Summary: घर पर बनाएं स्वादिष्ट सरसों का साग, मक्के की रोटी के साथ बनता है परफेक्ट कॉम्बो:
सर्दियाँ आते ही सरसों का साग हर रसोई की शान बन जाता है। इसका देसी स्वाद इतना लाजवाब होता है कि पहली ही बाइट दिल जीत लेती है। इस मौसम में गरम-गरम साग और मक्के की रोटी का मज़ा ही कुछ और है।
Sarso Ka Saag Recipe: सर्दियों की ठिठुरन जैसे ही दस्तक देती है, रसोई में देसी स्वादों की खुशबू अपने आप फैलने लगती है। इस मौसम में गरम-गरम मक्के की रोटी के साथ परोसा गया सरसों का साग न सिर्फ दिल और पेट दोनों को खुश करता है, बल्कि सेहत का भी खज़ाना है। मौसम हरी सब्ज़ियों से बना यह पारंपरिक पंजाबी व्यंजन अपनी सुगंध, स्वाद और पौष्टिकता से किसी का भी दिल जीत लेता है। इस बार की सर्दियों में आप भी घर पर बनाएं लाजवाब सरसों का साग और परिवार के साथ इसका अनोखा स्वाद लुटफ उठाएं।

Sarso Ka Saag
Ingredients
Method
- सबसे पहले सरसों के साग, बथुआ और थोड़ा-सा पालक अच्छी तरह चुनकर साफ कर लें। इन्हें बहते पानी में दो-तीन बार धोकर मिट्टी पूरी तरह निकाल दें। बड़े टुकड़ों में काटकर एक तरफ रख दें ताकि पकाने में आसानी हो।

- कड़ाही या कुकर में कटे हुए साग डालें, साथ में थोड़ा अदरक, लहसुन, हरी मिर्च और लगभग एक कप पानी मिलाएँ। इसे धीमी आँच पर 20–25 मिनट पकाएँ जब तक पत्तियाँ नरम न हो जाएँ। चाहें तो प्रेशर कुकर में 2–3 सीटी भी ले सकते हैं।

- पका हुआ साग थोड़ा ठंडा होने दें और फिर मथनी/मेशर से अच्छी तरह मैश करें। पारंपरिक स्वाद के लिए थोड़ा-सा मक्के का आटा (1–2 चम्मच) मिलाएँ ताकि टेक्सचर गाढ़ा और मुलायम हो जाए।

- एक पैन में घी या सरसों का तेल गरम करें। इसमें बारीक कटा प्याज, लहसुन, अदरक और हरी मिर्च डालकर सुनहरा होने तक भूनें। अब लाल मिर्च पाउडर और थोड़ा-सा नमक डालें। यह तड़का साग में डालकर अच्छी तरह मिलाएँ।

- साग को 10–15 मिनट धीमी आँच पर पकने दें ताकि तड़के का स्वाद अंदर तक उतर जाए। आप चाहें तो ऊपर से थोड़ा और घी डाल सकते हैं, यह स्वाद और सुगंध दोनों बढ़ा देता है।

- सरसों का साग गरमा-गरम मक्के की रोटी, गुड़ और सफेद मक्खन के साथ परोसें। ठंडी सर्दियों में इसका स्वाद दिल जीत लेता है।

Notes
- सरसों का साग बनाने के लिए सबसे पहले पत्तों का सही मिश्रण चुनना बहुत जरूरी है। सरसों के पत्ते, पालक और बथुआ मिलाकर साग का स्वाद और टेक्सचर दोनों ही परफेक्ट बनते हैं। पत्तों को अच्छे से धो लें ताकि मिट्टी और धूल पूरी तरह हट जाए।
- पत्तों को काटने या फाड़ने से पहले उनके मोटे डंठल हटा दें। डंठल साग को कड़वा बना सकते हैं, इसलिए केवल नरम हिस्सों का ही इस्तेमाल करें।
- साग को पकाने के लिए धीमी आंच सबसे अच्छी होती है। धीरे-धीरे पकाने से पत्तों का स्वाद और खुशबू बाहर आती है और टेक्सचर क्रीमी बनता है।
- साग को गाढ़ा करने के लिए मक्के का आटा डालना जरूरी है। यह सिर्फ गाढ़ापन नहीं लाता बल्कि साग का स्वाद भी बढ़ाता है और मक्के की रोटी के साथ इसका स्वाद और भी बेहतरीन होता है।
- तड़का लगाने से साग का स्वाद दोगुना हो जाता है। घी में लहसुन, लाल मिर्च और प्याज़ का तड़का लगाएँ। इसे पकने के अंत में डालें ताकि सारा फ्लेवर बनाए रहे।
- बीच-बीच में साग को मथते रहें। इससे साग स्मूद और क्रीमी बन जाता है, और मक्के की रोटी के साथ खाने में मज़ा दोगुना हो जाता है।






