Summary: केरल स्कूल कलोलसवम में पहली बार मिलेगा 1.19 करोड़ का गोल्ड कप, रचा जाएगा इतिहास
एशिया के सबसे बड़े यूथ कल्चरल फेस्टिवल केरल स्कूल कलोलसवम में इस बार विजेता जिले को 1.19 करोड़ रुपये का गोल्ड कप दिया जाएगा। 936 ग्राम शुद्ध सोने से बना यह कप छात्रों के लिए सम्मान, प्रेरणा और कला के प्रति नई पहचान बनेगा।
Kerala School Kalolsavam: केरल स्कूल कलोलसवम को एशिया का सबसे बड़ा Youth Cultural Festival माना जाता है। हर साल यह महोत्सव हजारों विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच देता है। संगीत, नृत्य, नाटक, चित्रकला और साहित्य जैसी विधाओं में छात्र पूरे उत्साह के साथ भाग लेते हैं। इस बार यह आयोजन और भी खास बनने जा रहा है, क्योंकि इसमें पहली बार एक ऐतिहासिक और बेहद कीमती पुरस्कार जोड़ा गया है।
पहली बार मिलेगा करोड़ों का गोल्ड कप
इस वर्ष केरल स्कूल कलोलसवम के विजेता जिले को एक अनोखा और भव्य गोल्ड कप प्रदान किया जाएगा। इस स्वर्ण कप की कीमत करीब 1.19 करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह अब तक का सबसे महंगा पुरस्कार माना जा रहा है, जिसने पूरे देश में चर्चा का विषय बना दिया है। इस पहल का उद्देश्य छात्रों को और अधिक प्रेरित करना और कला के प्रति सम्मान को नई ऊंचाई देना है।
936 ग्राम शुद्ध सोने से बना खास कप
इस गोल्ड कप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे 936 ग्राम शुद्ध सोने से तैयार किया गया है। कारीगरों ने इसे पारंपरिक और आधुनिक डिज़ाइन का मेल देते हुए बेहद आकर्षक रूप दिया है। इसकी बनावट न सिर्फ भव्य है, बल्कि यह केरल की सांस्कृतिक विरासत और कला प्रेम को भी दर्शाती है। यह कप आने वाले वर्षों तक कलोलसवम की पहचान बना रहेगा।
14 से 18 जनवरी तक चलेगा आयोजन
केरल स्कूल कलोलसवम का आयोजन 14 जनवरी से 18 जनवरी तक किया जाएगा। इन पांच दिनों में राज्य भर के माध्यमिक विद्यालयों के छात्र विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे। हर जिला अपनी सर्वश्रेष्ठ टीम और कलाकारों के साथ मैदान में उतरेगा। अंत में सर्वाधिक अंक हासिल करने वाले जिले को विजेता घोषित किया जाएगा और वही जिला इस स्वर्ण कप का हकदार बनेगा।
छात्रों के लिए गर्व और प्रेरणा का प्रतीक
यह गोल्ड कप सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि छात्रों के लिए गर्व, मेहनत और समर्पण का प्रतीक है। इससे पहले विजेताओं को सामान्य ट्रॉफी या प्रमाण पत्र दिए जाते थे, लेकिन करोड़ों का यह स्वर्ण पुरस्कार निश्चित रूप से छात्रों में नई ऊर्जा और प्रतिस्पर्धा की भावना पैदा करेगा। शिक्षकों और अभिभावकों का भी मानना है कि इससे कला के क्षेत्र में छात्रों की रुचि और बढ़ेगी।
कला और संस्कृति को मिला नया सम्मान
केरल सरकार की यह पहल कला और संस्कृति के प्रति गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इतना मूल्यवान पुरस्कार यह संदेश देता है कि पढ़ाई के साथ-साथ कला, कल्चर और क्रिएटिविटी भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं। यह कदम आने वाले समय में अन्य राज्यों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है।
