसी भी तरह की कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स का सेवन न करें।किशोरावस्था में इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इस उम्र में हार्मोन बनते हैं और इसके सेवन से माहवारी पर गलत प्रभाव पड़ सकता है।

दूध पिलाने वाली महिलाओं को कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स का सेवन नहीं करना चाहिए। इसकी जगह वे मिनी पिल्स का इस्तेमाल कर सकती हैं। दूध पिलाने वाली महिलाएं कॉन्ट्रासेप्टिव मिनी पिल्स का इस्तेमाल कर सकती हैं।

इमरजेंसी पिल्स

इस बारे में चंद्रा हॉस्पिटल दिल्ली की गायनाकोलॉजिस्ट डॉ. शालिनी चंद्रा का कहना है कि इमरजेंसी पिल्स का भी काम है गर्भधारण को रोकना, पर इसका इस्तेमाल केवल आपात समय लिए होता है। जब सेक्स के दौरान महिला या पुरुष दोनों ही प्रिकॉशन लेना या सावधानी बरतना भूल गए हों। इसे महीने में एक-दो बार लिया जा सकता है, पर उससे अधिक इसका इस्तेमाल शरीर के लिए हानिकारक होता है। कभी कभार इसका इस्तेमाल करने पर कोई हानि नहीं है।

सही इस्तेमाल

इमरजेंसी पिल्स को सेक्स के बाद 72 घंटे के अंदर तक ले लेना चाहिए तभी वे अपना सही असर दिखाती हैं। अगर इसे 24 घंटे के अंदर ले लिया जाए तो यह ज्यादा प्रभावकारी होती है। आमतौर पर महिलाएं इमरजेंसी पिल्स की तुलना में रेग्यूलर पिल्स को ज्यादा नुकसानदेह समझती हैं क्योंकि उन्हें रोज खाना होता है, पर ऐसा नहीं है। रेग्यूलर पिल्स का सही ढंग से इस्तेमाल किया जाए तो कोई नुकसान नहीं होता। लेकिन इसके अत्यधिक इस्तेमाल से गर्भाशय को नुकसान पहुंच सकता है। साथ ही अनियमित मासिक धर्म और हैवी ब्लीडिंग की शिकायत भी हो सकती है।

साइड इफैक्ट

  • शुरुआत में महिलाओं में उल्टी, जी मचलाने जैसी दिक्कत हो सकती है। कुछ महिलाओं को जुकाम, सुस्ती, चिड़चिड़ापन और तनाव जैसी समस्या भी हो सकती है।
  • इसके सेवन से वजन बढऩे की भी आशंका अधिक रहती है।
  • मुहांसे की समस्या भी पैदा हो सकती है।
  • इसका लंबे समय तक इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। नहीं तो कोई बड़ी समस्या पैदा हो सकती है। इसलिए 1 वर्ष तक नियमित इस्तेमाल के बाद बीच में कुछ महीने का अंतराल ले लेना चाहियl