Vivek Oberoi On Shahrukh Khan
Vivek Oberoi On Shahrukh Khan

Summery- शाहरुख खान पर विवेक के बयान पर बवाल

विवेक ओबेरॉय के शाहरुख खान को लेकर दिए बयान ने सोशल मीडिया पर गर्मागर्म बहस छेड़ दी है, जहां फैंस और फिल्म जगत अपनी-अपनी राय रख रहे हैं।

Vivek Oberoi on Shahrukh Khan: मनोरंजन जगत में चर्चाओं की लहर तब और तेज़ हो जाती है, जब किसी बड़े सितारे के बारे में कोई चौंकाने वाला बयान सामने आता है। हाल ही में कुछ ऐसा ही हुआ जब अभिनेता विवेक ओबेरॉय ने बॉलीवुड के किंग खान शाहरुख को लेकर एक ऐसा कमेंट कर दिया, जिसने सोशल मीडिया से लेकर फिल्म गलियारों तक हलचल मचा दी है। एक तरफ शाहरुख खान की विशाल फैन फॉलोइंग है, दूसरी तरफ विवेक ओबेरॉय का यह बयान, जिसने कई लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है।

इन दिनों अपनी नई फिल्म ‘मस्ती 4’ के प्रमोशन में व्यस्त विवेक ओबेरॉय ने एक इंटरव्यू के दौरान मौजूदा पीढ़ी की बदलती पसंद और स्टारडम की बदलती परिभाषा पर खुलकर बात की। इसी बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि जैसे 1960 के दशक की फिल्मों और सितारों के बारे में आज की युवा पीढ़ी ज्यादा नहीं जानती, वैसे ही 2050 में शायद लोग पूछें कि “कौन शाहरुख खान?” यह लाइन सुनते ही इंटरनेट पर हड़कंप मच गया, क्योंकि शाहरुख खान उन गिने-चुने सितारों में से हैं, जिन्हें लोग सिर्फ एक अभिनेता ही नहीं, बल्कि एक भावनात्मक जुड़ाव की तरह देखते हैं।

शाहरुख खान को लेकर की गई टिप्पणी के साथ ही विवेक ने एक और उदाहरण दिया, जिसने बहस को और गहरा कर दिया। उन्होंने कहा कि आज के कई युवा रणबीर कपूर के फैन हैं, लेकिन हो सकता है कि वे अपने ही आइकॉन के दादा राज कपूर को ठीक से न जानते हों। जबकि राज कपूर को भारतीय सिनेमा का ‘शोमैन’ कहा जाता है और दुनिया भर में उनकी एक अलग पहचान रही है। विवेक का तर्क था कि समय बदलते ही लोग अपने देश के महान कलाकारों के नाम भी भूल जाते हैं, और यही भविष्य में किसी भी सुपरस्टार के साथ हो सकता है।

विवेक का यह नजरिया जहां कुछ लोगों को सोचने पर मजबूर कर रहा है, वहीं शाहरुख के फैंस इसे एक अभिनेता पर सीधा हमला मान रहे हैं, विशेषकर तब जब शाहरुख ने हाल ही में अपना 60वां जन्मदिन जोरदार तरीके से मनाया और अब भी बॉलीवुड के सबसे बड़े ग्लोबल स्टार्स में से एक हैं।

जैसे ही यह बयान सामने आया, सोशल मीडिया पर फैंस और क्रिटिक्स की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कई लोग कह रहे हैं कि शाहरुख खान का प्रभाव सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके व्यक्तित्व, उनके काम और उनके वैश्विक प्रभाव ने उन्हें एक प्रतिष्ठित चेहरा बना दिया है। वहीं कुछ लोग विवेक की बात से सहमत नज़र आए कि पीढ़ियों के बदलने के साथ कई बड़े नाम धुंधले पड़ जाते हैं।

विवेक ओबेरॉय जल्द ही मस्ती 4 में नजर आने वाले हैं और उनके पास कई अन्य फिल्में भी पाइपलाइन में हैं। लेकिन फिलहाल उनका बयान ही सुर्खियों में है। क्या यह सिर्फ एक व्यक्तिगत राय थी या किसी गहरी सोच का हिस्सा। यह तो विवेक ही जानते होंगे, लेकिन इतना तय है कि इस बयान ने दर्शकों के बीच एक नई बहस को जन्म दे दिया।

प्रतिमा 'गृहलक्ष्मी’ टीम में लेखक के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं। डिजिटल मीडिया में 10 सालों से अधिक का अनुभव है, जिसने 2013 में काशी विद्यापीठ, वाराणसी से MJMC (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की। बीते वर्षों...