किशोरों के लिए अपनी लिखावट सुधारने के 5 टिप्स
किशोरों के लिए अपनी लिखावट सुधारने के 5 टिप्स

लिखावट भी हमारे व्यक्तित्व का हिस्सा होती है और अगर हमारी लिखावट अच्छी होती है तो हम दूसरे व्यक्ति पर अपनी एक गहरी छाप छोड़ सकते हैं। लेकिन, यह भी एक कड़वा सच है कि आज के दौर में बच्चे पेपर पर कम और गैजेट्स पर ज्यादा उंगलियों से काम लेते हैं, शायद एक यह भी वजह है कि उनकी लिखावट के स्तर में कमी आई है। जहां एक तरफ गन्दी लिखावट से उनके नंबर काटेंगे वहीं उनके फर्स्ट इम्प्रैशन पर भी इससे बहुत फर्क पड़ेगा।

लेकिन, आप कितने ही आधुनिक दौर में चले जाएं आपको कभी ना कभी पेन और कॉपी की जरूरत तो पड़ेगी ही। आज के बच्चों को यह बात समझनी बहुत जरूरी है। जैसे कि एग्जामिनेशन हॉल में जहां रफ्तार के साथ उनको पूरा पेपर सॉल्व करना होता है। ऐसे में यदि उनकी हैंडराइटिंग गंदी होगी तो पेपर चेक करने वाले टीचर को भी समस्या आएगी। भले ही बच्चे ने जवाब सही दिया हो, लेकिन उसकी लिखावट की वजह से उसके नंबर कट सकते हैं।

सुंदर लिखावट की वजह से आपका आत्मविश्वास भी बढ़ता है। यदि आपके बच्चे की लिखावट गंदी है या वह बहुत जल्दबाजी में लिखता है तो आप निम्नलिखित Kids handwriting Practice टिप्स से उसकी लिखावट में सुधार कर सकती हैं।

सबसे पहले बुरी लिखावट का कारण पता करें

सबसे पहले बुरी लिखाई का कारण पता करें

अच्छी लिखाई लिखवाने से पहले आपको यह पता होना चाहिए कि बच्चे की बुरी लिखाई का कारण क्या है। इसके कई कारण हो सकते हैं, जैसे पेन पर पकड़ मजबूत न होना, ध्यान का न लगना आदि। सबसे पहले उन्हें शांति में एक लेख लिखने को बोलें। उस समय उनकी बुरी लिखाई का कारण ढूंढें कि क्या वह लाइंस से बाहर लिख रहा है या टेढ़े अक्षर लिख रहा है। यह कारण पता करके उनकी लिखाई सुधरवाएं।

पेन की पकड़ मजबूत बनाएं

पेन की पकड़ मजबूत बनाएं

कई बार पेन पकड़ने का ढंग भी बच्चे की लिखाई बुरी होने का कारण होता है। अगर आपका बच्चा पेन को मजबूती से नहीं पकड़ता है तो इससे भी उसकी लिखाई में काफी खराबी देखने को मिल सकती है। उसे पेन पकड़वाते समय यह सुनिश्चित करवाएं कि वह अंगूठे और पहली दो उंगलियों का प्रयोग जरूर कर रहा हो। साथ ही, ध्यान दें कि वह पेन को ज्यादा ऊपर से भी न पकड़े।

बच्चे के बैठने के ढंग पर भी ध्यान दें

बच्चे के बैठने के ढंग पर भी ध्यान दें

अगर बच्चा अच्छे से बैठ कर लिखता है तो भी उसकी लिखाई अच्छी आने में मदद मिलती है। इसलिए जब भी आपका बच्चा लिखाई करता है तो ध्यान रखें कि उसके पैरों को सही सहारा मिला हुआ हो, उसकी कमर सीधी हो और वह डेस्क पर बिल्कुल सीधा बैठा हो ताकि अच्छे से कॉपी पर लिख सके।

सही पेन का चुनाव करें

सही पेन का चुनाव करें

आपका बच्चा किस चीज से लिख रहा है यह भी उसकी लिखाई को प्रभावित करता है। अगर बच्चे के पास अच्छा पेन है जिसकी टिप भी काफी शार्प है तो अपनेआप ही उसकी अच्छी लिखाई आएगी, लेकिन अगर वह अपने अनुसार आरामदायक पेन का चुनाव नहीं करता है तो इससे लिखाई खराब आ सकती है।

राइटिंग वर्क शीट का प्रयोग करें

राइटिंग वर्क शीट का प्रयोग करें

अगर आपके बच्चे की लिखावट बाकी टिप्स के बाद भी अच्छी नहीं आ रही है तो आप बाजार में से उसके लिए काफी सारी वर्क शीट लेकर आ सकते हैं, जिसमें बच्चे की कर्सिव राइटिंग अच्छी बनने में मदद मिलती है। एक तरह से बार-बार अभ्यास के माध्यम से उसकी लिखाई अच्छी करने का प्रयास किया जाता है।

तो यह थे कुछ मामूली ऐसे नियम जिनको जान लेने से अच्छी लिखाई लिख पाने में बच्चे को काफी मदद मिलती है। इसके अलावा आप और भी कुछ टिप्स का पालन कर सकते हैं जैसे उसके हाथ की मसल पर फोकस करें कि वह लिखते समय कैसी रहती है। उसकी कर्सिव लिखाई लिखने का ढंग देखें क्योंकि हो सकता है वह अलग तरह से अक्षर बनाने की कोशिश करता हो, जिस कारण उसकी खराब लिखाई आ रही हो। साथ ही, बार-बार अभ्यास करने से बच्चे की लिखाई अपने आप ही पहले से अधिक सुधर जाएगी।

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