Smriti Irani has finally broken her silence on the ongoing comparisons between Kyunki Saas Bhi Kabhi Bahu Thi and Anupamaa
Smriti Irani has finally broken her silence on the ongoing comparisons between Kyunki Saas Bhi Kabhi Bahu Thi and Anupamaa

Summary: तुलना करनी है तो हर मापदंड पर उतरें, स्मृति ईरानी का दो टूक जवाब

अनुपमा से तुलना किए जाने पर स्मृति ने साफ शब्दों में कहा कि 'क्योंकि' जैसी शो की विरासत और 25 वर्षों तक उसकी लोकप्रियता को किसी भी नए शो से तुलना करना अनुचित है। उन्होंने यह भी बताया कि जब तक कोई शो TRP में लगातार शीर्ष पर न रहा हो और दशकों तक दर्शकों के दिलों में न बसा हो, तब तक यह बात बेमानी है।

Smriti Irani Anupama Comparison: भारतीय टेलीविजन का इतिहास अगर कभी लिखा जाएगा, तो उसमें ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ का नाम जरूर सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा। इस सीरियल की पहचान रही हैं स्मृति ईरानी, जिन्होंने तुलसी विरानी का किरदार निभाकर करोड़ों दिलों में अपनी जगह बनाई। अब जब यह सीरियल 25 साल बाद एक नए अवतार में वापस आया है, तो स्वाभाविक है कि चर्चा भी खूब , खासकर रूपाली गांगुली के पॉपुलर शो ‘अनुपमा’ से तुलना को लेकर। इस बारे में स्मृति ईरानी ने हाल ही में कहा है कि 8 सलाओं तक नंबर एक पर नहीं रह सकते। 

हाल ही में दिए गए एक इंटरव्यू में स्मृति ईरानी ने इन तुलना‍ओं पर आत्मविश्वास से भरा जवाब दिया। उन्होंने मुस्कराते हुए कहा, “मैं तुलना नहीं करती। जब कोई TRP में 30वें नंबर तक पहुंचे, तब बात कीजिए। हम 25 साल पहले नंबर 1 थे। अगर किसी में 25 साल तक याद रहने की काबिलियत हो, तब बात कीजिए।” स्मृति का यह बयान न सिर्फ मजाकिया था, बल्कि उस इतिहास की ओर भी इशारा करता है, जो ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ ने भारतीय टेलीविजन को दिया है। आठ साल तक लगातार नंबर 1 रहने वाला यह शो सिर्फ एक सीरियल नहीं, एक युग बन गया था।

स्मृति ईरानी आज सिर्फ एक एक्ट्रेस नहीं, बल्कि तीन बार की सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री भी हैं। उनका कहना है कि तुलना करना तभी सार्थक होता है जब सामने वाला हर क्षेत्र में मापदंडों पर खरा उतरता हो। उन्होंने कहा, “अगर कोई व्यक्ति टेलीविजन, राजनीति और जनसेवा में बराबरी करता है, तब जाकर तुलना की बात आती है। वरना, यह नाइंसाफी है।” वाकई 25 साल बाद जब कोई शो वापस आता है और नई पीढ़ी के बीच भी वही प्यार और उत्साह जगाता है, तो यह उसकी गहराई और प्रभाव का प्रमाण होता है।

आज ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ केवल टेलीविजन तक सीमित नहीं है। इसका रीबूट वर्जन जियो हॉटस्टार पर स्ट्रीम हो रहा है, और दिलचस्प बात यह है कि ओटीटी के चैलेंज से भरे मार्केट में भी यह शो अपनी उपस्थिति दर्ज करवा रहा है। स्मृति ने इस पर कहा कि आज जब डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी ‘तुलसी’ को सराहा जा रहा है, तो यह दिखाता है कि कहानी की ताकत समय से परे होती है।

इस शो की सफलता का जिक्र करते हुए स्मृति ने एकता कपूर को भी विशेष रूप से सराहा। उन्होंने कहा, “‘क्योंकि’ की सफलता ने बालाजी टेलीफिल्म्स को स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड कंपनियों की सूची में पहुंचा दिया। क्या आज कोई और शो ऐसा दावा कर सकता है? तो क्या मैं स्टॉक एक्सचेंज में किसी से प्रतियोगिता कर रही हूं? मुझे लगता है कि यह मूर्खतापूर्ण है”। 

रीबूट में एक बार फिर स्मृति ईरानी ‘तुलसी’ के किरदार में नजर आ रही हैं और उनके साथ अमर उपाध्याय भी ‘मिहिर’ के रूप में वापसी कर चुके हैं। यह जोड़ी एक बार फिर दर्शकों को 2000 के उस दौर में ले जा रही है, जहां संवेदनाएं, रिश्ते और परिवार टेलीविजन के केंद्र में होते थे। यह शो जियो हॉटस्टार पर स्ट्रीम हो रहा है। 

स्पर्धा रानी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के लेडी श्रीराम कॉलेज ने हिन्दी में एमए और वाईएमसीए से जर्नलिज़्म की पढ़ाई की है। बीते 20 वर्षों से वे लाइफस्टाइल और एंटरटेनमेंट लेखन में सक्रिय हैं। अपने करियर में कई प्रमुख सेलिब्रिटीज़ के इंटरव्यू...