आज भी महिलाएं पीरियड्स के बारे में बात करने में हिचकिचाती हैं। यही वजह है कि पीरियड्स के दौरान वह परेशान रहती हैं। यही नहीं बल्कि आज भी बहुत सी ऐसी महिलाएं हैं, जो सेनेटरी पैड का इस्तेमाल नहीं करती हैं और इसी वजह से बहुत सी बीमारियों का शिकार हो जाती हैं। सेनेटरी पैड्स के इस्तेमाल से पीरियड्स के दौरान होने वाली परेशानियों से काफी हद तक बचाव किया जा सकता है।
पैड को इस्तेमाल करने का तरीका
- पैड के पीछे के कागज को हटाएं और पैड को अपनी पैंटी में रखें।विंग्स पर से कागज हटाएं। पैंटी के दोनों ओर विंग्स को लपेटें और उसे जोर से दबाएं। इससे वह पैंटी पर पूरी तरह चिपक जाएगा और फिर हिलेगा नहीं।
- पैड को कचरे के डिब्बे में फेंकने से पहले उसे पैड के कागज में लपेटें और फिर अखबार में लपेट कर फेंक दें।
- पैड को टॉयलेट में न डालें क्योंकि इससे टॉयलेट में वह फंस जाएगा और उसका पानी रूक जाएगा।
पैड को कितनी-कितनी देर में बदलें
आप अपने पैड को प्रत्येक 4 घंटों में बदल सकती हैं, लेकिन अपने पीरियड्स की शुरूआत में, आपको अधिक रक्त प्रवाह हो सकता है और आपको प्रत्येक 2 से 3 घंटों में पैड बदलना पड़ सकता है। लेकिन अगर फिर भी आपको बेचैनी हो रही है और पैड से बदबू आने जैसी समस्याएं हो रही हैं तो आप हर दो घंटे में भी पैड चेंज कर सकती हैं।वैसे ये आपकी ब्लीडिंग के फ्लो पर निर्भर करता है कि आप कितनी देर में पैड बदलना चाहती हैं। इसके अलावा अगर आप टैंपोन का इस्तेमाल कर रहीं है तो हर दो घंटे में इसे बदलें।
पैड्स का सही चुनाव
सामान्य आकार के पैड्स- एक तो सामान्य आकार के पैड होते हैं जो कि आपकी हाइट के हिसाब से होते हैं। लंबे पैड्स- दूसरे पैड्स थोड़े लंबे होते हैं जो आपको एक्स्ट्रा सुरक्षा देते हैं ताकि वह लीक न हो सकें और जल्दी न भरें। यह अक्सर उन दिनों के लिए होते हैं जब आपको हैवी ब्लीङ्क्षडग के दौर से गुजरना पड़ता है। रात के लिए विशेष पैड्स- इसके अलावा रात के लिए अलग पैड्स भी आते हैं जो कि पीछे से थोड़े ज्यादा चौड़े और लंबे होते हैं ताकि रात में आपको हिलने डुलने में कोई परेशानी न हो। इसके अतिरिक्त टैंपोन भी होता है जिसका इस्तेमाल पीरियड्स के दौरान किया जा सकता है।
टैंपोन पैड्स:
अपने मासिक धर्म से निपटने का एक अन्य तरीका है टैम्पोन। यह मासिक धर्म से सुरक्षा देने का एक तरीका है जो कपास या रेयान से बना होता है और जिसे मासिक धर्म के दौरान मासिक स्राव को सोखने के लिए योनि के अंदर डाला जाता है। एक टैंपोन योनि के अंदर सुरक्षित तरीके से फिट होता है जहां बहुत कम संवेदी तंत्रिकाएं होती हैं। टैंपोन योनि की दीवारों में मासिक स्राव को सोखते हुए फूल जाता है और इस बात की चिंता न करें कि टैंपोन आपके शरीर में अंदर कहीं खो जाएगा (सभी लड़कियों को पहले यह डर रहता है)। गर्भाशय ग्रीवा (सर्विक्सस) का मुंह इतना छोटा होता है कि टैंपोन इसके अंदर प्रवेश नहीं कर सकता और टैंपोन के एक सिरे पर एक छोटा धागा होता है ताकि उसे आसानी से बाहर निकाला जा सके।
अल्ट्राथिन : अल्ट्राथिन (अत्यधिक पतले) पैड्स में सामान्य पैड्स जैसा ही सोखने की क्षमता होती है लेकिन ये इतना पतला है कि ये आपके पीरियड को छुपाकर रखेगा। ये पैड्स तरल पदार्थ की मात्रा को संभालने हेतु विशेष रूप से डिजाइन किए गए हैं, ताकि आप अपना प्रत्येक कदम विश्वास के साथ उठा सकें। अगर आप चाहें तो एक बार इस पैड को पहले घर पर यूज करके देखें।
पैड को इस्तेमाल करते समय ध्यान दें
- एक ही पैड को लंबे समय तक न इस्तेमाल करें इससे बैक्टीरियल इंफेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है।
- पैड की क्वालिटी का खास ध्यान रखें पैसे बचाने के चक्कर में बेकार पैड यूज न करें क्योंकि इससे आपको कई समस्याएं भी हो सकती है।
- सेनेटरी नैपकिन से होने वाले रैशेज से बचने के लिए शरीर के इस भाग को हमेशा सूखा रखें।
- इससे जिस भाग में सेनेटरी नैपकिन लगाया जाता हैं उसमें नमी नहीं होती जिससे वो भाग साफ रहता हैं।
- नए सेनेटरी नैपकिन लगाने से पहले वेजाइनल भाग को हमेशा साफ करें। इसे योनि में आगे से पीछे तक साफ पानी से क्लीन करें।