कई बार ऐसा होता होगा कि आपके बच्चों का मुंह सारा दिन चलता रहता है और हम चिंतित हो जाते हैं कि क्या अधिक ओवर ईटिंग करने से बच्चे की सेहत पर तो किसी प्रकार की हानि नहीं पहुंचेगी? या इसके क्या क्या नुकसान हो सकते हैं? आम तौर पर बच्चे जब खाली होते हैं तो वह अधिक खाना खाते रहते हैं। आपको कैसे पता चलेगा कि ऐसा व्यवहार कोई चिंता का विषय है या यह सामान्य है? और अपने बच्चे को हेल्दी रखने के लिए या उसका वजन सामान्य रखने के लिए आप क्या कर सकते हैं? आइए जानते हैं इन्हीं कुछ सवालों से जुड़े जवाब।

आप अपने बच्चों की इन आदतों को किस प्रकार सुधार सकते हैं?

  • अपने बच्चों के लिए एक अच्छा आदर्श बन कर दिखाएं। अगर आप खुद हेल्दी खाएंगे और हेल्दी रास्ते पर चलेंगे तो आपके बच्चे आपसे सिख कर यही करने की कोशिश करेंगे।
  • अगर घर में स्नैक्स रखते हैं तो हेल्दी स्नैक रखें जैसे कुछ फल सेब, केले कुछ कच्ची सब्जियां और दही आदि रखें ताकि आपके बच्चे हेल्दी स्नैक्स ही खा पाएं।
  • जो भी मील बना रहे हैं उसके अंदर लो फैट प्रोटिन, सब्जियां और होल ग्रेन भर भर कर डालें।
  • अपने बच्चों को अधिक से अधिक हेल्दी खाना ऑफर करें क्योंकि अगर आप उन्हें हर रोज हेल्दी खाना देते रहेंगे तो यह उनकी एक दिन आदत बन जायेगी।
  • अपने बच्चों को यह सिखाएं कि वह स्कूल लंच के लिए किस प्रकार हेल्दी चॉइस बना सकते हैं।
  • उन्हें फास्ट फूड से दूर रखें। अगर आप रात में कहीं बाहर खाना खाने जा रहे हैं तो भी सबसे हेल्दी मील का ही चुनाव करें।
  • शुगर ड्रिंक्स या कोल्ड ड्रिंक और सोडा जैसी चीजें पीने से बच्चों को रोकें और अगर वह जूस भी पी रहे हैं तो उसकी मात्रा भी एक दिन में एक गिलास ही रखें।
  • बच्चों को पूरी प्लेट खत्म करने को फोर्स न करें, जब उनका पेट भर जाता है तभी उनको रोकने के लिए बोलें।
  • कोई अच्छा काम करने पर किसी फन एक्टिविटी करवाने का वादा अपने बच्चों से करें न कि उन्हें आइस क्रीम या चॉकलेट दिलाने को बोलें।

बच्चों के लिए फिजिकल एक्टिविटी कराने के लाभ

अपने बच्चों को अधिक से अधिक फिजिकल एक्टिविटी करने को बोलें और उन्हें इसके लाभों के बारे में भी बताएं। अगर आपके बच्चे अधिक एक्टिविटी करते हैं तो उन्हें निम्न लाभ मिलते हैं : 

  • शरीर में कैलोरीज़ फैट के रूप में इकठी होने की बजाए बर्न होती हैं।
  • ब्लड शुगर लेवल को संतुलित रखने में मदद करती हैं।
  • ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल का लेवल भी सामान्य रहता है।
  • हड्डियों और मसल्स को मजबूत रखने में मदद करती हैं।
  • मजबूती और एंड्यूरेंस बढ़ाने में लाभदायक होती हैं।
  • स्ट्रेस कम करने में और मानसिक सेहत को बढ़ाने में मदद करती हैं।
  • नींद अच्छी आती है।
  • बच्चे फिट रहेंगे और बच्चों को अपने शरीर और लुक्स के प्रति अच्छा महसूस होगा जिससे उनकी मानसिक सेहत भी बढ़िया रहेगी।
  • उन सभी गंभीर बीमारियों को रोक सकती है जो मोटापे के साथ जुड़ी हुई हैं।

आप अपने बच्चे को अधिक एक्टिव किस प्रकार बना सकते हैं?

  • बच्चों का स्क्रीन टाइम जिसमें गेम, फोन, टीवी आदि शामिल होते हैं उन्हें एक दिन में दो घंटे तक ही सीमित कर दें।
  • जिस एक्टिविटी में आपके बच्चे का अधिक इंटरेस्ट हो उसे खोजने में मदद करें जैसे अगर किसी बच्चे का डांस में मन लगता है तो उसे डांस क्लास ज्वाइन करवा सकते हैं।
  • फिजिकल गतिविधियों को अपने परिवार का ही एक हिस्सा बना लें जैसे यह निर्णय लें कि सारे परिवार के सदस्य हर रोज आधे घंटे तक एक साथ वॉकिंग करेंगे या कोई खेल खेलेंगे।

कई बार आपके बच्चे अगर सामान्य से अधिक खा लेते हैं तो यह नॉर्मल होता है क्योंकि जैसे जैसे उनका विकास होता जाता है इस दौरान का सारा वजन कम होता जाता है और कई बार बच्चे ऐसा किसी ईटिंग डिसऑर्डर के कारण भी करते हैं जैसे इमोशनल ईटिंग आदि के कारण। इसके बारे में आप अपने डॉक्टर से भी राय ले सकते हैं।

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