Govinda and Akshay
Govinda and Akshay

Summary: अक्षय कुमार ने स्टार बनने से पहले कई काम किए...

अक्षय उस समय कलाकारों की तस्वीरें खींचा करते थे। तभी गोविंदा ने उन्हें देखा और कहा, “तू चांगला दिसतोस, हीरो बन ना तू” ....

Govinda advice to Akshay: बॉलीवुड के स्टार अक्षय कुमार अपनी बहुमुखी प्रतिभा और समर्पण से दर्शकों को लगातार प्रभावित करते रहे हैं। चाहे पर्दे पर हों या पर्दे के बाहर। हाल ही में अक्षय एक बार फिर सिनेमाघरों में लौटे सुभाष कपूर की कोर्टरूम कॉमेडी ‘जॉली एलएलबी 3’ के साथ। यह फिल्म 19 सितंबर को रिलीज़ हुई, जिसमें उनके साथ अरशद वारसी और सौरभ शुक्ला भी नजर आए। इस सीरीज में अक्षय कुमार दूसरी बार काम कर रहे हैं। दो हफ्ते बाद भी यह फिल्म बढ़िया कमाई कर रही है और समीक्षक इसे हिट बता रहे हैं।

लेकिन अक्षय का स्टारडम पाने का सफर आसान नहीं था। अपनी पहचान बनाने से पहले उन्होंने कई तरह के काम किए, यहां तक कि फोटोग्राफरों के लिए लाइट बॉय के रूप में भी काम किया। हाल ही में अक्षय कुमार को रजत शर्मा के टीवी शो में बुलाया गया था। ‘आपकी अदालत’ कार्यक्रम में अक्षय ने एक किस्सा साझा किया कि कैसे उनकी मुलाकात दिग्गज अभिनेता गोविंदा से हुई और उस मुलाकात ने उनकी जिंदगी बदल दी।

अक्षय उस समय कलाकारों की तस्वीरें खींचा करते थे। तभी गोविंदा ने उन्हें देखा और कहा, “तू चांगला दिसतोस, हीरो बन ना तू” मतलब – “तू अच्छा दिखता है, हीरो बन जा।” पहले तो अक्षय हैरान हुए और हंसकर बात को टाल दिया। लेकिन आने वाला वक्त साबित करने वाला था कि गोविंदा की यह बात सच थी। सालों बाद अक्षय ने गोविंदा के साथ ‘भाग मभाग’ (2006) में काम किया और आखिरकार बॉलीवुड के बड़े सितारों में गिने जाने लगे।

AKSHAY AS JOLLY IN MOVIE
AKSHAY AS JOLLY IN MOVIE

‘जॉली एलएलबी 3’ में कई साल बाद दोनों चर्चित वकील फिर से लौटे हैं। इस फिल्म में अक्षय और अरशद एक मजेदार कानूनी लड़ाई में एकजुट होकर धमाल मचाते हैं। सौरभ शुक्ला भी अपने पुराने किरदार यानी खीझे हुए जस्टिस त्रिपाठी के रूप में वापसी करते हैं। फिल्म में अमृता राव और हुमा कुरैशी की भी अहम भूमिकाएं हैं। फिल्म का रनटाइम करीब 160 मिनट का है और यह पूरी तरह मनोरंजक लगती है। तमाम समीक्षाओं में इसे तीन स्टार से ज्यादा की रेटिंग हासिल हुई है। वैसे कुछ लोग यह भी कह रहे हैं यह जॉली सीरीज की सबसे कमजोर कड़ी है लेकिन दर्शकों को इससे मतलब नहीं दिखता वो तो इसे खूब देख रहे हैं।

‘जॉली एलएलबी 3’ अक्षय कुमार के लगातार बदलते करियर की एक और उपलब्धि है। यह सफलता साबित कर रही है कि वे हास्य को सामाजिक-सांस्कृतिक संदर्भ से जोड़ने में माहिर हैं। उन्होंने बार-बार यह साबित किया है कि वे केवल एक्शन हीरो नहीं, बल्कि सामाजिक संदेश देने वाले कलाकार भी हैं, चाहे दर्शक उसे सहजता से स्वीकार करें या नहीं। माने ना मानें अक्षय ने हर वर्ग और अलग-अलग पृष्ठभूमि के दर्शकों से जुड़ने का तरीका ढूंढ लिया है। पैडमैन से लेकर जॉली तक … आप पाएंगे कि अक्षय की फिल्मों में समाज के लिए काफी कुछ है।

ढाई दशक से पत्रकारिता में हैं। दैनिक भास्कर, नई दुनिया और जागरण में कई वर्षों तक काम किया। हर हफ्ते 'पहले दिन पहले शो' का अगर कोई रिकॉर्ड होता तो शायद इनके नाम होता। 2001 से अभी तक यह क्रम जारी है और विभिन्न प्लेटफॉर्म के लिए फिल्म समीक्षा...