A traditional Indian meal of hot sarson ka saag served with makki ki roti, white butter, and jaggery, arranged on a plate.

Summary: घर पर बनाएं स्वादिष्ट सरसों का साग, मक्के की रोटी के साथ बनता है परफेक्ट कॉम्बो:

सर्दियाँ आते ही सरसों का साग हर रसोई की शान बन जाता है। इसका देसी स्वाद इतना लाजवाब होता है कि पहली ही बाइट दिल जीत लेती है। इस मौसम में गरम-गरम साग और मक्के की रोटी का मज़ा ही कुछ और है।

Sarso Ka Saag Recipe: सर्दियों की ठिठुरन जैसे ही दस्तक देती है, रसोई में देसी स्वादों की खुशबू अपने आप फैलने लगती है। इस मौसम में गरम-गरम मक्के की रोटी के साथ परोसा गया सरसों का साग न सिर्फ दिल और पेट दोनों को खुश करता है, बल्कि सेहत का भी खज़ाना है। मौसम हरी सब्ज़ियों से बना यह पारंपरिक पंजाबी व्यंजन अपनी सुगंध, स्वाद और पौष्टिकता से किसी का भी दिल जीत लेता है। इस बार की सर्दियों में आप भी घर पर बनाएं लाजवाब सरसों का साग और परिवार के साथ इसका अनोखा स्वाद लुटफ उठाएं।

A traditional Indian meal of hot sarson ka saag served with makki ki roti, white butter, and jaggery, arranged on a plate.

Sarso Ka Saag

सरसों का साग पंजाब की पारंपरिक और मशहूर डिश है, जिसे सरसों, पालक और बथुआ के पत्तों को मिलाकर पकाया जाता है। इसका स्वाद देसी, मिट्टी की खुशबू वाला और बेहद पौष्टिक होता है। सरसों के साग को धीमी आंच पर अदरक, लहसुन, हरी मिर्च और घी के तड़के के साथ पकाया जाता है, जिससे इसमें गाढ़ापन और गहन फ्लेवर आता है। यह विंटर स्पेशल डिश मक्के की रोटी, सफेद मक्खन या घी के साथ परोसी जाती है और पंजाब के घरों में त्योहारों व खास मौकों पर ज़रूर बनती है|
Prep Time 35 minutes
Cook Time 20 minutes
Course: Main Course
Cuisine: Punjabi Cuisine / North Indian Cuisine
Calories: 37

Ingredients
  

  • 500 ग्राम सरसों के पत्ते
  • 200 ग्राम पालक
  • 200 ग्राम बथुआ
  • 1/2 चम्मच हल्दी
  • 1/2 चम्मच लाल मिर्च पाउडर
  • 2 चम्मच घी
  • 1 चम्मच मक्के का आटा
  • कलियाँ लहसुन
  • 1 प्याज़
  • नमक स्वाद अनुसार
  • 1 टमाटर

Method
 

स्टेप 1: सरसों साग की तैयारी
  1. सबसे पहले सरसों के साग, बथुआ और थोड़ा-सा पालक अच्छी तरह चुनकर साफ कर लें। इन्हें बहते पानी में दो-तीन बार धोकर मिट्टी पूरी तरह निकाल दें। बड़े टुकड़ों में काटकर एक तरफ रख दें ताकि पकाने में आसानी हो।
    Fresh mustard greens, bathua, and spinach being cleaned under running water, then roughly chopped and set aside for cooking.
स्टेप 2: साग उबालना
  1. कड़ाही या कुकर में कटे हुए साग डालें, साथ में थोड़ा अदरक, लहसुन, हरी मिर्च और लगभग एक कप पानी मिलाएँ। इसे धीमी आँच पर 20–25 मिनट पकाएँ जब तक पत्तियाँ नरम न हो जाएँ। चाहें तो प्रेशर कुकर में 2–3 सीटी भी ले सकते हैं।
    A pot filled with chopped greens, ginger, garlic, green chilies, and water simmering on low heat until the leaves soften.
स्टेप 3: साग को मैश करना
  1. पका हुआ साग थोड़ा ठंडा होने दें और फिर मथनी/मेशर से अच्छी तरह मैश करें। पारंपरिक स्वाद के लिए थोड़ा-सा मक्के का आटा (1–2 चम्मच) मिलाएँ ताकि टेक्सचर गाढ़ा और मुलायम हो जाए।
    Cooked greens being mashed with a wooden masher, with a little cornmeal added to thicken and improve the texture.
स्टेप 4: तड़का तैयार करना
  1. एक पैन में घी या सरसों का तेल गरम करें। इसमें बारीक कटा प्याज, लहसुन, अदरक और हरी मिर्च डालकर सुनहरा होने तक भूनें। अब लाल मिर्च पाउडर और थोड़ा-सा नमक डालें। यह तड़का साग में डालकर अच्छी तरह मिलाएँ।
    A pan with hot ghee or mustard oil sautéing chopped onions, garlic, ginger, and green chilies until golden, then mixed with red chili powder and salt.
स्टेप 5: धीमी आँच पर पकाना
  1. साग को 10–15 मिनट धीमी आँच पर पकने दें ताकि तड़के का स्वाद अंदर तक उतर जाए। आप चाहें तो ऊपर से थोड़ा और घी डाल सकते हैं, यह स्वाद और सुगंध दोनों बढ़ा देता है।
    The mashed greens simmering on low heat for 10–15 minutes, absorbing the flavors of the added tempering, with a little ghee on top.
स्टेप 6: सर्व करने का तरीका
  1. सरसों का साग गरमा-गरम मक्के की रोटी, गुड़ और सफेद मक्खन के साथ परोसें। ठंडी सर्दियों में इसका स्वाद दिल जीत लेता है।
    A traditional Indian meal of hot sarson ka saag served with makki ki roti, white butter, and jaggery, arranged on a plate.

Notes

कुछ अतिरिक्त टिप्स
 
  • सरसों का साग बनाने के लिए सबसे पहले पत्तों का सही मिश्रण चुनना बहुत जरूरी है। सरसों के पत्ते, पालक और बथुआ मिलाकर साग का स्वाद और टेक्सचर दोनों ही परफेक्ट बनते हैं। पत्तों को अच्छे से धो लें ताकि मिट्टी और धूल पूरी तरह हट जाए।
  • पत्तों को काटने या फाड़ने से पहले उनके मोटे डंठल हटा दें। डंठल साग को कड़वा बना सकते हैं, इसलिए केवल नरम हिस्सों का ही इस्तेमाल करें।
  • साग को पकाने के लिए धीमी आंच सबसे अच्छी होती है। धीरे-धीरे पकाने से पत्तों का स्वाद और खुशबू बाहर आती है और टेक्सचर क्रीमी बनता है।
  • साग को गाढ़ा करने के लिए मक्के का आटा डालना जरूरी है। यह सिर्फ गाढ़ापन नहीं लाता बल्कि साग का स्वाद भी बढ़ाता है और मक्के की रोटी के साथ इसका स्वाद और भी बेहतरीन होता है।
  • तड़का लगाने से साग का स्वाद दोगुना हो जाता है। घी में लहसुन, लाल मिर्च और प्याज़ का तड़का लगाएँ। इसे पकने के अंत में डालें ताकि सारा फ्लेवर बनाए रहे।
  • बीच-बीच में साग को मथते रहें। इससे साग स्मूद और क्रीमी बन जाता है, और मक्के की रोटी के साथ खाने में मज़ा दोगुना हो जाता है।
सर्व करते समय ऊपर से थोड़ा घी डालना न भूलें। गरम-गरम साग और घी का मेल सर्दियों में खाने का असली मज़ा देता है। साथ में मक्के की रोटी परोसें और पूरे परिवार को देसी स्वाद का आनंद दिलाएँ।

स्वाति कुमारी एक अनुभवी डिजिटल कंटेंट क्रिएटर हैं, जो वर्तमान में गृहलक्ष्मी में फ्रीलांसर के रूप में काम कर रही हैं। चार वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाली स्वाति को खासतौर पर लाइफस्टाइल विषयों पर लेखन में दक्षता हासिल है। खाली समय...