Overview: रेखा का सदाबहार जादू फिर लौटेगा बड़े पर्दे पर
रेखा एक बार फिर अपने सदाबहार किरदार ‘उमराव जान’ के साथ अंतरराष्ट्रीय मंच पर छाने वाली हैं। सऊदी अरब में होने वाले रेड सी इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में इस क्लासिक फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग रखी जाएगी, जो इस महान कृति को 45 साल बाद नई पहचान दिलाएगी। यह न सिर्फ़ रेखा के अभिनय की जीत है, बल्कि भारतीय सिनेमा की आत्मा को समर्पित एक सुंदर श्रद्धांजलि भी है।
Umrao Jaan Screening In Red Sea Film Festival : बॉलीवुड की सदाबहार अदाकारा रेखा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह है उनकी प्रतिष्ठित फिल्म ‘उमराव जान’ की खास स्क्रीनिंग, जो रेड सी फिल्म फेस्टिवल में आयोजित की जा रही है। यह मौका बेहद खास है क्योंकि फिल्म को रिलीज हुए लगभग 45 साल हो चुके हैं, और अब इसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर फिर से सम्मानित किया जा रहा है। रेखा खुद इस विशेष स्क्रीनिंग में शिरकत करेंगी, जिससे एक बार फिर दर्शक उस शायरी, नज़ाकत और अदाकारी के दौर में लौट सकेंगे जिसने भारतीय सिनेमा को नया आयाम दिया था।
रेखा का जादू फिर बिखरेगा दुनिया के मंच पर
भारतीय सिनेमा की सदाबहार अदाकारा रेखा एक बार फिर इंटरनेशनल स्टेज पर चमकने जा रही हैं। 45 साल पहले आई उनकी प्रतिष्ठित फिल्म ‘उमराव जान’ को अब एक बार फिर दुनिया के सामने पेश किया जाएगा। सऊदी अरब में आयोजित होने वाले रेड सी इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में इस फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग रखी गई है, जहां रेखा खुद अपनी मौजूदगी से इस यादगार पल को और खास बनाएंगी।
1981 की क्लासिक फिल्म जिसने रचा इतिहास
मुअज्ज़म बेग द्वारा निर्देशित और मुजफ्फर अली के निर्देशन में बनी ‘उमराव जान’ (1981) हिंदी सिनेमा की सबसे प्रतिष्ठित फिल्मों में से एक मानी जाती है। रेखा ने इस फिल्म में लखनऊ की मशहूर तवायफ ‘उमराव जान’ का किरदार निभाया था। उनकी बेहतरीन अदाकारी, गहरी भावनाएं और अभिव्यक्ति ने इस किरदार को अमर बना दिया। फिल्म के गाने ‘इन आँखों की मस्ती के मस्ताने हजारों हैं’ आज भी लोगों के दिलों में बसते हैं।
रेड सी फिल्म फेस्टिवल में भारत का मान बढ़ाएंगी रेखा
रेखा का इस रेड सी इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में शामिल होना भारत के लिए गर्व का विषय है। यह आयोजन दुनिया भर के फिल्म निर्माताओं और कलाकारों को जोड़ने वाला एक बड़ा मंच है। रेखा की मौजूदगी न केवल बॉलीवुड के स्वर्ण युग की याद दिलाएगी, बल्कि भारतीय सिनेमा की गहराई और संवेदनशीलता को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेश करेगी।
उमराव जान के किरदार से जुड़ी रेखा की भावनाएं
रेखा के लिए ‘उमराव जान’ सिर्फ़ एक फिल्म नहीं, बल्कि उनके अभिनय जीवन का भावनात्मक अध्याय है। उन्होंने कई बार कहा है कि यह किरदार उनके दिल के सबसे करीब है। शूटिंग के दौरान उन्होंने उस युग, उस दर्द और उस सौंदर्य को जिया, जो इस किरदार की आत्मा में बसता है। शायद यही कारण है कि चार दशकों बाद भी यह फिल्म उतनी ही जीवंत महसूस होती है।
रेखा की ग्रेस और शालीनता से सजेगा रेड कार्पेट
हर इवेंट में अपने रॉयल अंदाज़ से सबका दिल जीतने वाली रेखा इस बार भी अपनी पारंपरिक कांजीवरम साड़ी और गज़ब की शालीनता के साथ रेड कार्पेट पर नजर आने वाली हैं। उनके फैंस को बेसब्री से इंतज़ार है कि वो इस क्लासिक फिल्म के मंच पर किस अंदाज़ में नज़र आएंगी। रेखा का हर पब्लिक अपीयरेंस एक उत्सव जैसा होता है — और यह फेस्टिवल भी वैसा ही जादू बिखेरेगा।
सिनेमा की अमर विरासत को मिला नया जीवन
‘उमराव जान’ को 45 साल बाद इंटरनेशनल स्क्रीन पर सम्मान मिलना सिर्फ़ एक फिल्म का पुनर्जागरण नहीं, बल्कि भारतीय कला और संस्कृति की विरासत का सम्मान है। रेखा का इस मौके पर शामिल होना इस बात का प्रतीक है कि सच्चा सिनेमा कभी पुराना नहीं होता। उनके अभिनय की गहराई और उनकी संवेदना आज भी हर दिल में गूंजती है।
