सब्यसाची मुखर्जी का जन्म 30 फरवरी 1974 को मानिकताला पश्चिम बंगाल भारत में हुआ है. यह एक फैशन डिजाइनर है. मुखर्जी फैशन डिजाइन काउंसिल ऑफ इंडिया के एसोसिएट डिजाइनर होने के साथ ही नेशनल म्यूजियम भारतीय सिनेमा के सबसे युवा सदस्य भी हैं.

सब्यसाची मुखर्जी एक मध्यमवर्गीय परिवार से हैं. इनके पिता का नाम शुकुमार मुखर्जी और माँ संध्या मुखर्जी है, जो कि गवर्नमेंट आर्ट कॉलेज में कार्य करती हैं. जब सब्यसाची 15 वर्ष के थे, तब इनके पिता की नौकरी छूट गई थी. इनका हस्तशिल्प से गहरा लगाव था. इनकी बहन शिंगनी मुखर्जी हैं, जो इनसे 7 वर्ष छोटी है. वह लेवल बिजनेस को मैनेज करती हैं.

सन 1999 में मुखर्जी ने नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ फैशन टेक्नोलॉजी से स्नातक की पढ़ाई पूरी की. इसके 4 माह बाद इन्होंने अपना नामांकित लेवल शुरू किया जिसमें सिर्फ 3 लोगों की जरूरत थी.

वर्ष 2001 में फेमिना ब्रिटिश काउंसिल मोस्ट आउटस्टैंडिंग यंग डिजाइनर ऑफ इंडिया का खिताब जीता जिसके बाद इन्हें लंदन के Georgina von Etzdolf के साथ इंटर्नशिप करने का अवसर मिला.

वर्ष 2002 में मुखर्जी ने इंडियन फैशन वीक में हिस्सा लिया, जिसमें मीडिया के द्वारा इन्हें सकारात्मक प्रतिक्रियाएँ प्राप्त हुई.

2003 में सिंगापुर में “मर्सिडीज बेंज न्यू एशिया फैशन सप्ताह” में “ग्रांड विजेता पुरस्कार” के साथ अपना पहला अंतर्राष्ट्रीय रनवे बनाया. इस अवॉर्ड शो के बाद Jean Paul Gaultier और एजेडीन अलॉय के द्वारा एक कार्यशाला खोलने में सक्षम हुए.

“लेकमे फैशन वीक 2003” में अपने संग्रह “कोरा” में उन्होंने कंधे और हाथ कढ़ाई वाले कपड़ों के साथ हाथ से बुने हुए सख्त कपड़ों का इस्तेमाल किया.

वर्ष 2004 में इन्होंने “क्वालालंपुर फैशन वीक” और “द मियामी फैशन वीक” में एक कदम बढ़ाया,जिसमें बोहेमियन भारतीय कपड़े पहनते थे. उनके संग्रह को “द फ्रॉक प्रिंसेस” कहा जाता था.

2005 में इनको वसंत ग्रीष्मकालीन संग्रह “द नायर सिस्टर” पूर्णता कढ़ाई, बैगरू प्रिंट, कपास और हाथ से बुने हुए कपड़ों के व्यापक प्रयोग से प्रेरित था. इस कलेक्शन को लंदन में ब्राउन एंड सेलफ्रीज में बेचा गया था.

वर्ष 2006 के न्यूयॉर्क फैशन वीक में इन्होंने अपने पहले बसंत ग्रीष्मकालीन संग्रह 07′ के साथ हिस्सा लिया. यह संग्रह लोकगीत, ग्लैमर सादगी, आधुनिक वास्तुकला पर आधारित था. इसमें उन्होंने सूक्ष्म बनावट और स्वदेशी कढ़ाई के साथ मिश्रित हल्के दबे हुए रंगों और काले रंग का बहुत ही शानदार कार्य प्रस्तुत किया.

मुखर्जी 3 विशेष फैशन वीक “न्यूयार्क फैशन वीक”, “मिलान फैशन वीक” और “लंदन फैशन वीक” में हिस्सा लेने वाले एकमात्र भारतीय फैशन डिजाइनर हैं.

2008 में ‘PCJ दिल्ली कटर वीक’ के तीसरे संस्करण में अपने नए संग्रह “मून” में उन्होंने दुनिया के 5 शहरों का अंदाज अपने डिजाइन के द्वारा प्रस्तुत किया.

2008 में GAJA ब्रांड की सहायता से बनाई गई विशेष आभूषणों का प्रदर्शन किया.

सब्यसाची मुखर्जी का मानना है कि भारतीय डिजाइनारों की विश्व में आज एक विशेष स्थिति है. इसके पीछे का कारण हमारे देश का समृद्ध इतिहास संस्कृति के साथ-साथ देश की विविधता है.

बॉलीबुड का सफर

मुखर्जी ने ‘ब्लैक’ फ़िल्म के द्वारा बॉलीवुड में प्रवेश किया. यह पहली फ़िल्म थी जिसमे मुखर्जी के डिज़ाइन किये गए कपड़ो का उपयोग किया गया. इस फ़िल्म को संजय लीला भंसाली ने निर्देशित किया था. 2005 के राष्ट्रीय फ़िल्म पुरुस्कारों में सर्वश्रेष्ट ड्रेस डिज़ाइनर का अवार्ड पाने के साथ ही खूब प्रशंसा बटोरी.

इसके बाद इन्होंने बाबुल, लगा चुनरी में दाग, रावण, गुजारिश, पा, नो वन किल्ड जेसिका, और इंग्लिश-विंग्लिश जैसी कई चर्चित फिल्मो में डिज़ाइनर का काम किया है.

बॉलीवुड अभिनेत्री विद्या बालन की शादी में 18 हस्त निर्मित साड़ियों का संग्रह मुखर्जी के द्वारा डिज़ाइन किया गया था.

सेलिब्रेटी क्लाइंट

सब्यसाची के कई सेलिब्रेटी क्लाइंट है, जिनमे रानी मुखर्जी, तब्बू, शबाना आज़मी, सुष्मिता सेन, करीना कपूर खान, अनुष्का शर्मा, ऐश्वर्या राय बच्चन, दीपिका पादुकोण जैसी बड़ी अभिनेत्रियां शामिल है.

सब्यसाची को उनके योगदान के लिए कई अवार्डों से सम्मानित किया गया है. जिनमे कुछ प्रमुख है.

  1. बेस्ट डिज़ाइनर ऑफ इंडिया एट द MTV लाइक्रा स्टाइल अवार्ड
  2. सोसायटी एचीवर अवार्ड फ़ॉर द बेस्ट न्यू इंडियन डिज़ाइनर
  3. सिंगापुर की एक बिज़नेस मैगजीन ने इन्हें 10 प्रभावशाली भारतीय में शामिल किया है, जो एशिया में है.
  4. केवल यही एक भारतीय डिज़ाइनर है, जिन्हें मिलान फ़ैशन वीक 2014 में एक डिज़ाइनर के रूप में आमंत्रित किया गया है.