Summary: गणेश कार्तिकेय और पुष्पा इम्पॉसिबल के कलाकारों ने शेयर की लोहड़ी सेलिब्रेशन की खास बातें
सोनी सब के लोकप्रिय कलाकार अविनेश रेखी, गौरव चोपड़ा और परी भट्टी अपने बचपन की यादों और शूटिंग सेट की व्यस्तताओं के बीच भी लोहड़ी के त्योहार को खास मानते हैं। इस पर्व की गर्माहट, मिठाइयाँ और अलाव का उत्साह उनके लिए परिवार, कृतज्ञता और नए आरंभ का प्रतीक है।
Lohri Celebration of TV Actors 2026: सोनी सब के शोज़ में जहां रिश्तों, विश्वास और साथ की अहमियत को खूबसूरती से दिखाया जाता है, वहीं असल ज़िंदगी में भी इसके कलाकार लोहड़ी जैसे त्योहारों के ज़रिए उन्हीं भावनाओं को जीते हैं। गाथा शिव परिवार की – गणेश कार्तिकेय और पुष्पा इम्पॉसिबल जैसे लोकप्रिय धारावाहिकों से जुड़े कलाकारों के लिए लोहड़ी सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि परिवार, कृतज्ञता और नए आरंभ का उत्सव है।
अलाव की चटक, लोकगीतों की गूंज और मूँगफली-रेवड़ी की खुशबू के बीच यह पर्व ठंडी रातों में भी रिश्तों की गर्माहट बनाए रखता है। इसी खास मौके पर, सोनी सब के चहेते कलाकार अविनेश रेखी, गौरव चोपड़ा और परी भट्टी साझा कर रहे हैं कि उनके जीवन में लोहड़ी का क्या महत्व है—बचपन की यादों से लेकर आज के व्यस्त शूटिंग शेड्यूल के बीच भी इस त्योहार को मनाने की खुशी तक।
अलाव की गर्माहट और अपनों का साथ..यही है मेरी लोहड़ी

गाथा शिव परिवार की – गणेश कार्तिकेय में भगवान शिव की भूमिका निभा रहे अविनेश रेखी कहते हैं, “लोहड़ी हमेशा से उन त्योहारों में से एक रहा है जो तुरंत ही गर्माहट और एकजुटता का अहसास कराता है। बचपन में इसका मतलब होता था परिवार और दोस्तों के साथ अलाव के चारों ओर बैठना, पारंपरिक गीत गाना और मूँगफली, रेवड़ी और गजक जैसे पकवानों का आनंद लेना। मुझे लोहड़ी की सबसे अच्छी बात यही लगती है कि यह हर उम्र के लोगों को एक साथ लाकर कृतज्ञता और सकारात्मकता का उत्सव मनाने का अवसर देता है। आज भी, चाहे जीवन कितना ही व्यस्त क्यों न हो, थोड़ी देर ठहरकर इस उत्सव को मनाना और उस गर्माहट को साझा करना मेरे लिए इसे वास्तव में खास बना देता है।”
कृतज्ञता के साथ नए आरंभ का स्वागत करें
पुष्पा इम्पॉसिबल में प्रोफेसर शास्त्री की भूमिका निभा रहे गौरव चोपड़ा के मुताबिर, “मेरे लिए लोहड़ी परिवारिक मिलन, हंसी और अलाव के चारों ओर की अद्वितीय ऊर्जा से जुड़ी यादों में गहराई से रची-बसी है। ठंड में खड़े होकर आग के पास हाथ सेंकने और बुजुर्गों से परंपराओं और फसल की बातें सुनने में एक अद्भुत सुकून था। यह त्योहार हमें सिखाता है कि जो हमारे पास है उसके लिए आभारी रहें और नए आरंभ का स्वागत आशावाद के साथ करें। आज भी लोहड़ी मनाना मुझे वही खुशी और स्थिरता का अहसास कराता है।”
अलाव की गर्मी और ढोल की थाप में बसी यादें
पुष्पा इम्पॉसिबल में स्वरा की भूमिका निभा रहीं परी भट्टी का कहना है, “लोहड़ी हमेशा जीवन की सरल खुशियों का उत्सव जैसा लगा है। मुझे शाम के अलाव का उत्साह, ढोल की लयबद्ध थाप और पड़ोसियों व दोस्तों के साथ मिठाइयाँ बाँटने की खुशी याद है। यह त्योहार हमें कृतज्ञता और एकजुटता के महत्व की याद दिलाता है। आज भी, चाहे घर पर हो या सेट पर, लोहड़ी मनाना वातावरण को तुरंत ही सकारात्मकता और गर्माहट से भर देता है।”
गणेश कार्तिकेय और पुष्पा इम्पॉसिबल हर सोमवार से शनिवार सोनी सब पर प्रसारित होता है।
