Sex Problem
Birth Control Method Credit: Istock

Overview: सेक्स और मूड को बरबाद कर सकता है बर्थ कंट्रोल मैथड,अपनाएं ये टिप्स

बर्थ कंट्रोल से सिरदर्द, मितली, मूड में बदलाव और सेक्स ड्राइव में कमी आ सकती है। लेकिन कुछ सावधानियां अपनाकर सेक्स ड्राइव को बढ़ाया जा सकता है।

Birth Control Ruin Sex and Mood: बर्थ कंट्रोल मैथड प्रेग्‍नेंसी और कई बीमारियों को रोकने का एक प्रभावी तरीका है, लेकिन क्‍या आप जानते हैं इनके कुछ दुष्प्रभाव भी हैं। ये सेक्स ड्राइव और मूड को प्रभावित कर सकते हैं। चाहे आप कंडोम, गर्भनिरोधक गोलियां, आईयूडी या अन्य विधियों का उपयोग करें, इनके साइड इफेक्ट्स को समझना और उनसे निपटने के लिए सही कदम उठाना बेहद जरूरी है। तो चलिए जानते हैं बर्थ कंट्रोल मैथड से होने वाले नुकसान और सेक्‍स ड्राइव को बढ़ाने के तरीकों के बारे में।

सिरदर्द

बर्थ कंट्रोल से सेक्‍स में आ सकती है अड़चन
Headache

कॉन्‍ट्रासेप्टिव पिल्‍स, विशेष रूप से संयुक्त गोलियां (जिनमें एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टिन होते हैं) और मिनीपिल (केवल प्रोजेस्टिन), सिरदर्द का कारण बन सकती हैं। यह दुष्प्रभाव आमतौर पर 2-3 महीनों तक रहता है। आईयूडी, पैच, या इंजेक्शन जैसे अन्य हार्मोनल तरीकों से भी सिरदर्द हो सकता है।

मितली

हार्मोनल बदलावों के कारण कुछ कॉन्‍ट्रासेप्टिव पिल्‍स, जैसे गोलियां, पैच, या मॉर्निंग-आफ्टर पिल, कभी-कभी मितली का कारण बनती हैं। यह समस्या आमतौर पर समय के साथ कम हो जाती है।

ब्रेस्‍ट में संवेदनशीलता

कॉन्‍ट्रासेप्टिव पिल्‍स, पैच, या वजाइनल रिंग जैसे हार्मोनल तरीकों से ब्रेस्‍ट में दर्द या संवेदनशीलता हो सकती है। यह आमतौर पर 3-5 महीनों में ठीक हो जाता है लेकिन इससे सेक्‍स ड्राइव पर नकारात्‍मक प्रभाव पड़ता है।

मासिक धर्म में बदलाव

कॉन्‍ट्रासेप्टिव पिल्‍स या मॉर्निंग-आफ्टर पिल लेने से मासिक धर्म में बदलाव हो सकता है, जैसे रक्तस्राव की मात्रा में बदलाव, अनियमित रक्तस्राव, या पूरी तरह से रक्तस्राव का रुकना। यह सामान्य हो सकता है, लेकिन अगर यह लंबे समय तक बना रहे, तो डॉक्टर से सलाह लें।

ऐंठन

हार्मोनल और गैर-हार्मोनल आईयूडी का उपयोग करने वाली महिलाओं को ऐंठन हो सकती है। यह दर्द आमतौर पर कुछ दिनों तक रहता है और ओवर-द-काउंटर दवाइयां जैसे आईबुप्रोफेन की मदद से कम हो जाता है।

मूड में बदलाव

बर्थ कंट्रोल से सेक्‍स में आ सकती है अड़चन
Change in mood

हार्मोनल बर्थ कंट्रोल, जैसे वजाइनल रिंग, ओव्यूलेशन को रोकते हैं और मूड में बदलाव ला सकते हैं। इससे चिड़चिड़ापन या भावनात्मक अस्थिरता हो सकती है।

वजन बढ़ना

हार्मोनल इंजेक्शन से वजन और चर्बी बढ़ सकती है। हालांकि, अन्य तरीकों से आमतौर पर वजन में ज्यादा बदलाव नहीं होता। इसके अलावा लेटेक्स कंडोम या बर्थ कंट्रोल पैच से त्वचा में जलन या एलर्जी हो सकती है।

सेक्स ड्राइव को बढ़ाने के टिप्स

नॉन-हार्मोनल बर्थ कंट्रोल चुनें: अगर आपको लगता है कि हार्मोनल बर्थ कंट्रोल आपकी सेक्स ड्राइव को प्रभावित कर रहे हैं, तो कॉपर आईयूडी, कंडोम, या नेचुरल साइकिल्स नॉन-हार्मोनल विकल्प आजमाएं। कॉपर आईयूडी 12 साल तक प्रभावी रहता है और सेक्स में बाधा नहीं डालता।

हार्मोनल बर्थ-कंट्रोल बदलें: सभी हार्मोनल बर्थ-कंट्रोल में एक ही तरह के हार्मोन नहीं होते। अगर आपको संयुक्त गोली से समस्या हो रही है, तो मिनीपिल आजमाएं।

दवाओं में बदलाव करें: अवसाद या चिंता की दवाएं भी सेक्स ड्राइव को कम कर सकती हैं। अगर आपको लगता है कि आपकी दवाएं इसका कारण हैं, तो डॉक्टर से बात करके दवा या खुराक बदलने पर विचार करें।

नई फोरप्ले टेक्‍नीक आजमाएं: अपने पार्टनर के साथ गहरे संबंध बनाना सेक्स ड्राइव को बढ़ा सकता है। किस, हग करना और अन्य अंतरंग गतिविधियां मूड को बेहतर बनाती हैं। फोरप्ले से योनि में चिकनाहट बढ़ती है, जिससे सेक्स अधिक सुखद हो सकता है।

अधिक ऑर्गेज्म: यह सुनने में अटपटा लग सकता है, लेकिन अधिक ऑर्गेज्म से सेक्स ड्राइव बढ़ता है। एकल आनंद (मास्टरबेशन) या नए सेक्स टॉय का उपयोग करके आप नई तकनीकों को आजमा सकते हैं।

मेरा नाम मोनिका अग्रवाल है। मैं कंप्यूटर विषय से स्नातक हूं।अपने जीवन के अनुभवों को कलमबद्ध करने का जुनून सा है जो मेरे हौंसलों को उड़ान देता है।मैंने कुछ वर्ष पूर्व टी वी और मैग्जीन के लिए कुछ विज्ञापनों में काम किया है । मेरा एक...