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उबटन आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों का खजाना होता है और भारत में तो प्राचीन परम्परा रही है
उबटन मल कर नहाने की। उबटन की सबसे खास बात यही है कि इनमें जिन चीजों का प्रयोग
होता है वो सभी चीजें प्राय: आपकी रसोई की ही होती हैं और इनके कोई साइड इफेक्ट भी नहीं
होते हैं, क्योंकि ये केमिकल रहित होते हैं।

दुलहन की रंगत को निखारने के लिए विशेष प्रकार के उबटन लगाए जाते हैं ताकि वो चांद के समान दमके। ये उबटन दुलहन के साथ-साथ आप भी लगा सकती हैं। ब्यूटीशियन शहनाज हुसैन का कहना है कि मैं हर महिला को रोजाना उबटन प्रयोग करने की सलाह देती हूं, क्योंकि उबटन से
जो स्थायी सुंदरता व त्वचा को पोषण मिलता है वो किसी भी क्रीम, लोशन से नहीं मिल सकता।

1 हल्दी उबटन दाग-धब्बों व झाइयों के कारण अगर त्वचा कांतिहीन हो रही हो तो हल्दी के उबटन का प्रयोग करें, क्योंकि हल्दी ग्लोइंग टॉनिक का काम करती है।

हल्दी उबटन बनाने की विधि ऑयली स्किन के लिए: एक चम्मच हल्दी, एक चम्मच बेसन, एक बड़ा चम्मच ताजा दही को मिलाकर पेस्ट बना लें। उसे 10-15 मिनट तक चेहरे, गर्दन, बांहों पर लगाएं, जब ये सूख जाए तो रगड़कर इसको उतार दें व साफ पानी से चेहरा, गर्दन और हाथों को धो लें।

ड्राई स्किन के लिए: एक चम्मच हल्दी में गुलाब जल (जरूरत के अनुसार) मिलाकर पेस्ट बनाएं। इसमें 5 बूंद जैतून के तेल की डालें, चेहरे व शरीर के अन्य भागों पर लगाएं। 10-15 मिनट तक लगाकर रखें। सूखने पर उतारकर ठंडे पानी से धो लें व स्नान करें।

सेंसिटिव स्किन: एक चम्मच हल्दी में एक पका केला अच्छी तरह मैश करें और थोड़ा पतला पेस्ट बना लें, फिर इसको चेहरे व पूरे बदन पर धीरे-धीरे मलें। 10-15 मिनट लगाकर ठंडे पानी से धो कर साफ करें व स्नान करें।

हल्दी से बने ये तीनों ही उबटन आप सह्रश्वताह में दो बार प्रयोग कर सकते हैं।

लाभ: हल्दी में एंटी ऑक्सीडेंट, एंटी बैक्टीरिया और एंटी फंगल गुण पाए जाते हैं, जो त्वचा संबंधी रोगों से बचाते हैं। इसके साथ ही हल्दी में प्रोटीन, विटामिन, पोटेशियम, कैल्शियम आदि पोषक तत्त्व भी पाए जाते हैं, जो उबटन के माध्यम से शरीर के अंदर जाकर शरीर को मजबूती देते हैं व रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाते हैं। बढ़ती उम्र को थामने में भी हल्दी अपना सहयोग देती है। सबसे बड़ी बात हल्दी पूरी तरह हर्बल होती है।

2 सरसों उबटन अगर आप चाहती हैं कि आपकी त्वचा सोने जैसी चमकने लगे तो इसके लिए सरसों का उबटन लगाएं। पीली सरसों के छोटे-छोटे दानों से बने उबटन का असर जल्दी व लंबे समय तक
रहता है। ये मृत त्वचा को तुरंत उतार फेंकता है। ये उबटन बहुत ही आसानी से बना सकते हैं।

इसके लिए एक कप पीली सरसों को पीस लें, पेस्ट बनाने के लिए थोड़ा-सा गुलाब जल या पानी डालें, फिर इस पेस्ट में एक बड़ा चम्मच ताजा दही डालकर मिलाएं व चेहरे, हाथ व बदन पर लगाएं और मलें। आप देखेंगे कि कुछ ही देर में उबटन के पीले रंग में परिवर्तन होगा और तब आप उबटन को मल-मलकर उतारेंगे तो वो एक दम काला हो जाएगा, जिससे आप स्वयं ही देखेंगे कि आपकी त्वचा में तुरंत ही निखार आ जाता है।

सरसों के उबटन को थोड़ा-सा गर्म माना जाता है, क्योंकि सरसों गर्म तासीर की होती है इसलिए वो तुरंत अपना असर त्वचा पर दिखाती है। इसका प्रयोग ऑयली व ड्राई स्किन वाले लोग सह्रश्वताह में दो बार व सेंसिटिव स्किन वाले एक बार करें।

लाभ: सरसों में मौजूद विटामिन व एंटी बैक्टीरियल एजेंट हमारी त्वचा को हाइड्रेट करते हैं। साथ ही, ये त्वचा को नुकसान पहुंचाने वाली यूवी किरणों से भी बचाते हैं और एक रक्षा कवच बनाकर फ्री रेडिकल्स से बचाव करते हैं।

स्किन के पोर्स में भरी गंदगी को बाहर निकालकर पोर्स को खोल देते हैं ताकि त्वचा सांस ले सके और चमकदार बने। मुंहासे और ब्लैक हेड्स को भी सरसों का उबटन मास्क दूर करता है और त्वचा को ताजगी से भर देता है।

3 बेसन उबटन बेसन का उबटन मृत त्वचा को भी निकालता है और झाइयों को भी दूर करता है। एक कटोरी बारीक पिसा शुद्ध बेसन, एक छोटा चम्मच हल्दी, एक बड़ा चम्मच दही, एक चम्मच सरसों का तेल, आधा छोटा चम्मच नमक, पानी या गुलाबजल को मिला लें, फिर 15-20 मिनट तक चेहरे व बदन पर लगाएं और सूखने पर धीरे-धीरे कच्चे दूध या पानी की मदद से निकालें और साफ पानी से अच्छे से स्नान करें। सह्रश्वताह में तीन बार प्रयोग करें।

बेसन में विटामिन बी-1, बी-2, बी-9 प्रचुर मात्रा मे होता है, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस भी भरपूर होता है, जो त्वचा को भरपूर पोषण दे कर उसकी गंदगी दूर करके त्वचा को निखारता है व इसमें पाया जाने वाला फोलिक ऐसिड कील-मुंहासों को दूर करता है, दाग-धब्बे भी मिटाता है।

4 चंदन उबटन चंदन का उबटन शाही उबटनों में प्रथम स्थान पाता है, क्योंकि शुद्ध चंदन से बनाया गया उबटन चेहरे को सॉफ्ट और ग्लोइंग बनाता है। ये त्वचा संबंधी बीमारियों को दूर करता है। चंदन का उबटन बनाने के लिए एक चम्मच शुद्ध चंदन पाउडर लें, उसमें ताजा दूध एक चम्मच डालें व एक चम्मच ही गुलाब जल या केवड़ा जल मिलाएं।

ताजा लाल गुलाब की पंखुड़ियों को पीस कर मिलाएं, फिर सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाकर जो पेस्ट बनेगा उसको चेहरे, गर्दन व बदन पर लगाएं। जब सूख जाए तो दही या पानी से रगड़कर उतार दें और साफ पानी से स्नान करें।

अगर बारीक, शुद्ध, साफ चंदन पाउडर आपको नहीं मिल रहा हो तो चंदन की लकड़ी को पत्थर पर पानी डालकर घिसें और अपनी सुविधानुसार पेस्ट बना लें और उस चंदन पेस्ट में बाकी सभी चीजें मिलाकर चंदन उबटन बना लें। लाभ: चंदन एक प्राकृतिक औषधि है। आयुर्वेद चंदन के लाभों से भरा पड़ा है। चंदन त्वचा के दाग-धब्बों, मुंहासों व डार्क सर्कल्स, झाइयों को बहुत ही सरलता से दूर कर देता है।

5 केसर उबटन : शाही उबटन माना जाता है केसर उबटन को। केसर चूंकि बहुत महंगी होती है, साथ ही आज नकली केसर ज्यादा मिलती है बाजार में इसलिए केसर उबटन बनाना आसान नहीं है, जो
शुद्ध व महंगी केसर ले सकते हैं वो इस उबटन को जरूर प्रयोग करें। केसर चेहरे में एक अलग
ही आभा प्रदान करती है।

त्वचा संक्रमण को रोकती है, केसर उबटन बनाने के लिए शुद्ध 8-10 केसर के बाल लें, उसमें ताजा लाल गुलाब की पिसी पंखुड़ी का रस लगभग एक चम्मच डालें। एक चम्मच ताजी क्रीम व थोड़ासा गुलाब जल डालें। इन सबको मिलाकर पेस्ट बनाएं और चेहरे पर व गर्दन पर 10-20 मिनट लगाएं। इसके बाद जब ये सूख जाए तो दूध से मालिश करके उतार दें।

इस उबटन से मिलेगी जवां रंगत केसरी आभा से युक्त। लाभ: केसर में क्रोसिन, फोलोरेक्टल पाया जाता है, जो कि टेनिंग को दूर करके त्वचा में जवानी का रंग भरता है। साथ ही इसमें पाए जाने वाले विटामिन-सी, ए, व मैगनीज, आयरन त्वचा की हर तरह से रंगत को निखारते हैं।

इन उबटनों का इस्तेमाल आप हमेशा कर सकती हैं। ब्यूटी पार्लर के जमाने में भी उबटन लगाने की पुरानी परंपरा कायम है क्योंकि ये आपकी त्वचा को प्राकृतिक तरीके से निखारती है और बढ़ती उम्र को भी छिपाती है।

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