Overview: चेहरे की खूबसूरती बढ़ाने वाली लिपस्टिक न बन जाए मुसीबत, हो जाएं सावधान
लिपस्टिक महिलाओं की सुंदरता बढ़ाती है, लेकिन इसमें मौजूद हानिकारक कैमिकल स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकते हैं।
Side Effects of Lipstick: लिपस्टिक महिलाओं की खूबसूरती का एक अहम हिस्सा है। यह न केवल चेहरे को आकर्षक बनाती है, बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ाती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा कि आपकी पसंदीदा लिपस्टिक में क्या-क्या होता है? महिलाएं दिन में कई बार लिपस्टिक लगाती हैं और अनजाने में इसे थोड़ा-बहुत निगल भी जाती हैं। एक औसत महिला अपने जीवनकाल में लगभग 4 पाउंड लिपस्टिक निगल लेती है। इतनी बड़ी मात्रा को देखते हुए, क्या यह जरूरी नहीं कि हम यह सुनिश्चित करें कि प्रतिदिन उपयोग की जाने वाली लिपस्टिक आपके लिए सुरक्षित है या नहीं। तो चलिए जानते हैं इसके बारे में।
लिपस्टिक से हो सकता है सेहत को खतरा

लिपस्टिक का चटक रंग और आकर्षक लुक भले ही महिलाओं को खुशी दे, लेकिन कई बार यह नुकसान भी पहुंचा सकती है। कई शोध से पता चलता है कि आपकी लिपस्टिक आपके मासिक धर्म में होने वाली देरी का कारण बन सकती है। अगर लिपस्टिक की पैकेजिंग पर मिथाइल पैराबिन और प्रोपिल पैराबिन ये दो शब्द दिखें, तो लिपस्टिक तुरंत फेंक दें। इन दोनों कैमिकल का उपयोग प्रिजर्वेटिव के तौर पर किया जाता है ताकि प्रोडक्ट लंबे समय तक खराब न हो। खासकर सस्ती या लोकल लिपस्टिक में कई ऐसे कैमिकल होते हैं जो आपके हार्मोन्स को प्रभावित कर सकते हैं।
क्या है सबसे बड़ा खतरा
लिपस्टिक में मौजूद बीपीए यानी बिस्फेनॉल ए है, जो प्लास्टिक पैकेजिंग में पाया जाता है। ये कैमिकल एस्ट्रोजन की कॉपी करता है और आपके हार्मोन को भ्रमित करता है। इसके अलावा मिथाइल पैराबेन और प्रोपिल पैराबेन कैमिकल भी कई बीमारियों को न्यौता दे सकते हैं।
क्या लिपस्टिक सुरक्षित है
लिपस्टिक रोजमर्रा के उपयोग के लिए सुरक्षित होती है। आधुनिक लिपस्टिक में विटामिन ई, स्क्वालेन या प्राकृतिक तेल जैसे मॉइस्चराइजिंग तत्व होते हैं जो सुरक्षित हैं। लेकिन बार-बार लगाने से, खासकर बिना मॉइस्चराइजिंग बेस के, होंठ सूख सकते हैं या जलन हो सकती है। कुछ लिपस्टिक में लेड या कैडमियम जैसे भारी धातु भी कम मात्रा में हो सकती है, जो लंबे समय तक होंठों के लिए हानिकारक हैं।
कैमिकलबेस लिपस्टिक के जोखिम

– कैमिकलबेस लिपस्टिक में सिंथेटिक तत्व होते हैं जो मैट फिनिश, लंबे समय तक टिकने वाला प्रभाव और चटक रंग प्रदान करते हैं।
– केमिकलबेस लिपस्टिक में सुगंध के लिए शामिल किए गए तत्व होंठों को परेशान कर सकते हैं।
– इस प्रकार की लिपस्टिक में लेड भारी मात्रा में होता है। जो तंत्रिका तंत्र को नुकसान पहुंचा सकता है, खासकर गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए।
– पैराबेन्सयुक्त लिपस्टिक प्रिजर्वेटिव्स हार्मोन्स को बाधित कर सकते हैं और कुछ अध्ययनों में इन्हें स्तन कैंसर से जोड़ा गया है।
– थैलेट्स, ये लिपस्टिक को होंठों पर चिपकाने में मदद करते हैं, लेकिन हार्मोनल कार्यप्रणाली को बाधित कर सकते हैं।
– मिनरल ऑयल/पेट्रोलेटम नमी को रोकते हैं, लेकिन होंठों को पोषक तत्वों से वंचित कर सकते हैं।
– सिंथेटिक डाई ये रंग कोयला या पेट्रोलियम से बनते हैं और एलर्जी या कैंसर का कारण बन सकते हैं।
लिपस्टिक के लेबल पर दें ध्यान
लिपस्टिक के लेबल पर लिखे वैज्ञानिक शब्द भ्रमित कर सकते हैं इसलिए “लेड-फ्री” और “पैराबेन-फ्री” जैसे कीवर्ड देखें। सुगंध से सावधान रहें, यह कई रसायनों को छिपा सकता है। पैराबेन और मिथाइल जैसे कैमिकल से बचें। सस्ती लिपस्टिक कभी न इस्तेमाल करें।
लिपस्टिक खरीदते समय बरतें सावधानी
– लिपस्टिक खरीदते समय ब्रॉन्ड पर करें फोकस।
– सस्ती और खुशबू वाली लिपस्टिक से दूर रहें।
– लिपस्टिक खरीदने से पहले उसके इंग्रीडिएंट्स को जरूर पढ़ें।
– ऐसी लिपस्टिक या लिप बाम खरीदें जिसे एसपीएफ की मात्रा अधिक हो।
