Idiopathic Pulmonary Fibrosis: तबला वादक ज़ाकिर हुसैन अब हमारे बीच नहीं हैं। यह बहुत दुख भरी खबर है। इनकी मृत्यु इडियोपैथिक पल्मोनरी फाइब्रोसिस से हुई है। अब इस स्थिति का नाम जब से सामने आया है तब से लोगों के बीच इसे जानने की इच्छा काफी तेज हो गई है की यह स्थिति किन लोगों को होती है और किन कारणों की वजह से होती है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह एक क्रोनिक फेफड़ों की बीमारी है जो फेफड़े के टिश्यू की स्कारिंग की वजह से होती है। इससे फेफड़ों का फंक्शन लॉस होता है। यह स्कॉरिंग मोटी होती जाती है और फेफड़ों को कठोर बना देती है। इससे फेफड़ों की एक्सपैंड होने वाली क्षमता खत्म हो जाती है और वह ऑक्सीजन नहीं ले पाते हैं। इस वजह से खून तक ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती है। इससे लगातार सांस न आना, सांस फूलना जैसे लक्षण देखने को मिलते हैं। इस स्थिति के मुख्य कारण का तो पता नहीं है लेकिन कुछ वातावरण से जुड़े फैक्टर इसके होने का रिस्क बढ़ा देते हैं।
इडियोपैथिक पल्मोनरी फाइब्रोसिस लक्षण
इससे फेफड़े कठोर हो जाते हैं और सांस ले पाना मुश्किल हो जाता है। सांस फूलना, सूखी खांसी होना, वजन कम होना, थकान होना आदि इस बीमारी के लक्षण हैं। समय के साथ साथ खून में ऑक्सीजन लेवल बहुत कम हो जाता है जिस कारण हार्ट फेलियर, हाइपर टेंशन जैसी स्थिति भी देखने को मिल सकती है।
किन्हें ज्यादा रिस्क है?
यह बीमारी 50 साल से अधिक उम्र वाले लोगों को ज्यादा होती है। पुरुषों को इसके होने का रिस्क महिलाओं के मुकाबले ज्यादा होता है। अगर घर में पहले ही किसी व्यक्ति को यह स्थिति है तो आपको इसके होने का रिस्क बढ़ जाता है। जिन लोगों को पेट में एसिडिटी जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है उन्हें भी इस स्थिति का रिस्क ज्यादा होता है।
