Ishaan Khatter in Pippa: जंग को बीते हुए भला कितना भी जमाना क्यों न बीत जाए लेकिन जंग से जुड़ी इतिहास के पन्नों के साथ- साथ लोगों की यादों के पिटारों में भी महफूज रहती हैं। 1971 की भारत-पाकिस्तान की जंग भी तो कुछ ऐसी थी जिसकी कहानी आपने कभी न कभी किसी न किसी से सुनी जरुर होगी। उस वक्त भी सरहद पर हमारे फौजी लड़े और बहुत से नायकों की वजह से हम इस जंग में जीत हासिल कर पाए। ऐसे ही नायक थे ब्रिगेडियर बलराम सिंह मेहता जो एक नायक के तौर पर सामने आए। उनकी यही कहानी अब हम फिल्म पिप्पा में देखेंगे। इस फिल्म के डायरेक्टर राजा मेनन हैं। वहीं इसमें ब्रिगेडियर बलराम का किरदार ईशान खट्टर हैं वहीं नायिका के तौर पर मृणाल ठाकुर नजर आ रही हैं। एक्शन से भरपूर इस फिल्म का संगीत एआर रहमान ने दिया है। यह वार ड्रामा फिल्म है जिसका प्रीमियर 10 नवंबर को होगा। रोनी स्क्रूवाला और सिद्धार्थ रॉय कपूर ने इस फिल्म को प्रोड्यूस किया है।
द बर्निंग चफीज पर आधारित है फिल्म
यह फिल्म ब्रिगेडियर मेहता की वॉर बुक द बर्निंग चफीज पर आधारित है। मेहता को आप इस वॉर का रियल हीरो कह सकते हैं। वह फिलहाल हिमाचल प्रदेश में रहते हैं और उन्होंने युद्ध खत्म होने के बाद ही अपने टैंक क्रू से वादा किया था कि उनकी वीरता, साहस की कहानी को मैं किताब के जरिए दुनिया के सामने जरुर लाएंगे। वो वादा साल 2016 में पूरा हो पाया। अच्छी बात है कि इस पर फिल्म के लिए खुद सिद्धार्थ राय कपूर ने इनसे संपर्क किया। और उसके बाद बस सभी कुछ जैसे होता चला गया। गौरतलब है कि जून 1966 में मेहता को 45 कैवेलरी में कमीशन दिया गया था।
नाम के पीछे की कहानी
इस फिल्म का नाम पिप्पा है। इसके पीछे की कहानी भी बड़ी रोचक है। टैंक पीटी 76 के आस-पास हुई घटना से लिया गया है। उस वक्त यह टैंक भारतीय सेना के लिए एक नई चीज थी। 1965 के युद्ध के बाद 45 कैवेलरी को यह टैंक मिला था। पानी में तैरने वाले इस टैंक को उस वक्त् एक जेसीओ ने देखकर कहा था कि पिप्पा तैर रेहा वे। इस युद्ध में जीत हासिल करने में इस टैंक का एक अहम रोल रहा है। गर हम एक्टिंग की बात करें तो ईशान खट्टर का लुक और डायलॉग देखकर लग रहा है कि वो इस फिल्म में कमाल करने वाले हैं। इस फिल्म को अमेजन प्राइम पर डिजिटली रिलीज किया जाएगा।
