अतीत और वर्तमान समय में आये बदलाव और रोमांस से भरपूर फ़िल्म ‘भंगड़ा पा ले’ में पंजाब से भांगड़ा के पारंपरिक फॉर्म और दुनिया भर के पश्चिमी डांस फॉर्म के बीच तालमेल देखने को मिलेगा। फिल्म की इस कहानी में श्रिया का किरदार अतीत से जुड़ा हुआ है। वो अपने चरित्र के साथ पूरा न्याय करना चाहती थी और यह सुनिश्चित करना चाहती थी कि वे इस फिल्म में सहजता से ढोल बजाएं। इसी वजह से उन्होंने ढोल बजाना सीख लिया है ताकि उनका किरदार पंजाब की हृदयभूमि की एक उत्साही युवा लड़की है जिसे संगीत से प्यार है।
श्रिया का मानना है, ‘मैं बहुत खुश हूँ की मुझे ऐसा मौका मिला जहा मैं खुद को चुनौती दे सकूं, और कुछ नया हुनर सिख सकूं। मैं इस फिल्म में सन 1940 की पंजाबी लड़की निम्मो का किरदार निभा रही हुं जिसे संगीत से बहुत प्यार है इस फिल्म में एक गाना है जिसमे मैं ढोल बजाते हुए नज़र आउंगी। मैं सुनिश्चित करना चाहती थी कि मैं इस फिल्म में सहजता से ढोल बजाऊं, आमतौर पर मैं ढोल के इर्दगिर्द नाचा करती थी पर इस बार मैंने ढोल बजाना सीखा है, और यह प्रक्रिया बहुत ही मज़ेदार रहा।’ आरएसवीपी द्वारा निर्मित ‘भांगड़ा पा ले’ स्नेहा तौरानी द्वारा निर्देशित यह फ़िल्म 15 नवंबर, 2019 में रिलीज के लिए तैयार है।
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