डोर स्टेप डिलीवरी सेवा में अग्रणी सानया – सानया गोयल(‘हमसफर’ की फाउंडर डायरेक्टर)

यूं तो जीवन में कई आसान रास्ते मिलते हैं, आगे बढ़ने के लिए, लेकिन अगर नज़र मंजि़ल पर टिकी हो और जहन में कुछ कर गुज़रने का जज्बा हो, तो पथरीले रास्ते भी आसान लगने लगते हैं। कम उम्र में बेमिसाल हुनर और काबिलियत का नमूना पेश करने वाली इस शख्सियत का नाम है- सानया गोयल। बुलंद इरादों और कुछ कर गुज़रने की सोच रखने वाली सानया ने साल 2015 में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई खत्म की और साल 2016 में डीजल और पेट्रोलियम के क्षेत्र में कदम रखा और ‘हमसफर’ को लांच किया। हमसफर समृद्धि हाईवे सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड का एक उपभोक्ता ब्रांड है, जो भारी उपकरण और वाहनों के लिए घर-घर में डीजल ईंधन भरने की सेवाएं प्रदान करते हैं। हमसफर इस वक्त भारत भर के 12 राज्यों में सक्रिय है। सुरक्षा और शून्य अपव्यय के आश्वासन के साथ हमसफर उपभोक्ता ब्रांड सभी के लिए एक सुरक्षित वातावरण को सक्षम करते हुए डीजल में अंतिम मील की डिलीवरी में अग्रणी है। हमसफर की फाउंडर डायरेक्टर सानया गोयल का डोरस्टेप डीजल डिलीवरी सेवा का ये कदम लोगों के लिए काफी फायदेमंद साबित हुआ है। हमसफर ब्रांड अब तक किसानों, अस्पतालों, निर्माण स्थलों, होटलों, विनिर्माण और खनन कंपनियों, स्कूलों समेत न जाने ऐसे कितने ही क्षेत्रों में अपनी सेवाएं प्रदान कर चुका है। इसके अलावा हमसफर का मोबाइल ऐप्प भी माॢकट में लांच हो चुका है। फ्यूल हमसफर ऐप्प उपयोग में बेहद आसान है। इसके ज़रिए आप लाइव ट्रैकिंग और स्वचालित बिलिंग, बातचीत को और आसान बनाने और कीमती समय बचाने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। इतना ही नहीं, साल 2018 में कुंडली के पास हमसफर ने अपना एक पंप भी खोला। हमसफर उपभोक्ता ब्रांड में अलग-अलग डिपार्टमेंट्स में इस वक्त तकरीबन 50 लोगों की एक टीम काम कर रही है। सानया का कहना है कि उन्हें अपने इस काम में न सिर्फ अपने माता-पिता का पूरा सपोर्ट मिला। बल्कि माता-पिता ने उनका हाथ पकड़कर उन्हें इस फैमिली बिजनेस में आगे भी बढ़ाया है। ]

स्वास्थ्य के प्रति समाज को जागरूक करती पलक – पलक शाह (न्यूट्रिशनिस्ट और लाइफस्टाइल कंसल्टेंट)

जज्बे, हिम्मत और सोच की बदौलत पलक शाह जीवन की दौड़ में कुछ इस तरह से शामिल हुई कि फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। बतौर पोषण विशेषज्ञ अपने करियर की शुरुआत करने वाली पलक के जीवन में कई मुश्किलात आई, मगर वो डटी रहीं और आगे बढ़ती चली गई। पलक का जन्म अहमदाबाद में हुआ, वो बचपन से स्वास्थ्य को लेकर बेहद सचेत रहीं। बैंगलोर से मास्टर की डिग्री हासिल करने के बाद उन्होंने न्यूट्रिशनिस्ट और लाइफस्टाइल कंसल्टेंट के तौर पर काम करना शुरू कर दिया और न जाने कितने लोगों की जिंदगी को संवारा और उन्हें जीवन जीने का सलीका सिखाया और उनके भविष्य को एक नई दिशा दी। अगर उनके जीवन में पोषण की बात करें, तो उनकी परवरिश कुछ इस तरह से हुई कि बचपन से ही उन्हें बिना फर्माइशों के सबकुछ खाने की आदत थी। दरअसल, अपने माता-पिता की बदौलत बचपन से ही अच्छे स्वास्थ्य के लिए अनुशासन उनके जीवन का आधार बन गया, जो आगे चलकर उन्हें जीवन में सशक्त और सक्षम बनाने में काफी हद तक कारगर साबित हुआ। पलक का मानना है कि हर व्यक्ति एक दूसरे से अलग है, ऐसे में हर कोई एक ही आकार में फिट नहीं हो सकता है। हमें सबसे पहले ये समझना होगा कि किस व्यक्ति की जीवन शैली कैसी है और फिर उसी के हिसाब से उनके जीवन में बदलाव लाए जा सकते हैं। साथ ही स्वास्थ्य एक मानसिक स्थिति है और मानसिक रूप से मजबूत व्यक्ति को ही बेहतर स्वास्थ्य प्राप्त करता है, जो उसका जीवनभर आनंद ले सकता है। पलक अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार और अपने पति को देती हैं। वो कहती हैं कि मेरे लिए सबसे मजबूत समर्थन प्रणाली मेरे अपने ही रहे है, जिन्होंने मुझे मेरे सपनों को प्राप्त करने और उन्हें वास्तविकता में बदलने के लिए मुझे प्रोत्साहित किया है। बतौर पोषण विशेषज्ञ पलक बताती है कि एक स्वस्थ जीवन शैली सुसंगत है और इसमें अनुशासन और धैर्य शामिल है। कम ही लोग समझते हैं कि शरीर और मन का गहरा संबंध है। मन में जो कुछ भी हो रहा है वह हमेशा शरीर को प्रभावित करता है। केवल सुपरफूड और आहार लेने से स्वस्थ जीवन शैली प्राप्त नहीं की जा सकती है। हालांकि लोग स्वस्थ जीवनशैली या एक निश्चित काया प्राप्त करने के लिए अत्यधिक चिंतित रहते हैं। लेकिन ये तब तक संभव नहीं हैं, जब तक हम अपने आप से प्यार नहीं करते। खुद से प्यार और खुद से लगाव हमें स्वस्थ जीवनशैली प्रदान करता हैं।

मुश्किलों को पार कर पहुंची सफलता के मुकाम पर – रूकमणि यादव'(कंटेंट क्रिएटर)

मुश्किलों से भाग जाना आसान होता है,

हर पल जिंदगी का इम्तिहान होता है,

डरने वालों को कुछ नहीं मिलता जिंदगी में

और लड़ने वालों के कदमों में जहां होता है।

ऐसी ही एक शख्सियत है रूकमणि यादव, जो जिंदगी में हर मुश्किल डगर को पार करती हुई एक खास मकाम पर जा पहुंची। दरअसल, कुछ कर गुज़रने का जज्बा, हिम्मत और आगे बढ़ने का जुनून, हर चीज़ इनके किरदार में साफ-साफ नज़र आती है, लेकिन कहते हैं न कमाल को भी इज़हार की दरकार है। और उनकी इस कोशिश में खुदा ने भी उनका पूरा साथ दिया। पिछले साल अपने पति के निधन के बाद रूकमणि पूरी तरह से टूट चुकी थीं। उसी दौरान वो एक जानीमानी वीडियो स्टेट्स ऐप्प शेयरचैट से जुड़ीं और उन्होंने अपना कंटेंट क्रिएट करना शुरू किया। साल 2020 में वो शेयरचैट के संपर्क में आई और इतने कम समय में अब तक उनके इस वीडियो स्टेट्स ऐप्प पर 10K फालोअर्स हैं। रूकमणि ने धीरे-धीरे भजन और गीतों का अनुसरण करना शुरू कर दिया और फिर उसके बाद शेयरचैट पर कंटेंट क्रिएट करना भी शुरू किया। खास बात ये है कि उनका कंटेंट लोग खूब पसंद करते हैं। उनकी इस उपलब्धि ने उन्हें इस कठिन दौर से उबरने में काफी मदद की। रूकमणि का कहना है कि उनकी छोटी बहू की बदौलत वो शेयरचैट से जुड़ पाई। इस मंच के ज़रिए न सिर्फ रूकमणि को कंटेंट क्रिएट करने का मौका मिला, बल्कि समान विचारधारा वाले लोगों से मिली और उनसे बातचीत का अवसर भी मिला। ऐसी परिस्थितियों में वो दु:ख से दूर होती गई और खुद को स्टेट्स वीडियो ऐप्प में व्यस्त कर लिया। रूकमणि ने अपना जीवन आगरा के एक छोटे से गांव में बिताया। भाई बहनों के प्रति प्रेम और स्नेह की भावना रखने वाली रूकमणि अब रोज़ाना शेयरचैट पर 7-8 घंटे बिताती हैं। उन्हें अपने इस काम में अपने परिवार का पूरा सहयोग मिला। रूकमणि का जीवन हमें यही सीख देता है कि जिंदगी की जंग से थककर हार जाना कोई जीना नहीं है, मगर मुश्किलों का सामना करना और एक मकाम पर खुद को साबित करना ही असली जीवन है।

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