लोकप्रिय ऐतिहासिक शो भारत का वीर पुत्र महाराणा प्रताप में प्रताप यानी शरद मल्होत्रा एक महान नायक और योद्धा की भूमिका निभाते हुए नजर आ रहे हैं। महाराणा प्रताप, मेवाड़ के महान योद्धा हैं। इस धारावाहिक में वह अपने राज्य में प्रवेश करने से अफगानों, मुगलों और तुर्क आक्रमणकारियों के खिलाफ अपनी तलवार उठाए एक वीर राजपूत शासक की भूमिका अदा कर रहे हैं, जो सोलहवीं सदी के हिंदू राजपूत शासक हैं। प्रताप को उनकी तीव्रता और युद्ध कौशलता के लिए जाना जाता है। कई राजकुमारियों व लड़कियों की पसंद प्रताप अपना दिल बिजौलिया के सामंत की बेटी पर हार जाते हैं।

महाराणा प्रताप का किरदार अदा कर रहे शरद मल्होत्रा से जब पूछा गया कि क्या आपने सोचा था कि आप महाराणा प्रताप का किरदार निभाएंगे तो उनका जवाब था कि भारत के इस वीर योद्धा का किरदार भला कौन नहीं निभाना चाहेगा। इस किरदार को निभाकर मैं बेहद खुश हूं। बचपन में हर बच्चे की तरह मैंने भी रामायण, महाभारत, झांसी की रानी, प्रताप और चेतक की कहानियां सुनी हैं। मुझे बचपन से ही सांस्कृतिक  व ऐतिहासिक चीजों ने प्रभावित किया है। एक कलाकार होने के नाते मैंने सपने में भी नहीं सोचा था कि मुझे कभी महाराणा का किरदार निभाने का मौका मिलेगा। यही कारण है कि जब इसका ऑफर मिलातो मैं अपने आपको रोक नहीं पाया और तुरंत हां कर दी।

शरद मल्होत्रा से बातचीत के कुछ  अंश-

रील लाइफ में शरद जितने गंभीर नजर आते हैं रियल लाइफ में उतने ही हंसमुंख हैं। महाराणा प्रताप शो से हटकर मैंने जब उनसे प्रश्न से जुड़े प्रश्न पूछे तो उन्होंने एक लव गुरु की तरह हर प्रश्न का उत्तर दिया।

आपकी नजर में प्यार क्या है?
प्यार सब कुछ है, जिसको शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।

प्यार दीवाना होता है, क्या ये बात सच है?
जी हां, यह बात सच है प्यार में लोग दीवाने हो जाते हैं।

प्यार दिल से होता है कि दिमाग से?
प्यार दिल से होता है। दिमाग से तो सिर्फ सौदा होता है।

क्या आपने प्यार में आसमान से तारे तोड़े हैं?
एक फल नहीं तोड़ा, तारे तो बहुत दूर की बात हैं।

क्या पहली नजर में प्यार हो जाता है?
होता है, पर बहुत कम। पहली नजर में आकर्षण और लगाव होता है।

कहानी-
इस धारावाहिक में रचना पारूलकर अजबदे पंवार राजपूत और मेवाड़ की रानी की भूमिका निभाते हुए नजर आ रही हैं, जिसने महान योद्धा महाराणा प्रताप से शादी की है। इन दोनों की शादी 17 वर्ष की उम्र में हो गई थी। अजबदे की प्रिय सखी फूल कवर अपना दिल महाराणा प्रताप को दे बैठती हैं, जिसकी वजह से इन दोनों की शादी में कई तरह की अड़चनें आती हैं।

अजबदे की समझदारी प्रताप को लुभाती है और अजबदे, प्रताप को कई फैसले लेने में मदद भी करती है। हालांकि राजनैतिक गठबंधनों के लिए प्रताप अन्य राजकुमारियों से भी शादी करते हैं लेकिन उनका प्यार अजबदे ही मानी जाती है। अजबदे उन्हें हर सही फैसला लेने में मदद करती हैं। महाराणा की जिंदगी में उनके माता-पिता के बाद अजबदे का एक खास स्थान है। यही कारण है कि महाराणा कोई भी निर्णय लेने से पहले अजबदे से राय-मशवरा जरूर करते हैं।

इस किरदार में अपने अनुभव को लेकर रचना काफी खुश हैं, उनका कहना हैं कि मैंने तो बिल्कुल भी नहीं सोचा था कि मैं इस तरह का किरदार कभी करूंगी। पर जब इस शो के लिए मेरा चुनाव हुआ तो मैं मना नहीं कर पाई। आप लोगों को एक बात बता दें कि रचना को ऐतिहासिक कहानियों व जानकारी में बिल्कुल भी रुचि नहीं है। वह इन सब से बहुत दूर रहती थी। रचना कहती हैं कि पहले मैं जब टीवी पर कोई ऐसा शो देखती, तो मैं तुरंत चैनल बदल देती थी, क्योंकि ऐसे शो मुझे बिल्कुल पसंद नहीं थे। मेरा इस तरह के शोज़ से दूर-दूर तक का कोई वास्ता नहीं था। इस अभिनय को करने पर रचना को काफी मेहनत करनी पड़ी,

वह बताती हैं कि अजबदे के किरदार के लिए मैंने सिर्फ एक ऑडिशन दिया था। सलेक्शन होने के बाद हमारी एक वर्कशॉप हुई थी, जिसमें बॉडी लैंग्वेज से लेकर डायलॉग डिलवरी तक सारी बातें समझाई गईं। जब सीरियल की शूटिंग शुरू हुई, तब कई घंटों तक काम करना पड़ा। हालाकि शूट के बाद काफी थकान हो जाती थी, पर मैं हर दिन अपना सौ प्रतिशत देने की कोशिश करती ताकि हर शॉट परफेक्ट हो। शुरू में जब भी मैं शूटिंग करती थी तब मुझे लगता था कि पीछे जो मैंने गलतियां की थी मुझे नहीं करनी चाहिए,क्योंकि आज वो चीजें मुझे करनी पड़ती हैं। अगर मैं टीवी में आने वाले ऐसे शोज़ को देखती रहती तो मुझे आज किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं होती। शुरू में तो मुझे बहुत परेशानी हुई, पर धीरे-धीरे मैंने अपने को इस रोल में फिट कर लिया,क्योंकि मैं इस रोल को दिल से महसूस करती हूं।

जीवन पर प्रभाव

रचना के वास्तविक जीवन में इस रोल का इतना प्रभाव पड़ा कि वह जहां भी होती अजबदे के रूप में होती। उनका इस तरह का व्यवहार उनके दोस्तों व परिवार वालों को बहुत अजीब लगता है। वो कहती हैं कि यह सच है कि इस रोल का असर मेरे वास्तविक जीवन में बहुत पड़ा है। मेरे दोस्त बहुत हंसते हैं और मेरा मजाक उड़ाते हुए बोलते है कि देखो महारानी आ गई। जब वो बोलते हैं तब मुझे लगता है कि मैं जरूर अजबदे वाले रोल में चली गई होंगी।

क्या मुश्किले आई-

इस शो में रचना को सबसे ज्यादा मुश्किल डायलॉग बोलने पर होती थी क्योंकि डायलॉग शुद्ध हिंदी व उर्दू के होते, जो रचना के लिए बहुत कठिन थे। पर अब ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। अब तो रचना काफी अच्छी हिंदी बोल लेती हैं। रचना वास्तविक जीवन में बहुत सादे तरीके से रहती हैं पर इस किरदार को करने में उन्हें काफी मेकअप व आभूषण पहनने पड़ रहे हैं। रचना कहती हैं कि मुझे भारी-भरकम ज्वैलरी पहनना बिल्कुल भी पसंद नहीं है। शुरु में तो मुझे परेशानी हुई पर अब ऐसी बिल्कुल परेशानी नहीं होती। मैं अब आराम से ज्वैलरी कैरी कर लेती हू्ं। जब मैं इस रोल के लिए तैयार होती तो मैं सोचती हूं कि पहले की रानी-महारानियां बिना किसी परेशानी के कैसे इतनी भारी भरकम ज्वैलरी को रोज पहन लेती थी। रचना इस शो से बहुत खुश हैं। उनका कहना है कि इस शो से वह एक नए रूप में नजर आ रही हैं और उनको विश्वास है कि दर्शक उनको इस रूप में जरूर पसंद करेंगे। 

अजबदे के बहुत करीब हूं।
रचना कहती हैं कि मेरे और अजबदे, जिनका मैं किरदार कर रही हूं। दोनों सिमिलर हैं। मैं अजबदे की तरह गलत बात को स्वीकार नहीं करती और मैं हर चीजों के प्रति बहुत ईमानदार हूं। मैं किसी को तकलीफ पहुंचाना पसंद नहीं करती हूं। किसी को कुछ भी बोलने से पहले बहुत बार सोचती हूं। ताकि मेरे शब्दों से किसी को कोई ठेस नहीं पहुंचे।

यादगार पल

शरद-

इस सीरियल से जुड़ा एक दृश्य शरद के लिए जिंदगी भर के लिए यादगार पल बन गया। शरद कहते हैं, जब सीरियल का पहला सीन शूट हुआ जैसलमेर में उस वक्त वहां का तापमान 48 डिग्री था। ऐसी गर्मी में सीरियल के डायरेक्टर ने रेत में दो किलोमीटर दौडऩे के लिए कहा। मैंने दौडऩा शुरू ही किया था कि तेज गर्मी के कारण मेरी जूतियां पिघल गई। यहां तक की पैर में छाले पड़ गए थे। उस रात मैंने सोचा कि आखिर मैंने क्यूं सीरियल के लिए हां कर दी। लेकिन जब सीरियल ऑन एयर हुआ और टीआरपी अच्छी मिली, तब अपने फैसले पर गर्व हुआ।

अजबदे-

अजबदे का किरदार निभाने के लिए मुझे न केवल हैवी ज्वैलरी, बल्कि हैवी कॉस्ट्यूम भी पहननी पड़ी। शुरूआत में काफी परेशानी हुई। कई बार हैवी ज्वैलरी, हैवी कॉस्ट्यूम और मेकअप की वजह से डायलॉग भी भूल जाती थी, पर अब आदत हो गई है।

बर्थडे हुआ शानदार
शरद के बर्थडे पर उनकी गर्लफ्रेड दिव्यंका त्रिपाठी ने अपने व्यस्त शेडूयल से कुछ समय निकालकर उनके लिए एक सरप्राइज गेट-टूगेदर प्लान किया। इस दौरान शरद ने जो केक काटा उस पर उनकी मूंछें बनाई गई थीं और लिखा गया था हैप्पी बर्थडे महामुच्छी प्रताप। शरद ने अपनी भावनाओं को शेयर करते हुए कहा कि मुझे आइडिया नहीं था कि मेरे बर्थडे पर ऐसा सेलिब्रेशन प्लान किया गया है। मुझे फोटो केक वाला आइडिया बहुत पसंद आया।