पूरे परिवार के साथ पहुंचते हैं इस गेर में शामिल होंने
गेर की यह परंपरा होलकर वंश के समय से चल रही है।
Indore Rangpanchami: मध्यप्रदेश के इंदौर शहर की रंगपंचमी दुनिया भर में प्रसिद्ध है। होली के पांच दिन बाद आयोजित रंगपंचमी पर निकली गेर यानी जुलूस इस बार भी हर साल की तरह धूमधाम से मनाया गया। गेर में छह लाख से अधिक लोग शामिल हुए। पिचकारी, वॉटर टैंकर, मोटर पम्प यानी मिसाइलों से करीब 100 से 200 फीट ऊंचाई तक हजारों किलो गुलाल और रंगों की बौछार की गई। शहर के अलग-अलग हिस्सों से गेर निकाली जाती है और फिर भी राजवाड़ा में एकत्रित होकर रंगोत्सव मनाते हैं। इंदौर की गेर को यूनेस्को की विश्व धरोहर की सूची में शामिल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
गेर की यह परंपरा होलकर वंश के समय से चल रही है। रंगपंचमी के दिन होलकर राजवंश के लोग आम जनता के साथ होली खेलने के लिए निकलते थे। उनका उद्देश्य ऊंच-नीच की भावना को मिटाना और मिलजुलकर इस पर्व को मनाना था। राजवंश की यह परंपरा आज भी कायम रखी गई।
यह भी देखे-इस जंगल में हर पेड़ है टेढ़ा-मेढ़ा, आज भी रहस्य है इसकी घुमावदार आकृति
