Bas Itna Sa Khwaab Hai Serial
Bas Itna Sa Khwaab Hai Serial

Bas Itna Sa Khwaab Hai Serial: इन दिनों टीवी चैनल्‍स पर आने वाला सीरियल ‘बस इतना सा ख्‍वाब है’ सुर्खियों में है। जी टीवी पर आने वाले इस शो में एक आम गृहिणी की कहानी की कहानी जो अपने घर और घरवालों के सपने पूरा करने के लिए खुद की ख्‍वाहिशें ताक पर रख देती है। यही नहीं जरूरत पडने पर अपनी क्षमता के हिसाब से वो काम करने को भी तैयार है। इस स्‍टोरी लाइन वाले शो ‘बस इतना सा ख्‍वाब है’ ने बहुत कम समय में दर्शकों के बीच अपनी जगह बना ली है। फैंस इस शो की तुलना ‘अनुपमा’ से कर रहे हैं। राजश्री ठाकुर लम्‍बे समय बाद किसी किरदार में फिर से टीवी पर नजर आ रही हैं। इस शो की पॉपुलैरिटी दिन पर दिन बढती जा रही है। आइए आपको बताते हैं शो के बारे में।

पहले जानते हैं शो की कहानी के बारे में

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इस शो की कहानी कहीं न कहीं हर आम गृहिणी को छूने वाली है। एक गृहिणी जो घर को बजट के हिसाब से चलाने की पूरे महीने कोशिश करती है पर कहीं न कहीं कुछ कम रह ही जाता है। ठीक उसी तरह कानपुर में रहने वाली अवनी (राजश्री ठाकुर) अपने पति, बच्‍चों और सास ससुर के साथ एक जॉइंट फैमिली में रहती हैं। उसका पति शिखर(योगेन्‍द्र विक्रम सिंह) एक रिअल एस्‍टेट कम्‍पनी में काम करता है। अपना एक बड़ा घर बनाने का सपना देखने वाले शिखर के खर्चे ज्‍यादा और आमदनी कम है। पूरे परिवार के खर्चे और बच्‍चों की पढाई के बाद उसके पास कुछ नहीं बचता।
ऐसे में अवनी घर को बडी ही हाथ सिकोड कर चलाती है। यही नहीं वो अपनी जरूरतों को भी हर कदम पर मारती आ रही है। बावजूद इसके शिखर उसे हर पल नीचा ही दिखाता है। अपने घर के सपने को पूरा करने के लिए अवनी घर के साथ साथ फाइनेंशियल मदद करने के लिए अपने पार्लर का काम करने का निश्‍चय करती है। जिसमें उसका कोई भी साथ नहीं देता। अवनी अकेले ही अपने ख्‍वाब को पूरा करने के लिए घर से बाहर कदम निकालती है। एक गृहिणी के सपनों को पूरा करने की जिद अतनी आसान नहीं होने वाली है। इस शो में हर दिन अवनी के जिंदगी के संघर्ष को देखकर कुछ लोगों को अपनी या अपने आस पास की कहानी नजर आ सकती है।

क्‍या अवनी घर की जिम्‍मेदारी के साथ बाहर काम कर पाएगी

कोई भी महिला घर से बाहर तभी सुकून से काम कर सकती है जब उसे घरवालों का सपोर्ट मिलता है। जो कि बहुत कम देखने को मिलता है। महिलाओं को बाहर के काम के साथ साथ घर की जिम्‍मेदारी भी संभालनी पडती है। ठीक उसी तरह अवनी को भी बाहर काम करने जाने से पहले घर के सभी जिम्‍मेदारियां पूरी तरह निभानी पडती हैं।
सीरियल में हर दिन अवनी को किसी न किसी काम की वजह से घरवालों के ताने सुनने पड रहे हैं। यही नहीं इन सब कामों के साथ उसे बच्‍चों को भी संभालना और उनकी जरूरतों का ध्‍यान रखना पडता है। अवनी के पति ने जॉब छोड अपना काम करने की कोशिश की वो उसमें भी नाकाम रहा। अब वो बिना किसी काम के घर पर बैठ गया है। अवनी बच्‍चों की फीस जमा करने के लिए पैसे बचाकर रखती है। शिखर उन पैसों से अपने लिए घडी ले आता है। स्‍कूल में फीस न भरने के लिए मार खा चुकी उसकी बेटी किट्टू शिखर की घडी चुराकर फीस भरने की कोशिश करती है। ऐसे में शिखर अवनी पर इल्‍जाम लगाता है कि वो बच्‍चों तक को नहीं संभाल पा रही। किट्टू पैसों की वजह से रात को घर से बाहर निकल जाती है। अवनी किट्टू को ढूंढने पीछे जाती है। क्‍या अवनी किट्टू को ढूंढ पाएगी। क्‍या हर दिन एक नई परेशानी का सामना कर रही अवनी अपना ख्‍वाब पूरा कर पाएगी।
अवनी के सिंपल जिंदगी के बस इतने से ख्‍वाब को पूरा करने के सफर से जुडने के लिए जी टीवी पर देखें ‘बस इतना सा ख्‍वाब है’ सोम-रवि शाम 7:30 बजे।

निशा सिंह एक पत्रकार और लेखक हैं, जिनका जन्म उत्तर प्रदेश के कानपुर जिलेमें हुआ। दिल्‍ली और जयपुर में सीएनबीसी, टाइस ऑफ इंडिया और दैनिक भास्‍कर जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्‍थानों के साथ काम करने के साथ-साथ लिखने के शौक को हमेशा जिंदा...