अर्जुन ने पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, ‘ये पोएम मेरे हाथ लगी जो मैंने 12 साल की उम्र में अपनी मां के लिए लिखी थी। ये एक बच्चे के रूप में मेरा सबसे शुद्ध स्वरूप था। इसी दौरान मुझे उनसे प्यार और लगाव की अनुभूति हुई थी और इस कविता के जरिए मैंने इसे दर्शाने की कोशिश की थी। मैं उनसे बेहद प्यार करता हूं और उन्हें हर सुबह मिस करता हूं। अब मेरे पास ये कुबूल करने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है कि मैं उन्हें और प्यार नहीं कर सकता।
इसके साथ ही अर्जुन ने आगे लिखा, ‘मैं जब भी इस बारे में सोचता हूं मैं विचलित हो जाता हूं। मैं ये एक बेटा होने के नाते लिख रहा हूं। काश एक बार और वे मुझे बेटा कह कर पुकारतीं और मैं ये सुन पाता। मैं उन्हें हर समय मिस करता हूं। मैं 8 साल पहले ही टूट चुका हूं। मैं हमेशा ये कोशिश करता हूं कि मैं हर नई सुबह की शुरुआत एक मुस्कराहट के साथ करूं मगर मां के जाने का जो अभाव है वो दूर नहीं हो रहा है।शायद जीवन ये बताना चाहता है कि वास्तविकता में मैं कोई हीरो नहीं हूं इसलिए वो बार बार मुझे आजमाता है। मां, मैं उम्मीद करता हूं कि आप जहां भी होंगी खुश होंगी। मैं आपसे सबसे ज्यादा प्यार करता हूं।